
PM Vishwakarma Yojana : आज देशभर में विश्वकर्मा जयंती का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के उन लाखों कारीगरों और शिल्पकारों को समर्पित है, जो अपने कौशल और कला से देश की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखते हैं। इस विशेष अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। यह योजना कारीगरों और दस्तकारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो उन्हें बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन मात्र 5% की ब्याज दर पर प्रदान करती है। अगस्त 2025 तक इस योजना से करीब 30 लाख कारीगर जुड़ चुके हैं, जिनमें से 26 लाख से अधिक ने अपनी स्किल वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है और 22.67 लाख ने बेसिक ट्रेनिंग हासिल की है। आइए, इस योजना की खासियतों, लाभों और आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से जानते हैं।
विश्वकर्मा जयंती : कारीगरों का सम्मान, योजना का शुभारंभ
हर साल सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने की तिथि पर विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान विश्वकर्मा, जो शिल्प और सृजन के देवता माने जाते हैं, की पूजा इस दिन कारीगरों द्वारा श्रद्धापूर्वक की जाती है। इस पवित्र अवसर पर, 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी। यह योजना न केवल कारीगरों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उनके कौशल को निखारने और उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में भी मदद करती है। दो साल में इस योजना ने लाखों कारीगरों के जीवन को बदल दिया है और इसे भारत सरकार की सबसे प्रभावी सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक माना जा रहा है।
पीएम विश्वकर्मा योजना: एक समग्र दृष्टिकोण
PM Vishwakarma Yojana details : पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना 18 पारंपरिक ट्रेड्स को कवर करती है, जिनमें सुनार, लोहार, नाई, चर्मकार, बढ़ई, मूर्तिकार, कुम्हार, दर्जी, मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले, और अन्य शामिल हैं। यह योजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में, बल्कि शहरी कारीगरों के लिए भी समान रूप से लाभकारी है। यह कारीगरों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करती है:
- पहचान और सम्मान: कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड प्रदान किया जाता है, जो उन्हें एक विशिष्ट पहचान देता है और उनके कौशल को मान्यता प्रदान करता है।
- स्किल ट्रेनिंग: बेसिक और एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के माध्यम से कारीगरों के कौशल को निखारा जाता है, जिससे उनकी प्रोडक्टिविटी और प्रोडक्ट क्वालिटी में सुधार होता है।
- टूलकिट प्रोत्साहन: ट्रेनिंग के बाद कारीगरों को ₹15,000 तक का टूलकिट इनसेंटिव दिया जाता है, ताकि वे आधुनिक उपकरण खरीद सकें।
- कोलैटरल-फ्री लोन: बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन, जो दो चरणों में प्रदान किया जाता है।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन इनसेंटिव: प्रत्येक डिजिटल ट्रांजैक्शन पर ₹1 का इनसेंटिव, अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन्स प्रति माह।
- मार्केट लिंकेज: कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे GeM पर ऑनबोर्डिंग, ब्रांडिंग, और मार्केटिंग सपोर्ट प्रदान किया जाता है।
ये सुविधाएं कारीगरों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों और बाजार की मांगों के साथ जोड़कर उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करती हैं।
लोन की सुविधा: दो चरणों में ₹3 लाख तक की सहायता
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को कोलैटरल-फ्री लोन प्रदान किया जाता है, जो बिना किसी सिक्योरिटी के उपलब्ध है। यह लोन दो चरणों में दिया जाता है:
- पहला चरण: ₹1 लाख का लोन, जिसे 18 महीनों में चुकाना होता है। यह लोन नए व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को स्थापित करने के लिए दिया जाता है। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कारीगर इस लोन के लिए पात्र हो जाते हैं।
- दूसरा चरण: ₹2 लाख का लोन, जो पहले चरण का लोन चुकाने और या तो एडवांस्ड ट्रेनिंग पूरी करने या डिजिटल ट्रांजैक्शन्स को अपनाने के बाद उपलब्ध होता है। इस लोन की अवधि 30 महीने है।
इस लोन पर 5% की रियायती ब्याज दर लागू होती है, और सरकार 8% की ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो सीधे लेंडिंग संस्थानों को दी जाती है। यह सुविधा लोन को और अधिक किफायती बनाती है। इसके अलावा, Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE) के तहत लोन की गारंटी दी जाती है, जो कारीगरों के लिए वित्तीय जोखिम को कम करती है।
