
राजस्थान में रविवार, 12 मई 2025 को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए, तेज हवाओं ने माहौल को ठंडा कर दिया और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। हनुमानगढ़ और नागौर में बारिश के साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिसने स्थानीय निवासियों को आश्चर्य में डाल दिया। हालांकि, उदयपुर में एक दुखद हादसे ने सभी का ध्यान खींचा, जहां बिजली गिरने से एक महिला की जान चली गई और एक अन्य घायल हो गई। मौसम विभाग ने 8 जिलों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, साथ ही 14 मई से राज्य में हीटवेव की चेतावनी दी है, जिसके तहत तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

हनुमानगढ़ में बारिश और ओले
Weather Update : हनुमानगढ़ में रविवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सुबह आसमान साफ था और तेज धूप ने गर्मी का अहसास कराया, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे अचानक बादल घिर आए। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में छोटे-छोटे ओले गिरे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ओलावृष्टि ने सड़कों और खेतों को सफेद चादर से ढक दिया, जो मई की गर्मी में एक अनोखा दृश्य था। इस अप्रत्याशित मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों में चिंता बढ़ गई, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका है। हनुमानगढ़ के कई गांवों में ओलों का आकार छोटा था, लेकिन कुछ स्थानों पर बड़े ओलों ने पेड़ों की टहनियों और फसलों को नुकसान पहुंचाया।
नागौर में आंधी और ओलावृष्टि
नागौर में भी रविवार शाम करीब 4 बजे मौसम ने नया रंग दिखाया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने कुछ ही पलों में जोर पकड़ लिया। कई क्षेत्रों में ओले गिरने की खबरें सामने आईं, जिसने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। नागौर के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि ने खेतों को प्रभावित किया, जिससे किसानों में बेचैनी बढ़ गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश और ओलों ने गर्मी से तो राहत दी, लेकिन सड़कों पर पानी भरने और ओलों से फसलों को हुए नुकसान ने उनकी चिंताएं बढ़ा दीं। नागौर में मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया, और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
अन्य जिलों में मौसम का प्रभाव
Rajasthan Ka Mosam : हनुमानगढ़ और नागौर के अलावा बीकानेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, जोधपुर और उनके आसपास के क्षेत्रों में भी रविवार को बारिश और आंधी ने दस्तक दी। बीकानेर में दोपहर बाद बादल छाए और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी। हालांकि, कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से आवागमन में दिक्कतें आईं। चित्तौड़गढ़ और कोटा में तेज हवाओं ने पेड़ों की टहनियां तोड़ दीं, और कुछ स्थानों पर होर्डिंग्स गिरने की खबरें भी सामने आईं। जोधपुर में हल्की बारिश ने माहौल को सुहाना बना दिया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में धूल भरी हवाओं ने लोगों को परेशान किया। इन सभी जिलों में मौसम के बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन अप्रत्याशित बारिश और हवाओं ने कई जगहों पर सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया।
उदयपुर में बिजली गिरने से दुखद हादसा
Mosam : उदयपुर के वल्लभनगर क्षेत्र के तारावट गांव में सोमवार सुबह एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। बिजली गिरने से टमुबाई (44) पत्नी लोगर गाडरी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि कंकूबाई (50) पत्नी भाना गाडरी गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों महिलाएं सुबह अपने खेतों में बकरियां चराने गई थीं। अचानक बारिश शुरू होने पर वे बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी बिजली गिरी और यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल महिला को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी, और लोग मौसम की इस मार से सहम गए। प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सहायता के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट
Rain Storm Alert : मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने 12 मई के लिए 8 जिलों—हनुमानगढ़, नागौर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, जोधपुर, उदयपुर और जयपुर—में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खुले स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पेड़ों या ऊंची संरचनाओं के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है।
हीटवेव की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 13 मई तक आंधी और बारिश का यह दौर धीमा पड़ जाएगा। इसके बाद 14 मई से आसमान साफ होने की संभावना है, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। इस दौरान राज्य में हीटवेव का दौर शुरू होने की प्रबल आशंका है। 15 मई तक कई शहरों, विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। शर्मा ने बताया कि इस दौरान गर्म हवाएं (लू) चलने की भी संभावना है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं।
गर्मी का मौजूदा हाल
पिछले कुछ दिनों से जयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर और पाली जैसे शहरों में सुबह से ही आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ गई है। जयपुर में दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने से लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हुई। 10 मई को बाड़मेर, बीकानेर और गंगानगर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था। पश्चिमी राजस्थान में दिनभर तेज धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। स्थानीय लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
किसानों और आम जनजीवन पर प्रभाव
हनुमानगढ़ और नागौर में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गेहूं, चना और अन्य फसलों को नुकसान की आशंका ने किसानों को परेशान कर दिया है। स्थानीय कृषि अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। दूसरी ओर, बारिश ने शहरी इलाकों में सड़कों पर जलभराव की समस्या पैदा की, जिससे आवागमन में दिक्कतें आईं। जयपुर और बीकानेर जैसे शहरों में बारिश के बाद सड़कों पर कीचड़ और पानी ने लोगों को परेशान किया।
सावधानियां और सुझाव
मौसम विभाग ने लोगों से आंधी और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों या ऊंची संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। हीटवेव की चेतावनी को देखते हुए लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से गर्मी से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान में मौसम का यह अप्रत्याशित बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया, वहीं उदयपुर में बिजली गिरने की दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। हनुमानगढ़ और नागौर में ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं, जबकि अन्य जिलों में बारिश ने माहौल को सुहाना बनाया। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 14 मई से शुरू होने वाला हीटवेव का दौर लोगों के लिए नई चुनौती पेश कर सकता है। ऐसे में सावधानी और तैयारी के साथ इस मौसमी बदलाव का सामना करना होगा।



