
NH 162E highway project : मेवाड़ क्षेत्र में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा अब और अधिक सुगम होने वाली है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 162-ई (NH-162E) का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। 142 किलोमीटर 228 मीटर लंबा यह राजमार्ग करीब ₹800 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है, जो धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में जोड़ेगा। यह राजमार्ग उन लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा, जो मेवाड़ में नाथद्वारा स्थित प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन, हल्दीघाटी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की रणस्थली, कुंभलगढ़ दुर्ग (प्रताप की जन्मस्थली) और गढ़बोर में चारभुजानाथ के मंदिर की यात्रा करते हैं। इन सभी स्थलों को जोड़ने वाला यह मार्ग ना केवल आवागमन को सहज बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को भी नया आयाम देगा। निर्माणाधीन यह हाईवे अब धीरे-धीरे आकार ले रहा है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र और भी अधिक सुव्यवस्थित और संपर्क-संपन्न होगा। राजमार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात गति में सुधार होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी सामाजिक-आर्थिक विकास का अवसर मिलेगा।

2 पैकेज में बांटा गया राष्ट्रीय राजमार्ग-162E का निर्माण कार्य
Charbhuja to Bhatewar highway राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन बन रही इस सड़क की सीमा में आने वाली भूमियों और भवनों का अवाप्ति कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों को इंतजार है तो सिर्फ इस सुगम और आरामदायक सफर के लायक सड़क के पूर्ण निर्माण का।
निर्माण कार्य को दो पैकेजों में बांटा गया है:
पैकेज-1:
चारभुजा से केलवाड़ा, लोसिंग, हल्दीघाटी–खमनोर होते हुए निचली ओडन तक।
- लंबाई: 88 किलोमीटर 800 मीटर
- पुलियां: कुल 255 छोटी पुलियाएं, जिनमें से 90% का काम पूरा
- ब्रिज: 23 (मेजर और माइनर), जिनमें 21 पूर्ण, 2 निर्माणाधीन
- अंडरपास: कुल 3 (दो बड़े – केलवाड़ा व ओलादर, एक छोटा – बरवाड़ा)
- डामरीकरण: अब तक 60 किलोमीटर से अधिक हो चुका है
- लागत: लगभग ₹400 करोड़
- कार्यावधि: सितंबर 2025
- प्रगति: कार्य का लगभग 75% हिस्सा पूर्ण
आंकड़े जनवरी महीने तक के हैं, इसमें बदलाव संभव है।
पैकेज-2:
निचली ओडन से मावली, वल्लभनगर होते हुए भटेवर तक।
- लंबाई: 53 किलोमीटर 340 मीटर
- पुलियां: प्रस्तावित 113 छोटी-बड़ी पुलियाएं
- ब्रिज: कुल 5 (मेजर-माइनर)
- अंडरपास: 2 (ओडन और मावली के पास)
- रेलवे ओवरब्रिज: 3 प्रस्तावित
- 2 मावली जंक्शन के पास
- 1 वल्लभनगर में रेलवे लाइन क्रॉसिंग पर
- लागत: लगभग ₹200 करोड़
- कार्यावधि: अक्टूबर 2026
एनएचएआई अधिकारियों और संवेदक (ठेकेदार) का कहना है कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयावधि के भीतर ही पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-162ई पर बनेंगे 3 टोल प्लाजा
800 crore highway project निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 162-ई (NH-162E) पर सफर करने वाले पर्यटकों व अन्य वाहनों (टू-व्हीलर को छोड़कर) को निर्धारित यात्रा शुल्क देना होगा। पूरे 142 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कुल 3 टोल प्लाजा बनाए जाने की योजना है।
इनमें से दो टोल प्लाजा के स्थान लगभग तय कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे टोल की स्थिति अभी प्रस्तावित है:
- ✅ पहला टोल प्लाजा –
बलीचा राजस्व गांव, खमनोर-हल्दीघाटी क्षेत्र में रेबारियों की ढाणी के पास स्थापित किया जाएगा। - ✅ दूसरा टोल प्लाजा –
कुंभलगढ़ क्षेत्र, राजसमंद में ओलादर और मजेरा के बीच बनेगा। - 📝 तीसरा टोल प्लाजा (प्रस्तावित) –
वल्लभनगर के आसपास बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।
इन टोल प्लाजा के माध्यम से सड़क पर चलने वाले कार, जीप, बस, ट्रक सहित सभी वाणिज्यिक और निजी चारपहिया वाहनों से शुल्क वसूला जाएगा, जबकि दोपहिया वाहन इससे मुक्त रहेंगे।
अब मिलेगा चौड़ी और सुगम सड़क का लाभ
पहले की स्थिति:
NH 162E construction status राष्ट्रीय राजमार्ग-162ई (NH-162E) के निर्माण से पहले निचली ओडन से खमनोर–हल्दीघाटी, कुंभलगढ़ और चारभुजा तक पहाड़ी इलाकों में सड़क की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। अधिकांश हिस्सों में सड़क की चौड़ाई केवल 3 मीटर, और कहीं-कहीं अधिकतम 5 मीटर तक ही सीमित थी।
इस वजह से यात्रियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था:
- संकरी पुलियाओं पर दो वाहनों का साथ निकलना कठिन
- बारिश के समय पानी के बहाव से सड़क कटाव और क्षति
- खराब सड़कें, खासकर मोड़ों और चढ़ाई वाले क्षेत्रों में
Highway development near Nathdwara : अब की योजना और सुधार:
नए निर्माण के तहत सड़क को लगभग दोगुना चौड़ा किया जा रहा है। यह मार्ग अब तकनीकी मानकों के अनुसार 10 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें दो लेन + पेव्ड शोल्डर की सुविधा शामिल है।
इससे यात्रियों को मिलेगा:
- सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव
- वाहनों के आवागमन में सहजता
- वर्षा में सड़क टूटने या बहने की समस्या से राहत
- पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर पहुंच
दावा किया जा रहा है कि इस चौड़ी और आधुनिक सड़क से न केवल आवागमन में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी नया आयाम मिलेगा।



