
Rain Alert : राजस्थान में इस साल मानसून ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित हादसों में 16 लोगों की जान चली गई है। कई इलाके जलमग्न होकर टापुओं में बदल गए हैं, सड़कों पर पानी का तेज बहाव नदियों जैसा हो गया है, और कई स्थानों पर मगरमच्छ तैरते देखे गए हैं। भारी बारिश के कारण सड़कें, पुल, और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए, और लोगों को आवागमन के लिए ट्रैक्टर, जेसीबी, और अन्य भारी मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को पाली, नागौर, और अजमेर जिलों में अतिभारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 10 अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) दी गई है।
Weather Update : जयपुर शहर में सोमवार शाम 6 बजे से रुक-रुककर रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो मंगलवार सुबह तक जारी रहा। जयपुर के ग्रामीण इलाकों, जैसे शिवदासपुरा और बीलवा, में मंगलवार सुबह 8:30 बजे के आसपास तेज बारिश ने कहर बरपाया। सड़कों पर जलजमाव और खेत-खलिहानों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव ने यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप लगाए हैं, लेकिन बारिश की तीव्रता के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है।
राजसमंद में जर्जर मकान ढहा, एक की मौत
Rajasthan ka Mosam : राजसमंद के कांकरोली क्षेत्र में धोरा मोहल्ला में सोमवार देर रात करीब 12 बजे एक जर्जर दोमंजिला मकान भारी बारिश के कारण धराशायी हो गया। इस दुखद हादसे में एक व्यक्ति की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के समय मकान में चार लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। घायल महिला का इलाज चल रहा है, लेकिन व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अन्य जर्जर मकानों की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एक दिन पहले दर्जनों लोग थे घर पर
पड़ोस में रहने वलो तरूण पालीवाल ने बताया कि गोविंदसिंह के घर में पिछले चार पांच दिनों से उनके बेटियों की फेमिली सहित कुछ बच्चे भी यहां रह रहे थे, मगर परिवार के वे सदस्य किसी काम से उदयपुर गए थे। अगर वे भी होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
तंग गली में श्रमिकों से हटावा रहे मलबा
हादसा राजसमंद शहर के पुराने धोरा मोहल्ले में हुआ, जहां जेसीबी व अन्य वाहन नहीं जा सकते। ऐसे में श्रमिकों को बुलाकर मलबा हटवाया जा रहा है, मगर क्षतिग्रस्त मकान को हटाने को लेकर भी जेसीबी नहीं पहुंच पा रही है। फिलहाल मोहल्ले में लोगों की आवाजाही रोक दी। मकान लगातार जगह छोड़ रहा है और आधा ढ़ाचा भी गिर सकता है, जिसे सुरक्षित तरीके से हटाने केकी जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कोटा में चंबल नदी का तांडव
Rain Strom Alert : कोटा जिले के कैथून कस्बे में सोमवार देर रात 12:30 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। चंबल नदी की रपट पर चार फीट पानी बह रहा था, फिर भी एक युवक ने ट्रैक्टर को पानी में उतारने का जोखिम उठाया। ट्रैक्टर तेज बहाव में फंस गया, और जैसे ही ड्राइवर ने उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की, वह नदी के गहरे पानी में समा गया। युवक ट्रैक्टर समेत बह गया, और उसका अभी तक कोई पता नहीं चला है। इसके अलावा, सोमवार को चंबल नदी में छह लोग बहे थे, जिनमें से तीन के शव बरामद किए जा चुके हैं। बाकी तीन लोगों की तलाश में एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। यह हादसा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के प्रति लोगों की लापरवाही को दर्शाता है।
सवाई माधोपुर में बनास नदी उफान पर
Heavy Rain : सवाई माधोपुर जिले में बनास नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे शिवाड़-चौथ का बरवाड़ा रोड पर बनी पुलिया के ऊपर से बनास नदी का पानी तेजी से बह रहा था, जिसके कारण यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी के पास न जाने की चेतावनी जारी की है, लेकिन कई लोग मजबूरी में जोखिम उठा रहे हैं। इस क्षेत्र में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट और बारिश का आंकड़ा
