
Rain Alert : राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आज बुधवार की शाम से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। यह बारिश 19 सितंबर तक जारी रह सकती है, जो सूखे की मार झेल रहे क्षेत्रों के लिए राहत की सौगात लेकर आ सकती है। Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के मुताबिक, एक कमजोर मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से यह बारिश संभव हो रही है, जो न केवल तापमान में कमी लाएगा, बल्कि किसानों की फसलों के लिए भी वरदान साबित हो सकता है।
मानसून की विदाई : आधा राजस्थान प्रभावित
Rajasthan ka Mosam : राजस्थान में इस साल मानसून का प्रदर्शन काफी अनिश्चित रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दो चरणों में राज्य के लगभग आधे हिस्से से मानसून की विदाई हो चुकी है। खासकर पश्चिमी और उत्तरी जिलों जैसे श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर और जैसलमेर में मानसून ने अलविदा कह दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में गर्मी और शुष्क मौसम का प्रकोप बढ़ गया है। हालांकि, दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में मानसून अभी भी सक्रिय है, और आज से शुरू होने वाला बारिश का दौर इन इलाकों में नई उम्मीदें जगा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इस सिस्टम को और मजबूती देगी, जिससे बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश की संभावना प्रबल होगी।
सात जिलों में Yellow Alert : सतर्क रहने की सलाह
Weather Update : मौसम विभाग ने 18 सितंबर के लिए सात जिलों में Yellow Alert जारी किया है, जो हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना को दर्शाता है। हालांकि इन जिलों के नाम अभी स्पष्ट रूप से उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन अनुमान है कि ये दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के जिले जैसे जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, कोटा और धौलपुर हो सकते हैं। Yellow Alert का मतलब है कि लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव या बाढ़ की आशंका हो सकती है। यह अलर्ट 19 सितंबर तक प्रभावी रहेगा, और इस दौरान कभी-कभी तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सड़कों पर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों का मौसम: धूप और हल्की बूंदाबांदी
Mosam : पिछले 24 घंटों में राजस्थान के ज्यादातर शहरों में मौसम शुष्क और धूप भरा रहा। दिन की शुरुआत से ही तेज धूप ने लोगों को गर्मी का एहसास कराया, और अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहा। हालांकि, दोपहर बाद अजमेर, जयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा और धौलपुर के आसपास के क्षेत्रों में बादल छा गए, और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मंगलवार की देर शाम धौलपुर जिले के मनिया में 7 MM और राजाखेड़ा में 2 MM बारिश हुई, जिसने वातावरण में नमी बढ़ाई और तापमान को थोड़ा नियंत्रित किया। यह हल्की बारिश हालांकि ज्यादा प्रभावशाली नहीं थी, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए गर्मी से राहत का एक छोटा सा अवसर जरूर लेकर आई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश मानसून के अंतिम चरण की शुरुआत का संकेत हो सकती है, जो राज्य में पानी की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव: पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रकोप
Rajasthan me Barish : राज्य में मंगलवार को दिन और रात के तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया, जो मौसम की अनिश्चितता को दर्शाता है। सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां गर्मी ने लोगों को खासा परेशान किया। चूरू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जैसलमेर में 36 डिग्री सेल्सियस की गर्मी महसूस हुई। अन्य पश्चिमी जिलों में भी तापमान ऊंचा रहा, जहां बीकानेर में 35.3 डिग्री सेल्सियस, फलौदी में 35.8 डिग्री सेल्सियस और बाड़मेर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिणी राजस्थान में चित्तौड़गढ़ में 35 डिग्री सेल्सियस और उदयपुर में 32.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जो अपेक्षाकृत ठंडा था।
पूर्वी राजस्थान में पिलानी में 36.3 डिग्री सेल्सियस, सीकर में 34.2 डिग्री सेल्सियस, जयपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस, अलवर में 36.2 डिग्री सेल्सियस, भीलवाड़ा में 32.4 डिग्री सेल्सियस, कोटा में 34.8 डिग्री सेल्सियस, नागौर में 32.7 डिग्री सेल्सियस, हनुमानगढ़ में 34.9 डिग्री सेल्सियस, फतेहपुर में 36.1 डिग्री सेल्सियस और दौसा में 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी अभी भी हावी है, जबकि दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बादलों की मौजूदगी ने तापमान को कुछ हद तक नियंत्रित रखा। रात के समय तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दिन की गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद
आने वाली बारिश का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को हो सकता है, जिनकी फसलें पानी की कमी से जूझ रही हैं। खासकर खरीफ की फसलों जैसे बाजरा, मूंग, और मक्का को इस बारिश से नई जिंदगी मिल सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस बारिश का लाभ उठाने के लिए अपनी फसलों की सिंचाई और पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखें। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, वहां किसानों को अपनी फसलों को ढकने और खेतों में जलभराव से बचने के उपाय करने चाहिए। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की तैयारी करने की सलाह दी गई है।
मौसम का असर: शहरों में तैयारियां तेज
जयपुर, कोटा, और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में बारिश की संभावना को देखते हुए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पिछले सालों में मानसून के दौरान कई शहरों में जलभराव की समस्या देखी गई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। जयपुर में खास तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि भारी बारिश की स्थिति में इन क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका रहती है।
