
Personal loan : आज के तेज-रफ्तार जीवन में अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतें हर किसी को परेशान कर सकती हैं। चाहे वह घर की मरम्मत हो, बच्चों की पढ़ाई का खर्च, या कोई मेडिकल इमरजेंसी, ऐसे मौकों पर पर्सनल लोन एक बड़ा सहारा साबित होता है। लेकिन लोन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि ब्याज दर कितनी होगी और मासिक EMI कितनी आएगी? अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, लेकिन ऊंची EMI का डर आपको रोक रहा है, तो चिंता न करें। हम आपको बाजार के सबसे आकर्षक ऑफर्स के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। वर्तमान में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र पर्सनल लोन पर सबसे कम ब्याज दर ऑफर कर रहा है, जो अन्य बैंकों की तुलना में काफी किफायती है। आइए, जानते हैं कि कैसे आप स्मार्ट तरीके से लोन चुन सकते हैं और अपनी वित्तीय योजना को मजबूत बना सकते हैं।

सबसे सस्ता पर्सनल लोन: बैंक ऑफ महाराष्ट्र का विशेष ऑफर
Lowest interest personal loan : यदि आपकी नजर कम ब्याज दर वाले पर्सनल लोन पर है, तो बैंक ऑफ महाराष्ट्र आपका सबसे अच्छा साथी साबित हो सकता है। यहां पर्सनल लोन की ब्याज दर 10.25% से शुरू होती है, जो बाजार में उपलब्ध सबसे प्रतिस्पर्धी दरों में से एक है। मान लीजिए, आप 5 लाख रुपये का लोन 5 वर्ष (60 महीने) की अवधि के लिए लेते हैं। इस स्थिति में आपकी मासिक EMI मात्र ₹10,685 के आसपास होगी। यह राशि इतनी किफायती है कि आपकी मासिक आय पर बोझ कम पड़ेगा और लोन चुकाना आसान हो जाएगा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की यह स्कीम विशेष रूप से सैलरीड कर्मचारियों और छोटे व्यवसायियों के लिए डिजाइन की गई है, जहां लोन की मंजूरी तेजी से होती है और न्यूनतम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।
इसके अलावा, बैंक की वेबसाइट या ब्रांच पर जाकर आप ऑनलाइन EMI कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं, जो आपको विभिन्न राशि और अवधि के आधार पर सटीक EMI बता देगा। यह सुविधा आपको लोन लेने से पहले ही अपनी वित्तीय क्षमता का आकलन करने में मदद करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कम ब्याज दरें मौजूदा आर्थिक स्थिति और RBI की नीतियों का परिणाम हैं, जो उधारकर्ताओं के लिए राहत लेकर आई हैं।
अन्य प्रमुख बैंकों और संस्थाओं की ब्याज दरें: एक तुलनात्मक नजर
Cheapest personal loan banks in India : बाजार में कई बैंक और NBFC पर्सनल लोन दे रहे हैं, लेकिन उनकी ब्याज दरें और शर्तें अलग-अलग हैं। नीचे दी गई तालिका में हमने प्रमुख संस्थाओं की ब्याज दरें, अनुमानित EMI (5 लाख के लोन पर 5 वर्ष की अवधि के लिए) और प्रोसेसिंग फीस की जानकारी संकलित की है। यह तुलना आपको सही विकल्प चुनने में सहायक होगी। ध्यान दें कि ये दरें बदल सकती हैं, इसलिए लोन आवेदन से पहले बैंक से पुष्टि करें।
| बैंक / संस्था | ब्याज दर (%) | अनुमानित EMI (₹) | प्रोसेसिंग फीस |
|---|---|---|---|
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 10.25% | ₹10,685 | 0.50% तक (न्यूनतम ₹1,000) |
| SBI | 10.30% | ₹10,697 | 1.5% तक (₹1,000 – ₹15,000) |
| HDFC Bank | 10.90% से शुरू | ₹10,846 | अधिकतम ₹6,500 |
| ICICI Bank | 10.85% से शुरू | ₹10,834 | अधिकतम 2% |
| Kotak Mahindra Bank | 10.99% | ₹10,869 | अधिकतम 5% |
| Axis Bank | 11.25% | ₹10,934 | अधिकतम 2% |
| Tata Capital | 11.60% | ₹11,021 | अधिकतम 4% |
| Punjab & Sindh Bank | 10.35% से शुरू | ₹10,710 | 0.50% – 1% |
| Bank of India | 11.99% | ₹11,200 (अनुमानित) | केवल 1% |
