
Pahalgam Terrorist Attack : जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार दोपहर को हुआ आतंकी हमला अब तक का सबसे भीषण माना जा रहा है, जो पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा हमला बनकर सामने आया है। इस हमले में कम से कम 27 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
🔴 हमले का समय और स्थान
यह दिल दहला देने वाला हमला मंगलवार को दोपहर 2:45 बजे हुआ। आतंकियों ने बैसरन घाटी में अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घाटी में मौजूद सैकड़ों पर्यटकों में भगदड़ मच गई। गोलियों की आवाज़ सुनते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।
🎯Kashmir tourist attack : हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली
Kashmir tourist attack : इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी विंग The Resistance Front (TRF) ने ली है। शुरुआती जांच के मुताबिक हमले को अंजाम देने वाले दो विदेशी और दो स्थानीय आतंकवादी थे। हमले के तुरंत बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए।
🧠 इंटेलिजेंस इनपुट और सेना की कार्रवाई
इंटेलिजेंस सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने हमले के पहले टूरिस्ट्स से उनके नाम पूछे और कलमा पढ़ने के लिए कहा। इसके बाद उन्हें गोली मारी गई। एक पर्यटक शुभम द्विवेदी जो उत्तर प्रदेश के निवासी थे, उन्हें नाम पूछने के बाद सिर में गोली मार दी गई। हमले के बाद भारतीय सेना ने तत्काल क्षेत्र को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों को मार गिराया गया।
🧳 kashmir news : कई राज्यों और देशों से आए थे पर्यटक
kashmir news हमले में मारे गए पर्यटकों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल और UAE के एक-एक पर्यटक और दो स्थानीय निवासी भी इस हमले का शिकार हुए।
⚠️ Terrorist firing in Pahalgam : देशभर में हाई अलर्ट घोषित
Terrorist firing in Pahalgam इस वीभत्स हमले के बाद भारत के प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
🕯️ terrorist attack in kashmir : श्रीनगर में अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
terrorist attack in kashmir केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को श्रीनगर पहुंचकर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। कतार में रखे गए शवों को देखकर उनका चेहरा भावुक हो उठा। शाह ने शहीदों के परिजनों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
✈️ प्रधानमंत्री मोदी सऊदी दौरा बीच में छोड़ लौटे
इस आतंकी हमले की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना सऊदी अरब का दो दिवसीय दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और बुधवार सुबह भारत लौट आए। उन्होंने इस मुद्दे पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।
📅 baisaran valley : पुलवामा के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला
baisaran valley ज्ञात हो कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुआ आतंकी हमला, जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए थे, अब तक सबसे बड़ा था। अब पहलगाम हमला उसी कड़ी का दूसरा सबसे बड़ा और भयावह हमला माना जा रहा है। पुलवामा अटैक की जिम्मेदारी Jaish-e-Mohammad ने ली थी।
😥 जवानों को आतंकी समझ रोने लगे पर्यटक