ट्रेनिंग और स्टाइपेंड: कौशल के साथ आय का अवसर
इस योजना का एक अनूठा पहलू यह है कि यह कारीगरों को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि उनके कौशल को भी निखारती है। योजना के तहत दो प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है:
- बेसिक ट्रेनिंग: 5-7 दिनों (40 घंटे) की यह ट्रेनिंग कारीगरों को उनके ट्रेड में बुनियादी सुधार और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराती है।
- एडवांस्ड ट्रेनिंग: 15 दिनों (120 घंटे) या इससे अधिक की यह ट्रेनिंग कारीगरों को नवीनतम तकनीकों, डिज़ाइन तत्वों और वैल्यू चेन लिंकेज के बारे में गहन जानकारी प्रदान करती है।
दोनों ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के दौरान कारीगरों को ₹500 प्रति दिन का स्टाइपेंड दिया जाता है, जो Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से उनके आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में जमा होता है। इसके अलावा, ट्रेनिंग के दौरान बोर्डिंग और लॉजिंग की सुविधा भी मुफ्त प्रदान की जाती है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, कारीगरों को ₹15,000 का टूलकिट इनसेंटिव e-RUPI या e-Voucher के रूप में दिया जाता है, जिसका उपयोग वे आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए कर सकते हैं।

पात्रता: कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
PM Vishwakarma Yojana eligibility पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आयु: आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- पेशा: आवेदक को 18 निर्धारित ट्रेड्स (जैसे बढ़ई, सुनार, लोहार, नाई, चर्मकार, दर्जी, कुम्हार, आदि) में से किसी एक में स्व-रोजगार के रूप में कार्यरत होना चाहिए।
- पिछले लोन: आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi, या MUDRA जैसी अन्य सरकारी क्रेडिट-आधारित योजनाओं का लाभ नहीं लिया हो। हालांकि, जिन्होंने इन योजनाओं के तहत लोन पूरी तरह चुका दिया है, वे पात्र हैं।
- परिवार प्रतिबंध: एक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
- सरकारी कर्मचारी: सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति या उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
आवेदन प्रक्रिया: आसान और निःशुल्क
PM Vishwakarma Yojana loan apply online : पीएम विश्वकर्मा योजना में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल और निःशुल्क है। आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- रजिस्ट्रेशन: नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जाएं या आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और e-KYC अनिवार्य है।
- दस्तावेज़: निम्नलिखित दस्तावेज़ जमा करें:
- वेरिफिकेशन: CSC के माध्यम से दस्तावेज़ और स्किल का वेरिफिकेशन किया जाता है। इसके बाद, आपको पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड जारी किया जाता है।
- ट्रेनिंग और लोन: बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, आप पहले चरण के लोन (₹1 लाख) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया मुफ्त है, और सरकार इसकी लागत वहन करती है। इसके अलावा, लोन पर 6 महीने बाद कोई प्रीपेमेंट पेनल्टी भी नहीं लगती।
स्टेटस चेक करें: आसान और पारदर्शी
PM Vishwakarma Yojana Status : आवेदन करने के बाद, आप अपने आवेदन, लोन, या टूलकिट इनसेंटिव की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इसके लिए:
- ऑनलाइन: pmvishwakarma.gov.in पर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ लॉगिन करें।
- ऑफलाइन: नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं और अपनी स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
- हेल्पलाइन: योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
आप अपने बैंक स्टेटमेंट के माध्यम से स्टाइपेंड या टूलकिट इनसेंटिव की राशि की जांच भी कर सकते हैं।
योजना का प्रभाव: कारीगरों का सशक्तिकरण
पीएम विश्वकर्मा योजना ने पिछले दो वर्षों में देशभर के कारीगरों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। सितंबर 2024 तक, 8 लाख से अधिक कारीगरों ने स्किल ट्रेनिंग प्राप्त की, और 6 लाख से अधिक लाभार्थियों को लोन और आधुनिक उपकरण प्रदान किए गए। यह योजना न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और शिल्प परंपराओं को भी संरक्षित कर रही है।
✅ PM Vishwakarma Yojana Registration Process (पंजीकरण प्रक्रिया)
अगर आप प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) का लाभ लेना चाहते हैं, तो इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) करना ज़रूरी है। यहाँ स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया दी गई है 👇
📝 PM Vishwakarma Yojana Registration Process
