
Rain Alert : राजधानी जयपुर में आज सुबह करीब 6:45 बजे हल्की बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों में बूंदाबांदी ने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाई। सड़कों पर पानी की फुहारों ने वातावरण को ताजगी से भर दिया। मौसम विभाग ने राजस्थान के 27 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। यह अलर्ट निवासियों को सतर्क रहने और जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी देता है।
रविवार को भी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश ने दस्तक दी। श्रीगंगानगर, सिरोही, राजसमंद और कोटा जैसे जिलों में हल्की बौछारें दर्ज की गईं, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी ने गर्मी और उमस को बढ़ा दिया। जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर जैसे जिलों में लोग दिनभर उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसी स्थिति में हाइड्रेशन बनाए रखने और गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम
Rajasthan ka Mosam : मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में एक नया लो-प्रेशर सिस्टम विकसित हुआ है, जो देश के मध्य और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का कारण बन सकता है। इस सिस्टम का असर राजस्थान पर भी पड़ रहा है, जिससे अगस्त के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यह सिस्टम नमी युक्त हवाओं को राज्य की ओर ले जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप मेघगर्जन के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 25 से 27 अगस्त के बीच दक्षिणी राजस्थान और गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिससे नदियों में उफान और सड़कों पर जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
पिछले 24 घंटों में बारिश के आंकड़े
Mosam : पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जो खेती-किसानी के लिए वरदान साबित हो रही है। श्रीगंगानगर के सादुलशहर में 10 MM, जयपुर के कोटपूतली में 12 MM, कोटा के खातोली में 15 MM, डीगोद में 9 MM, झालावाड़ शहर और सुनेल में 13 MM, हनुमानगढ़ के संगरिया में 16 MM, चित्तौड़गढ़ के बस्सी में 11 MM, भीलवाड़ा के बिजौलिया में 10 MM, बारां के शाहबाद में 18 MM, झुंझुनूं के खेतड़ी में 7 MM और चूरू के राजलदेसर में 6 MM बारिश हुई। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मानसून अब उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में भी सक्रिय हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा, तो खरीफ फसलों जैसे धान, बाजरा और मक्का की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।
मानसून ट्रफ लाइन
Aaj ka Mosam : मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून ट्रफ लाइन वर्तमान में जैसलमेर, उदयपुर और मध्य प्रदेश के रतलाम से होकर गुजर रही है। यह स्थिति दक्षिणी राजस्थान के जिलों जैसे उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में मेघगर्जन के साथ तेज बारिश की संभावना को मजबूत करती है। यह बारिश जलाशयों और तालाबों को भरने में सहायक होगी, जो पिछले साल कम वर्षा के कारण सूखे पड़े थे। पिछले वर्ष अगस्त में औसत से कम बारिश ने कई जिलों में जल संकट पैदा किया था, लेकिन इस साल मानसून की सक्रियता ने स्थिति को बेहतर बनाया है।

पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रकोप
Rain Storm Alert : पश्चिमी राजस्थान में मानसून की हवाएं कमजोर होने के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है। जैसलमेर में रविवार को अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लोगों के लिए असहनीय रहा। बाड़मेर में 38.5 डिग्री, जोधपुर में 38 डिग्री, फलौदी में 38 डिग्री, गंगानगर में 38.2 डिग्री, जालौर में 37.4 डिग्री, झुंझुनूं में 35.5 डिग्री, पाली में 35 डिग्री, बीकानेर में 39.2 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 35.4 डिग्री, सीकर में 35.5 डिग्री, अलवर में 35 डिग्री और जयपुर में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इन क्षेत्रों में गर्मी के साथ उमस ने लोगों को परेशान किया, जिससे घरों में रहना भी मुश्किल हो गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं और धूप में बाहर निकलने से बचें।
सरकार और प्रशासन की तैयारिया
Today Mosam Rajasthan : राज्य सरकार ने मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की सफाई शुरू कर दी गई है, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को बारिश के पानी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं, जैसे नालियों की सफाई और बीजों की सुरक्षा। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे जलभराव वाले स्थानों पर यात्रा करने से बचें और मौसम अपडेट्स पर नजर रखें।

सितंबर तक बारिश की संभावना
Aaj Rajasthan me Barish : मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले अतिरिक्त लो-प्रेशर सिस्टम के कारण सितंबर की शुरुआत तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यह स्थिति राजस्थान के जलाशयों को भरने और भूजल स्तर को सुधारने में मददगार साबित होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बारिश का दौर इसी तरह चलता रहा, तो राज्य में सूखे की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी। साथ ही, यह बारिश पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और गर्मी से राहत देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
🌧️ 18 अगस्त का अलर्ट (पीला अलर्ट)
इन जिलों में बारिश का अलर्ट है:
- झुंझुनूं
- सीकर
- जयपुर
- अलवर
- दौसा
- भरतपुर
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
- टोंक
- अजमेर
- भीलवाड़ा
- बूंदी
- बारां
- झालावाड़
- कोटा
- चित्तौड़गढ़
- डूंगरपुर
- प्रतापगढ़
- बांसवाड़ा
- उदयपुर
- राजसमंद
- पाली
- सिरोही
- जालौर
- बाड़मेर
- जैसलमेर
🌧️ 19 अगस्त का अलर्ट (पीला अलर्ट)
इन जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में बारिश का अलर्ट:
- श्रीगंगानगर ❌
- हनुमानगढ़ ❌
- चूरू ❌
- झुंझुनूं ❌
- सीकर ❌
➡️ बाकी सभी जिलों में बारिश का अलर्ट।
🌧️ 20 अगस्त का अलर्ट
- ऑरेंज अलर्ट:
- उदयपुर
- सिरोही
- पीला अलर्ट:
- झुंझुनूं
- अलवर
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- दौसा
- सवाई माधोपुर
- बूंदी
- कोटा
- बारां
- झालावाड़
- भीलवाड़ा
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- राजसमंद
- पाली
- जालौर
- जोधपुर
- बाड़मेर
- जैसलमेर
🌧️ 21 अगस्त का अलर्ट (पीला अलर्ट)
इन जिलों में बारिश का अलर्ट:
- अलवर
- भरतपुर
- धौलपुर
- करौली
- बीकानेर
- गंगानगर
- हनुमानगढ़
- चूरू
- जोधपुर
- जैसलमेर
- बाड़मेर
- जालौर
- पाली
- सिरोही
- राजसमंद
- उदयपुर
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- प्रतापगढ़
- चित्तौड़गढ़
- भीलवाड़ा
- बूंदी
- कोटा
- बारां
- झालावाड़