हमले के कुछ देर बाद जब भारतीय सेना के जवान बैसरन घाटी पहुंचे, तो वहां मौजूद कई महिलाएं और बच्चे उन्हें भी आतंकी समझकर घबरा गए। दरअसल, हमलावर आतंकवादी भी वर्दी पहने हुए थे, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। जब सैनिकों ने खुद को इंडियन आर्मी बताया और आश्वासन दिया कि वे सुरक्षा देने आए हैं, तब जाकर लोग शांत हुए। इस दौरान एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें पर्यटक जवानों से हाथ जोड़कर रोते हुए माफी मांगते नजर आए।
पहलगाम हमले में मरने वालों और घायलों के नाम
मरने वालों के नाम:
- सुशील नाथयाल (मध्य प्रदेश)
- सैयद आदिल हुसैन शाह (जम्मू कश्मीर)
- हेमंत सुहास जोशी (महाराष्ट्र)
- विनय नरवाल (हरियाणा)
- अतुल श्रीकांत मोनी (महाराष्ट्र)
- नीरज उदयवानी (उत्तराखंड)
- बिन्तन अधिकारी (पश्चिम बंगाल)
- सुभम द्विवेदी (उत्तर प्रदेश)
- प्रशांत कुमार सप्तपथी (उड़ीसा)
- मनीष रंजन (बिहार)
- एन रामचंद्र (केरल)
- संजय लक्ष्मण लाली (महाराष्ट्र)
- दिनेश अग्रवाल (चंडीगढ़)
- समीर गुहर (पश्चिम कांगो)
- दिलीप दसाली (महाराष्ट्र)
- जे. संजीव मोल (आंध्र प्रदेश)
- मधुसूदन सोमशेट्टी (कर्नाटका)
- संतोष जागथा (महाराष्ट्र)
- मंज़ू नाथ राव (कर्नाटका)
- कस्तूबा गवंतोय (महाराष्ट्र)
- भरत भूषण (कर्नाटका)
- सुमित परमार (गुजरात)
- टेंडेजलिंग (अरुणाचल प्रदेश)
- शैलेशभाई कलाडिया (गुजरात)
- घनेश्याम परमार (गुजरात)
विदेशी टूरिस्ट जो मरे:
- सुदीप नेपवाने (नेपाल)
- बिन्तन अधिकारी उदयवानी कुमार (UAE) (नोट: इस नाम को बाद में सूची से हटाया गया है)
घायलों के नाम:
- सुशील नाथयाल (मध्य प्रदेश)
- सैयद आदिल हुसैन शाह (जम्मू कश्मीर)
- हेमंत सुहास जोशी (महाराष्ट्र)
- विनय नरवाल (हरियाणा)
- अतुल श्रीकांत मोनी (महाराष्ट्र)
- नीरज उदयवानी (उत्तराखंड)
- बिन्तन अधिकारी (पश्चिम बंगाल)
- सुभम द्विवेदी (उत्तर प्रदेश)
pahalgam incident : टूरिस्टों का बयान: झाड़ियों में छिपे थे आतंकी, Pistol से की अंधाधुंध Firing
pahalgam incident घटना के समय मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, आतंकियों ने पास की दुकानों से कुछ दूरी पर स्थित घनी झाड़ियों की ओट से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी इतनी तेज और अचानक थी कि कुछ ही सेकेंड्स में 4 से 5 Tourists वहीं ढेर हो गए। इसके बाद आतंकी तेजी से जंगल की ओर भाग निकले। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घायलों की सहायता करना शुरू कर दिया। चश्मदीदों का कहना है कि कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। सूत्रों की मानें तो इस हमले में मरने वालों में स्थानीय कश्मीरियों के अलावा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें एक नेपाल और एक सऊदी अरब का पर्यटक बताया जा रहा है। कुछ Tourists की मौत Spot पर ही हो गई थी, जबकि कुछ ने अस्पताल ले जाने से पहले दम तोड़ दिया। हमले के कुछ समय बाद Army के जवान बैसरन घाटी में पहुंचे। उन्होंने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और मृतकों के शवों को Tarpaulin (तिरपाल) से ढक दिया। जवानों ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत करने की कोशिश की और कहा कि अब वे पूरी तरह से उनकी सुरक्षा में हैं।
बैसरन घाटी: हरे मैदानों से घिरे जंगल, आतंकियों के लिए आसान छिपने की जगह
बैसरन घाटी चारों तरफ से घने जंगलों और ऊँचे-नीचे पहाड़ी क्षेत्रों से घिरी हुई है। यहां बीच-बीच में हरे-भरे मैदान भी फैले हुए हैं, जहां पर्यटक अक्सर पिकनिक मनाने और फोटो लेने के लिए रुकते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आतंकी जंगल की तरफ से ही घाटी में घुसे थे, और फिर झाड़ियों के पीछे छिपकर उन्होंने हमला किया।