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
👉 https://pmvishwakarma.gov.in पर जाएं। - CSC (Common Service Center) से पंजीकरण
- योजना का पंजीकरण केवल CSC सेंटर के माध्यम से किया जाएगा।
- पास के CSC सेंटर पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरवाएं।
- आधार ऑथेंटिकेशन (eKYC)
- पंजीकरण के लिए आधार कार्ड से OTP या बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन करना होगा।
- व्यक्तिगत जानकारी भरें
- नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल ID दर्ज करें।
- आवेदक को अपने पारंपरिक पेशे (Occupation/Trade) की जानकारी देनी होगी।
- बैंक विवरण दर्ज करें
- बैंक अकाउंट नंबर, IFSC Code और पासबुक की कॉपी देनी होगी।
- दस्तावेज़ अपलोड करें
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड / परिवार पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक
- व्यवसाय से जुड़ा प्रमाण (अगर उपलब्ध हो)
- फॉर्म सबमिट करें
- सभी जानकारी और दस्तावेज़ सही भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
- आवेदन नंबर प्राप्त करें
- आवेदन सफल होने पर एक Application Number/ID जनरेट होगा।
- इसकी मदद से आप आगे Status Check कर सकते हैं।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
पीएम विश्वकर्मा योजना 15000 रुपये क्या है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों को ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर दिया जाता है, जिससे वे अपने काम के लिए ज़रूरी उपकरण खरीद सकते हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों (जैसे – बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई आदि) को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और लोन सुविधा देने के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा लोन कैसे लें?
- पंजीकरण के बाद लाभार्थी को पहली किश्त में ₹1 लाख तक का बिना गारंटी का लोन मिलता है।
- लोन पर सिर्फ 5% ब्याज देना होता है, बाकी ब्याज सरकार सब्सिडी के रूप में देती है।
- समय पर लोन चुकाने पर दूसरी किश्त में ₹2 लाख तक का लोन मिल सकता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में कितना पैसा मिलता है?
इस योजना में –
- ₹15,000 टूलकिट ई-वाउचर
- प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड
- ₹1 लाख से ₹3 लाख तक का आसान लोन
लाभार्थी को मिलता है।
पीएम विश्वकर्मा 2025 के लिए पात्रता क्या है?
- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक किसी पारंपरिक कारीगर / शिल्पकार वर्ग से होना चाहिए।
- सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- परिवार के किसी अन्य सदस्य ने पहले से योजना का लाभ नहीं लिया हो।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को ₹15000 की टूलकिट और प्रशिक्षण मिलेगा?
हाँ ✅, योजना के तहत कारीगरों को ₹15,000 की टूलकिट ई-वाउचर और फ्री स्किल ट्रेनिंग दी जाती है।
विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन से लोग आते हैं?
करीब 18 ट्रेड्स शामिल हैं, जैसे –
- बढ़ई (Carpenter)
- लोहार (Blacksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- राजमिस्त्री (Mason)
- कुम्हार (Potter)
- नाई (Barber)
- धोबी (Washerman)
- मछुआरे (Fisherman)
- दर्जी (Tailor)
- हथकरघा बुनकर (Handloom Weaver)
आदि।
विश्वकर्मा योजना की ट्रेनिंग कितने दिन की होती है?
कारीगरों को 5 से 7 दिन का शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग और आगे जरूरत पड़ने पर लॉन्ग-टर्म स्किल ट्रेनिंग भी दी जाती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के क्या लाभ हैं?
- ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर
- प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन भत्ता
- 5% ब्याज पर लोन (₹1–3 लाख तक)
- डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन राशि
- मार्केटिंग और ब्रांडिंग में सहायता
- सरकार द्वारा प्रमाणित पहचान पत्र और सर्टिफिकेट
पीएम विश्वकर्मा योजना में क्या-क्या डॉक्यूमेंट लगते हैं?
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- बैंक पासबुक
- राशन कार्ड / परिवार पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय का विवरण (ट्रेड का नाम)
विश्वकर्मा योजना महिलाओं के लिए क्या है?
इस योजना का लाभ महिला कारीगरों को भी समान रूप से मिलता है। महिलाएं अपने पारंपरिक पेशे (जैसे बुनाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प आदि) में पंजीकरण करके टूलकिट, प्रशिक्षण और लोन सुविधा प्राप्त कर सकती हैं।
पीएम विश्वकर्मा की कैटेगरी क्या है?
योजना में कारीगर और शिल्पकार वर्ग आते हैं, जिनके पारंपरिक पेशे को “विश्वकर्मा ट्रेड्स” कैटेगरी में शामिल किया गया है।
