
Pandit Deendayal Upadhyaya welfare camps : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 24 जून से 9 जुलाई तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है जिसके तहत हर ग्राम पंचायत में शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों में मौके पर ही आमजन को समस्याओं से राहत मिल रही है।
Village relief camps : जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा द्वारा प्रत्येक कैंप की मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आमजन को समुचित ढंग से लाभ मिले। इसके साथ ही एडीएम नरेश बुनकर एवं जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा द्वारा भी सतत फीडबैक लिया जा रहा है। ग्राम पंचायत फियावडी (राजसमंद) में शिविर के दौरान विकास अधिकारी महेश गर्ग और अन्य लोगों द्वारा पौधारोपण किया गया। ऐसे ही ग्राम टीकर (आमेट) में पीएचईडी द्वारा कंटिजेंसी कार्य का भौतिक सत्यापन कार्य पूर्ण पाया गया। नमाना में भी शिविर स्थल पर पौधारोपण किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत फतेहपुर, पिपाला, कालादेह, इशरमंड, जमाना, महनदूरिया, खटामला, वरदड़ा सहित अन्य ग्राम पंचायतों में प्रार्थियों को मौके पर ही विभिन्न विभागों द्वारा राहत दी गई। मौके पर राजस्व, पंचायतीराज, चिकित्सा, एविवीएनएल, पीएचईडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार, विकास अधिकारी आदि ने व्यक्तिशः उपस्थित रह कर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित किया। Rajsamand News Today
शिविर में एक साथ कई प्रकरणों का निपटारा

Antyodaya camps Gram Panchayat Rajsamand : जिले में विविध ग्राम पंचायतों में आयोजित इन शिविरों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविरों में ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। शिविरों में लंबित पत्थरगढ़ी और सीमाज्ञान प्रकरणों का निस्तारण, लंबित नामान्तरणों का निपटारा, लंबित कुरेंजात रिपोर्ट तैयार करना और रास्तों के प्रकरणों का समाधान किया गया। आपसी सहमति से बंटवारे की कार्यवाही भी की गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत बीपीएल परिवारों का सर्वे किया गया तथा इन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवेदन लिए गए। शिविरों में स्वामित्व पट्टे बनाकर पात्र ग्रामीणों को वितरित किए गए। साथ ही, पानी की टंकियों की सफाई, लंबित नल कनेक्शन जारी करने, लीकेज मरम्मत और जल दबाव की जांच का कार्य भी किया गया। इसके अलावा, नहरों के पटरों की सफाई एवं मरम्मत, नर्सरियों से पौधों का वितरण, मृदा नमूनों का संग्रहण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण भी शिविरों में किया जा रहा है। मंगला पशु बीमा योजना में पंजीकृत पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट तैयार करने और पॉलिसी जनरेट करने का कार्य भी संपादित हुआ। पशुओं की जांच, इलाज और टीकाकरण की सेवाएं भी दी गई। शिविरों में एनएफएसए अंतर्गत लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, झूलते विद्युत तारों एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों की मरम्मत का कार्य भी इन शिविरों में किया गया।