गुजरात से आए एक Tourist Group के सदस्य ने बताया, “हम लगभग 20 लोग थे और घाटी में घूम रहे थे। तभी अचानक मुझे गोलियों की आवाज सुनाई दी। मैंने देखा कि कुछ लोग झाड़ियों से बाहर निकलकर Pistol से गोलीबारी कर रहे थे। मैंने खुद को एक चट्टान के पीछे छिपा लिया, लेकिन मेरे साथ आए कई लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।”

महिला पर्यटक का बयान: पहले लगा बलून फटा, फिर सुनाई दी चीखें
वहीं, हमले के दौरान मौजूद एक महिला टूरिस्ट ने अपनी डरावनी आपबीती साझा करते हुए बताया, “हम रात से बैसरन घाटी में थे और बहुत सुंदर नज़ारों का आनंद ले रहे थे। जिस स्थान पर Firing हुई, वहां एक बड़ा सा रंग-बिरंगा बलून भी लगा हुआ था। अचानक एक तेज धमाका सुनाई दिया, तो हमें लगा कि शायद बलून फट गया होगा। लेकिन इसके तुरंत बाद हमें चीख-पुकार सुनाई दी।”
उन्होंने आगे कहा, “लोग डर के मारे हमारी ओर दौड़ने लगे। हमें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन किसी ने चिल्लाकर कहा कि आतंकी हमला हुआ है। हम सब जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। बाद में पता चला कि कई Tourists मारे जा चुके हैं। इस अनुभव ने हमारी रूह तक को हिला दिया है।”
चश्मदीद पुलिसकर्मी बोले – “10 मिनट तक गोलियां चलती रहीं
बैसरन घाटी के नजदीक ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के सिपाही वसीम खान भी इस भयावह आतंकी हमले के चश्मदीद बने। हमले के तुरंत बाद वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने जो नज़ारा देखा, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
सिपाही वसीम ने बताया, “शुरुआत में मुझे ऐसा लगा कि जैसे कहीं पटाखे चल रहे हों। आवाज थोड़ी दूर से आ रही थी, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब कुछ ही पलों में वहां भीड़ जुटने लगी, लोग चीखते-चिल्लाते दौड़ने लगे और महिलाओं-बच्चों की रोने की आवाजें आने लगीं, तब हमें एहसास हुआ कि मामला गंभीर है। हमें डर लगने लगा कि कुछ बड़ा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “करीब 10 मिनट तक लगातार Firing होती रही। गोलियों की आवाजें घाटी में गूंज रही थीं। जब हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि कई लोग खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। कुछ स्थानीय कश्मीरी थे और कुछ Tourists जो यहां सैर-सपाटे के लिए आए थे। माहौल बेहद भयावह था।”
लोकल लोगों ने दिखाई इंसानियत, घोड़ों और कंधों पर ले गए घायल
वसीम खान ने आगे बताया कि हमले के बाद सबसे पहले मदद के लिए स्थानीय दुकानदार और घोड़े वाले आगे आए। “घाटी में मौजूद घोड़े वालों ने बिना किसी डर के, घायलों को अपने घोड़ों पर लादकर निचले इलाकों की ओर पहुंचाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों को तो कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया गया।” उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में कभी ऐसा हमला नहीं देखा था। यह दृश्य मेरे ज़हन में हमेशा के लिए बस गया है। हर तरफ खून, चीखें और अफरा-तफरी का माहौल था। कुछ लोग तो डर के मारे बोल भी नहीं पा रहे थे। यह सब देखकर दिल दहल गया।”
आतंकियों ने सिर्फ 10-15 मिनट में किया हमला
बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में टूरिस्ट्स को निशाना बनाए जाने से कई सवाल खड़े हुए हैं। इसी संदर्भ में दैनिक भास्कर ने रिटायर्ड कर्नल सुशील पठानिया से विशेष बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि आखिर आतंकियों ने इस बार पर्यटकों को क्यों टारगेट किया, जबकि पहले ऐसे हमले बहुत कम देखे गए हैं। कर्नल पठानिया ने कहा, “मुझे इसमें कोई हैरानी नहीं हो रही है, क्योंकि ये आतंकी संगठनों का तयशुदा पैटर्न है। उनका मकसद यही है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति को भंग किया जाए। पहले वे Army पर अटैक करते थे, अब उन्होंने टूरिज़्म सेक्टर को भी टारगेट करना शुरू कर दिया है, ताकि राज्य में डर और अस्थिरता फैल सके।” उन्होंने आगे कहा, “ये सब ISI की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इन आतंकियों को ट्रेनिंग देती है, हथियार देती है और हमला करने की Timing तक सिखाती है। आतंकियों को अच्छी तरह से पता है कि अगर कहीं हमला होता है, तो Security Forces को चारों ओर घेराबंदी और प्रतिक्रिया देने में करीब 30 मिनट लग जाते हैं। और यही वजह है कि आतंकियों ने इस बार भी पहलगाम में सिर्फ 10 से 15 मिनट में हमला किया और फिर वहां से फरार हो गए।”
हमले का असली मकसद – कश्मीर के टूरिज्म को तबाह करना
बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले को लेकर देश के पूर्व सैन्य अधिकारियों ने गंभीर चिंता जताई है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दक्षिण कश्मीर में सेवा दे चुके रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने इस हमले की टाइमिंग और मंशा पर कई बड़े खुलासे किए। वे कहते हैं, “यह हमला सिर्फ एक हिंसक वारदात नहीं है, बल्कि यह बहुत ही सोच-समझकर चुनी गई टाइमिंग पर किया गया है। जब भारत की विदेश नीति एक अहम मोड़ पर है — अमेरिकी उपराष्ट्रपति भारत के दौरे पर हैं और हमारे प्रधानमंत्री सऊदी अरब के दौरे पर हैं — तब इस तरह का आतंकी हमला एक अंतरराष्ट्रीय संदेश देने की कोशिश है।”
पाकिस्तान के ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ करवा रहे हैं ऐसे हमले
जनरल कुलकर्णी ने बताया कि पाकिस्तान लगातार अपने Over Ground Workers (OGWs) के जरिए जम्मू-कश्मीर में हालात बिगाड़ने की कोशिश करता रहा है। “इस बार भी, यही रणनीति अपनाई गई है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत की छवि दुनिया में खराब हो, यहां सांप्रदायिक तनाव बढ़े और कश्मीर का पर्यटन, जो शांति और विकास की ओर बढ़ रहा था, उसे गहरा झटका लगे।”
नाम पूछकर की गई हत्याएं – यह हमला सिर्फ सामान्य वारदात नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो शुरुआती जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार आतंकियों ने लोगों के नाम पूछकर उन्हें गोली मारी। इस तरह का targeted killing दर्शाता है कि हमले के पीछे सिर्फ डर फैलाना नहीं, बल्कि सांप्रदायिक जहर फैलाने की भी गहरी साजिश थी। जनरल कुलकर्णी कहते हैं, “अगर आतंकी चुन-चुनकर किसी विशेष समुदाय के लोगों को निशाना बना रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि यह हमला केवल पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक एकता पर भी था।”
पहलगाम जैसे खुले इलाके से आसानी से भाग नहीं सकते आतंकी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहलगाम घाटी में इस तरह का हमला करना और फिर आसानी से भाग निकलना इतना आसान नहीं होता। “यह इलाका घने पहाड़ी जंगलों से नहीं, बल्कि खुले हरे मैदानों से घिरा है। इसका मतलब यह है कि आतंकियों ने पहले से पूरी प्लानिंग की थी — एंट्री पॉइंट, एग्ज़िट रूट और समय सब कुछ तय था।”
