
Old Man Murder : राजसमंद जिले में आमेट थाना क्षेत्र में आइडाणा पंचायत के ओडा की भागल, गुगली (सोमतलिया) में सोमवार को जमीन के एक छोटे टुकड़े को लेकर उपजे विवाद में वृद्ध महिला का एक व्यक्ति से तीखी तकरार, बहस के बाद झगड़ा हो गया। झगड़े को देख बीच बचाव के लिए पहुंचे वृद्ध को आवेश में आकर व्यक्ति ने धक्का देकर हत्या कर डाली। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया, जबकि पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना करते हुए हत्या का प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
Amet Police Station : आमेट थाने के सहायक उप निरीक्षक हीरसिंह ने बताया कि आईडाणा पंचायत में ओडा की भागल, गुगली के सोमतलिया में एक कमरे के जितना जमीन का टुकड़ा है, जिसके मालिकाना हक को लेकर मिठूबाई गुर्जर और प्रभुलाल गुर्जर के बीच विवाद है। इसके चलते मिठूबाई व प्रभुलाल के बीच तीख तकरार, बहस के साथ लड़ाई झगड़ा शुरू हो गया। इस पर वृद्ध महिला मिठूबाई गुर्जर का देवर 65 वर्षीय ओगुलाल पुत्र तुलसाराम गुर्जर बीच बचाव करने के लिए मौके पर पहुंच गया। इस पर प्रभुलाल गुर्जर ने आवेश में आकर ओगुलाल गुर्जर को धक्का दिया, जिससे वजह दीवार से टकराकर नीचे गिर पड़ा और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
Rajsamand Police : इस तरह ओगुलाल गुर्जर की मौत के बाद आरोपी प्रभुलाल गुर्जर मौके से फरार हो गया। सूचना पर आमेट थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना करते हुए सभी पहलुओं पर गहन जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक ओगुलाल गुर्जर के पुत्र रमेश गुर्जर, मृतक का भतीजा सुरेश गुर्जर व वृद्ध महिला मिठूबाई से पूछताछ की गई। आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव का पोस्टमार्टम करवाया। फिर शव परिजनों को सौंपने के साथ ही पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज करते हुए सभी पहलुओं पर गहन जांच शुरू कर दी। मौके से फरार हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
गांव में सनसनी, शव की कर रहे अंतेष्टी
Crime News : जमीन विवाद में ओगुलाल गुर्जर की हत्या से ओड़ा की भागल, गुगली में सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को पैतृक गांव लाया गया। घर पर कोहराम मच गया। फिर ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। साथ ही हमलावर आरोपी की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया है।
इस सामाजिक बीमारी का क्या है इलाज ?
Crime Alert : राजसमंद के आइडाणा पंचायत में जमीन के एक छोटे से टुकड़े ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज के चेहरे पर रिश्तों की कड़वाहट का एक और दाग छोड़ दिया। ओडा की भागल, गुगली में मिठूबाई और प्रभुलाल गुर्जर के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ विवाद उस वक्त खूनी मंजर में तब्दील हो गया, जब बीच-बचाव करने पहुंचे 65 वर्षीय ओगुलाल गुर्जर को प्रभुलाल ने धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है, जहां मामूली विवाद ने रिश्तों को तार-तार कर हत्या जैसे जघन्य अपराध को जन्म दिया हो। आखिर क्या हो गया है हमारे समाज को, जहां एक कमरे जितनी जमीन के लिए इंसानियत और रिश्ते दांव पर लग जाते हैं? जमीन का यह टुकड़ा सिर्फ मिट्टी और पत्थर का नहीं, बल्कि लालच, अहंकार और दुश्मनी का प्रतीक बन गया। मिठूबाई और प्रभुलाल के बीच तीखी तकरार ने न केवल परिवार की एकता को चकनाचूर किया, बल्कि एक वृद्ध की जान भी ले ली। ओगुलाल, जो अपने देवर के रूप में शांति स्थापित करने आए थे, उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी कदम होगा? प्रभुलाल का वह धक्का सिर्फ ओगुलाल को नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं को दीवार से टकराकर चूर-चूर कर गया। यह घटना बताती है कि कैसे छोटी-छोटी बातें, जब लालच और गुस्से की आग में जलती हैं, तो रिश्तों को राख कर देती हैं।
हमारा समाज, जो कभी आपसी भाईचारे और रिश्तों की मिठास के लिए जाना जाता था, आज दुश्मनी के जहर से इस कदर ग्रस्त हो चुका है कि एक छोटा सा विवाद भी खून-खराबे का कारण बन जाता है। गांव में सनसनी, परिवार में कोहराम और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार—यह सब उस सामाजिक ताने-बाने की बुनियाद को कमजोर करता है, जो हमें जोड़े रखता है। प्रभुलाल जैसे लोग, जो आवेश में आकर हत्या जैसे कुकृत्य को अंजाम दे फरार हो जाते हैं, समाज के लिए एक चेतावनी हैं। यह चेतावनी है कि अगर हमने समय रहते अपने भीतर के लालच और क्रोध को नहीं रोका, तो आने वाली पीढ़ियां रिश्तों की बजाय सिर्फ कड़वाहट और खून के धब्बे ही देखेंगी।
पुलिस की तलाश और जांच अपनी जगह, लेकिन सवाल यह है कि क्या कानून की सख्ती इस सामाजिक बीमारी का इलाज कर पाएगी? जब तक हम अपने दिलों से दुश्मनी का जहर नहीं निकालेंगे, तब तक ऐसी घटनाएं हमें बार-बार झकझोरती रहेंगी। यह वक्त है आत्ममंथन का, यह वक्त है रिश्तों को फिर से गूंथने का, वरना हमारी जमीनें खून से लाल होती रहेंगी और हमारे घर कोहराम से गूंजते रहेंगे।
