
Piplantri Model Village : संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) और सिकोईडिकॉन की साझेदारी में उदयपुर जिले के मावली और वल्लभनगर ब्लॉकों की 15 ग्राम पंचायतों को महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत के रूप में विकसित करने की एक महत्वाकांक्षी पहल चल रही है। इस पहल के तहत, शनिवार को इन दोनों ब्लॉकों के पंचायत प्रतिनिधियों ने राजसमंद जिले की पिपलांत्री ग्राम पंचायत का एकदिवसीय भ्रमण किया। यह भ्रमण महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ अभियान, और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पिपलांत्री के प्रेरणादायक कार्यों को समझने और सीखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायत कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी, और सशक्त वातावरण तैयार करना है। इस कार्यक्रम के तहत, उदयपुर के मावली और वल्लभनगर ब्लॉकों की 15 चयनित ग्राम पंचायतों को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में प्रेरणा लेने के लिए, पंचायत प्रतिनिधियों का एक दल पिपलांत्री ग्राम पंचायत पहुंचा, जो अपनी अनूठी पहलों जैसे कन्या उपवन, जल संरक्षण, और बेटी बचाओ अभियान के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
ब्लॉक समन्वयक रतन लाल कुमावत ने बताया कि इस भ्रमण में मावली और वल्लभनगर ब्लॉकों के प्रशासक, उपसरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, और ब्लॉक विकास अधिकारी शामिल थे। दल ने पिपलांत्री में पिछले दो दशकों में किए गए कार्यों, विशेष रूप से बालिका सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का गहन अध्ययन किया।

पिपलांत्री: एक प्रेरणादायक मॉडल

Girl Child Empowerment in Rajasthan पिपलांत्री ग्राम पंचायत को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल के नेतृत्व में एक मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया गया है। भ्रमण के दौरान, पालीवाल ने पंचायत प्रतिनिधियों को पिपलांत्री के अनूठे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला:
- कन्या उपवन: पिपलांत्री में प्रत्येक नवजात बालिका के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाते हैं। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करता है। इन पौधों की देखभाल समुदाय द्वारा सामूहिक रूप से की जाती है।
- बालिका सशक्तिकरण: प्रत्येक नवजात बालिका के नाम पर 21,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खोली जाती है, जो उसकी शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए उपयोग की जाती है। यह पहल बालिकाओं की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- जागरूकता अभियान: पिपलांत्री ने कन्या भ्रूण हत्या, लिंग परीक्षण, और बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाए हैं। इन अभियानों ने समाज में लैंगिक समानता और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- जल संरक्षण और पर्यावरण: पंचायत ने वाटरशेड मैनेजमेंट और जल संरक्षण के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें तालाबों का निर्माण और जल संचयन प्रणालियां शामिल हैं। इसके साथ ही, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण ने क्षेत्र को हरा-भरा बनाया है।
- सामाजिक सुधार: पालीवाल ने बताया कि पंचायत ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और गालियों को रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर जागरूकता फैलाई। साथ ही, पंचायत सभाओं में महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने और उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भ्रमण में चर्चा और प्रशिक्षण

Piplantri Model Village Rajasthan भ्रमण के दौरान सिकोईडिकॉन की वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक श्वेता तिवारी ने बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर बालिकाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, और सामाजिक जागरूकता पर ध्यान देना जरूरी है। मावली के अतिरिक्त ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) अर्जुन सिंह ने सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और उनके कार्यान्वयन पर अपने विचार साझा किए।
गजेंद्र सैनी, निगरानी और मूल्यांकन अधिकारी, ने भ्रमण के दौरान पिपलांत्री के कार्यों की प्रक्रिया और उनके प्रभाव का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के भ्रमण अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं, जिससे वे अपनी पंचायतों में समान मॉडल लागू कर सकें।
भ्रमण में शामिल प्रतिनिधि

इस भ्रमण में मावली और वल्लभनगर ब्लॉकों से कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें शामिल हैं:
- मावली ब्लॉक: प्रशासक भगवती लाल, पुष्पा भील, नानालाल नागदा, ग्राम विकास अधिकारी हरलाल गुर्जर, सोनवेंद्र गुर्जर, लवकुश मीना, महेंद्र, लता गेहलोत, मोनिका तलेसरा, सुनीता सेरसिया, पर्वत सिंह, सुनील कुमावत, उषा चौहान, और लोकेश।
- वल्लभनगर ब्लॉक: प्रशासक जगदीश सेन, भेरुलाल गुर्जर, गोपाल लाल तेली, मदन भील, रोड़ीलाल, कैलाशचंद्र, और खुमानी बाई।
- मेंटर्स: विनोद वैरागी, हीरा लाल गाडरी, राहुल मेघवाल, प्रताप रावत, उर्मिला सुथार, लच्छीराम, गायत्री सीसोदिया, और राधिका चोबिसा।

महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत पहल का महत्व
UNFPA Women Empowerment India UNFPA और सिकोईडिकॉन की यह साझा पहल ग्रामीण भारत में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पंचायती राज मंत्रालय के सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक महिला हितैषी ग्राम पंचायत स्थापित करना है। इस अभियान का शुभारंभ 4-5 मार्च 2025 को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय कार्यशाला में किया गया, जिसमें 1200 से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा, राजस्थान में 5-6 मार्च 2025 को इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान और पंचायती राज विभाग ने UNFPA के सहयोग से एक क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की, जिसमें 46 प्रतिभागियों ने जेंडर समानता और महिला हितैषी पंचायतों के विकास के लिए कार्य योजनाएं तैयार कीं।
पिपलांत्री का वैश्विक प्रभाव
पिपलांत्री ग्राम पंचायत न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मॉडल के रूप में उभरी है। इसकी पहलें जैसे कन्या उपवन और बेटी बचाओ अभियान ने न केवल बालिकाओं के प्रति समाज की सोच को बदला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम की है। पंचायत के प्रयासों को पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जो इसकी सफलता का प्रमाण है।
