
Operation Sindoor : पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा हाल ही में की गई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विशेष रूप से बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जैसे सीमावर्ती जिलों में स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में 8 मई से अगले आदेश तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
बीकानेर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
Rajasthan Mock Drill : बीकानेर के एयरपोर्ट पर गुरुवार को भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवाई अड्डे की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया है। डैनिक भास्कर के अनुसार, बीकानेर एयरपोर्ट पर पुलिस बलों की तैनाती के साथ-साथ नियमित गश्त और निगरानी भी बढ़ा दी गई है। इस कदम का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को तुरंत नियंत्रित करना है।
शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश
Black out Rajasthan : राज्य सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती छह जिलों—जोधपुर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और बीकानेर—में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। जोधपुर में न केवल स्कूल, बल्कि सभी कॉलेज भी 8 मई से अगले आदेश तक बंद रहेंगे। बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में अवकाश की घोषणा की है। यह आदेश कक्षा 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा।
इसी तरह, जैसलमेर के जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत ने भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में 8 मई से अवकाश घोषित किया है। श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और बीकानेर की जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने भी अपने-अपने जिलों में स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम अभिभावकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
हवाई सेवाओं पर प्रभाव
poonch attack : वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए बीकानेर, किशनगढ़ (अजमेर) और जोधपुर हवाई अड्डों से 10 मई 2025 तक सभी उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। जयपुर हवाई अड्डे से गुरुवार को चार फ्लाइट्स को रद्द किया गया, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान सीमा के निकटवर्ती राज्यों की ओर जाने वाली थीं। इंडिगो एयरलाइंस ने बीकानेर में अपनी सभी उड़ानों को 10 मई तक रद्द करने की घोषणा की है। यह निर्णय हवाई यात्रा की सुरक्षा और संवेदनशील स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है।
रेलवे और आपदा प्रबंधन के निर्देश
उत्तर-पश्चिम रेलवे ने भी इस संकट की घड़ी में अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। रेलवे प्रशासन ने सभी स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय किए हैं। गृह विभाग ने आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- चिकित्सा सुविधाएं: सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, डॉक्टर और अन्य चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लड बैंकों में रक्त का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- ईंधन और खाद्य सामग्री: पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार रखने के आदेश हैं। बीकानेर जिला प्रशासन ने प्रत्येक पेट्रोल पंप को 2000 लीटर पेट्रोल और 5000 लीटर डीजल का रिजर्व स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गोदामों में पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
- सुरक्षा व्यवस्था: अस्पतालों, बिजली संयंत्रों, तेल और गैस डिपो, पाइपलाइनों और धार्मिक स्थलों की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
ब्लैकआउट और निगरानी
जोधपुर और जैसलमेर में सुरक्षा कारणों से बुधवार रात 12 बजे से गुरुवार सुबह 4 बजे तक ब्लैकआउट लागू किया गया। इस दौरान जोधपुर डिस्कॉम ने पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त करती रहीं और जहां कहीं लोग बैटरी या अन्य साधनों से रोशनी कर रहे थे, वहां जाकर उन्हें समझाया गया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन का पूरा सहयोग किया और रोशनी बंद कर दी।
सोशल मीडिया पर सख्ती
गृह विभाग ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री या राष्ट्रविरोधी पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। यह कदम सामाजिक शांति और एकता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था
राजस्थान की 1037 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और वायुसेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बीएसएफ ने जीरो लाइन पर अपनी गश्त बढ़ा दी है और अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। जवानों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने, यहां तक कि गोली चलाने की भी छूट दी गई है। इसके अलावा, एंटी-ड्रोन सिस्टम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ को रोका जा सके।
वायुसेना के लड़ाकू विमान जोधपुर, उत्तरलाई, जैसलमेर, नाल और फलोदी जैसे पश्चिमी क्षेत्र के एयरबेस से लगातार उड़ान भर रहे हैं। सुखोई 30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक विमानों के साथ श्रीगंगानगर से लेकर रण ऑफ कच्छ तक की सीमा पर कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रमुख शहरों में हवाई रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) को सक्रिय कर दिया गया है, जो किसी भी हवाई हमले को नाकाम करने में सक्षम है।

सरहदी गांवों की स्थिति
बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के आईजी एमएल गर्ग ने बताया कि सरहदी गांवों को खाली करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। हालांकि, इन गांवों के निवासियों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आपातकाल में इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तुरंत स्थानांतरित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए बैकअप के रूप में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
पाकिस्तानी सीमा पर तनाव
पाकिस्तान की ओर से खाजूवाला, श्रीगंगानगर, रहिमयार खान, सादिकाबाद, बहावलपुर, फोर्ट अब्बास जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य जमावड़ा बढ़ने की खबरें हैं। इन क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिसके जवाब में भारत ने भी अपनी सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत किया है। बीएसएफ और वायुसेना की संयुक्त निगरानी के साथ ही थल सेना भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। स्कूल-कॉलेज बंद, उड़ानें रद्द, और ब्लैकआउट जैसे कदम राज्य सरकार और प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं। सीमा पर बीएसएफ और वायुसेना की चौकसी, साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां, यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह या भड़काऊ सामग्री से बचें।