Mosam : मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने मंगलवार के लिए पाली, नागौर, और अजमेर में अतिभारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, सिरोही, जालोर, कोटा, बूंदी, टोंक, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, और बीकानेर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शेष जिलों (पाली, नागौर, और अजमेर को छोड़कर) के लिए येलो अलर्ट लागू है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक राजस्थान में औसत से 102% अधिक बारिश दर्ज की गई है। सामान्य रूप से 1 जून से 13 जुलाई तक 107.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 216.8 मिमी बारिश हो चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में मानसून की असाधारण तीव्रता को दर्शाता है।
टोंक के बीसलपुर बांध में बढ़ा जलस्तर
Aaj ka Mosam : बाड़मेर जिले में सोमवार रात कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी देखी गई। गुड़ामालानी में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। मंगलवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं, और धूप-छांव का खेल चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के कारण खेती-बाड़ी को तो फायदा हुआ है, लेकिन जलजमाव और यातायात की समस्याओं ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टोंक जिले के बीसलपुर बांध में मंगलवार को 7 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई। परियोजना के कार्यकारी अभियंता (XEN) मनीष बंसल ने बताया कि बांध का जलस्तर 314.012 आरएल मीटर तक पहुंच गया है, जो इसकी कुल क्षमता 38.703 टीएमसी का 75.22% है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में त्रिवेणी नदी तेज गति से बह रही है, जिससे आने वाले दिनों में पानी की आवक और बढ़ने की संभावना है। यह बांध जयपुर, टोंक, और आसपास के क्षेत्रों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है, इसलिए इसका जलस्तर बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है।

सीकर और बीकानेर में जलभराव की मार
Heavy Rain Alert Rajsamand : सीकर जिले में रातभर रुक-रुककर हुई बारिश ने फतेहपुर बस स्टैंड के पास फिर से जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। धोद क्षेत्र में एक गोशाला में पानी घुस गया, जिसके कारण पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। बीकानेर के नापासर में मंगलवार सुबह तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग प्रशासन से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। जालोर जिले में लगातार बारिश के कारण सुंदेलाव तालाब ओवरफ्लो हो गया है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नदी-नालों में उफान और सड़कों पर जलजमाव ने स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को बेहद कठिन बना दिया है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है, जिसके कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
बारिश का अलर्ट
- 15 जुलाई 2025 के लिए मौसम अलर्ट:
- रेड अलर्ट (अतिभारी बारिश):
- पाली, नागौर, अजमेर।
- ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश):
- सिरोही, जालोर, कोटा, बूंदी, टोंक, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, बीकानेर।
- येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश):
- शेष सभी जिले।
- रेड अलर्ट (अतिभारी बारिश):
- 16 जुलाई 2025 के लिए मौसम अलर्ट:
- ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश):
- जोधपुर, नागौर, बीकानेर।
- येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश):
- शेष सभी जिले।
- ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश):
- 17 जुलाई 2025 के लिए मौसम अलर्ट:
- येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश):
- शेष सभी जिले।
- येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश):
राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| अजमेर | 27.4 | 22.7 |
| भीलवाड़ा | 27.2 | 24.5 |
| अलवर | 30.2 | 24 |
| जयपुर | 28.6 | 25 |
| पिलानी | 32.2 | 24.5 |
| सीकर | 30 | 24.5 |
| कोटा | 27.3 | 24 |
| उदयपुर | 28.2 | 23.4 |
| बाड़मेर | 39.6 | 28.3 |
| जैसलमेर | 38.5 | 28 |
| जोधपुर | 31 | 24 |
| बीकानेर | 34.5 | 28.2 |
| टोंक | 33.8 | 26.6 |
| गंगानगर | 30 | 25.9 |
| नागौर | 33.4 | 25.8 |
| जालोर | 30.5 | 24.1 |
| फतेहपुर | 33.1 | 25.5 |
| करौली | 29 | 25 |
| दौसा | 28.6 | 25.9 |
| प्रतापगढ़ | 26.5 | 23.7 |
| हनुमानगढ़ | 31.8 | 25.2 |
| पाली | 29 | 22 |
(तापमान डेटा मौसम विभाग के अनुसार)