इस तालिका से स्पष्ट है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र न केवल सबसे कम ब्याज दे रहा है, बल्कि इसकी प्रोसेसिंग फीस भी काफी कम है। उदाहरण के लिए, SBI की दर थोड़ी अधिक होने पर भी EMI में मामूली अंतर आता है, लेकिन कुल ब्याज बचत के लिहाज से बैंक ऑफ महाराष्ट्र बेहतर विकल्प है। वहीं, प्राइवेट बैंक जैसे HDFC और ICICI तेज प्रोसेसिंग की सुविधा देते हैं, लेकिन उनकी फीस थोड़ी ऊंची हो सकती है। यदि आप NBFC जैसे Tata Capital चुनते हैं, तो लोन की मंजूरी तेज होती है, लेकिन ब्याज दर अधिक होने से लंबे समय में खर्च बढ़ सकता है।
पर्सनल लोन की अवधि का सही चयन: कम ब्याज और EMI का संतुलन
Best personal loan interest rates 2025 : पर्सनल लोन लेते समय सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अवधि (टेन्योर) का होता है। बाजार में आमतौर पर 1 से 5 वर्ष तक की अवधि उपलब्ध है। छोटी अवधि (जैसे 1-2 वर्ष) चुनने पर कुल ब्याज कम लगता है, लेकिन मासिक EMI अधिक होती है, जो उच्च आय वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है। उदाहरण के तौर पर, 5 लाख का लोन 2 वर्ष के लिए 10.25% ब्याज पर लेने पर EMI लगभग ₹23,500 होगी, लेकिन कुल ब्याज सिर्फ ₹64,000 के आसपास आएगा।
दूसरी ओर, लंबी अवधि (4-5 वर्ष) कम EMI प्रदान करती है, जो मध्यम आय वालों के लिए राहत है। लेकिन इससे कुल ब्याज राशि बढ़ जाती है – 5 वर्ष के लिए यह ₹1.4 लाख तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपनी मासिक आय का 40-50% से अधिक EMI न रखें, ताकि अन्य खर्चों पर असर न पड़े। साथ ही, यदि आपकी आय बढ़ने की संभावना है, तो लंबी अवधि चुनकर बाद में प्री-पेमेंट का विकल्प रखें। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकांश बैंक 5 वर्ष से अधिक अवधि नहीं देते, क्योंकि पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड होता है और जोखिम अधिक होता है।

पर्सनल लोन लेने से पहले ध्यान रखें ये 7 महत्वपूर्ण बातें
Low EMI personal loan for salaried employees : पर्सनल लोन एक उपयोगी उपकरण है, लेकिन गलत चुनाव से वित्तीय जाल में फंस सकते हैं। यहां हम आपको 7 प्रमुख टिप्स दे रहे हैं, जो लोन प्रक्रिया को सुरक्षित और लाभकारी बनाएंगे:
- ब्याज दर और फीस की तुलना करें: विभिन्न बैंकों की दरों की ऑनलाइन तुलना करें। वेबसाइट्स जैसे BankBazaar या PaisaBazaar पर EMI कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, जो कुल लागत बता देते हैं। हमेशा प्रभावी ब्याज दर (EIR) देखें, जिसमें सभी फीस शामिल हों।
- अवधि का सोच-समझकर चयन: कम अवधि से ब्याज बचत होती है, लेकिन EMI वहन योग्य होनी चाहिए। अपनी आय-व्यय का बजट बनाएं और 30% से अधिक EMI न रखें।
- क्रेडिट स्कोर की जांच: 750 से ऊपर का CIBIL स्कोर कम ब्याज सुनिश्चित करता है। यदि स्कोर कम है, तो पहले क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाकर सुधारें। अच्छा स्कोर लोन मंजूरी और छूट दिलाता है।
- छिपे हुए चार्जेस से सावधान: प्रोसेसिंग फीस के अलावा स्टाम्प ड्यूटी, इंश्योरेंस, और लेट पेमेंट शुल्क जांचें। कुछ बैंक फ्लोटिंग रेट पर लोन देते हैं, जो RBI रेट बदलने पर प्रभावित होता है।
- प्री-क्लोजर विकल्प देखें: यदि आप जल्दी चुकाना चाहें, तो प्री-क्लोजर पेनल्टी (1-4%) वाले बैंक से बचें। कई बैंक अब शून्य पेनल्टी ऑफर करते हैं, खासकर 12 महीने बाद।
- दस्तावेज और योग्यता: सैलरीड के लिए सैलरी स्लिप, फॉर्म 16; सेल्फ-एम्प्लॉयड के लिए ITR जरूरी। न्यूनतम आय ₹25,000 मासिक होनी चाहिए। महिलाओं और सीनियर सिटीजन को विशेष छूट मिल सकती है।
- ऑनलाइन आवेदन का लाभ: अधिकांश बैंक डिजिटल प्रक्रिया अपनाते हैं, जहां लोन 24 घंटे में मंजूर हो जाता है। लेकिन फ्रॉड से बचें – केवल आधिकारिक ऐप्स इस्तेमाल करें।
ये टिप्स न केवल पैसे बचाएंगे, बल्कि तनावमुक्त लोन अनुभव देंगे। याद रखें, पर्सनल लोन इमरजेंसी के लिए है, न कि लग्जरी खर्चों के लिए।

