
Rain Alert : राजस्थान के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह तक तेज वर्षा का सिलसिला जारी रहा, जिसके चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से बारिश की तीव्रता बढ़ी है, और अगले दो दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। मौसम विभाग ने नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
सवाई माधोपुर: घरों में पानी, हाईवे ठप
Rajasthan ka Mosam : सवाई माधोपुर शहर में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पुराने शहर के पल्ली पार इलाके में करीब 250 से अधिक घर पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक बढ़े जल स्तर ने उन्हें तैयार होने का मौका तक नहीं दिया, और कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी। भैरो दरवाजा के पास लटिया नाला ओवरफ्लो होने से काला गोरा मंदिर और गोपालजी मंदिर के आसपास के इलाकों में भी पानी भर गया है। सड़कें और गलियां नदियों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप है।
नेशनल हाईवे-552 पर स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जहां तेज बारिश के कारण एक पुलिया टूट गई। इससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है, और ट्रक व कारें घंटों से फंसी हुई हैं। वैकल्पिक रास्तों पर भी जलभराव के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने हाईवे को बंद कर मरम्मत कार्य शुरू करने की कोशिश की है, लेकिन लगातार बारिश के चलते यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों का अनुमान है कि यदि बारिश की तीव्रता कम नहीं हुई, तो यातायात बहाली में कई दिन लग सकते हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर भी असर पड़ सकता है।

एरू नदी उफान पर, मंदिर और दुकानें डूबीं
Rajasthan me Barish : भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया में पिछले 24 घंटों में 166 MM बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से कहीं अधिक है। इस मूसलाधार वर्षा के कारण 23 फीट भराव क्षमता वाला पंचानपुरा बांध ओवरफ्लो हो गया है, और एरू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के किनारे बसी कॉलोनियों में पानी घुसने से घरों और दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। तिलस्वां महादेव मंदिर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, और मंदिर के मुख्य द्वार पर 4 फीट तक पानी भर गया है। नजदीकी खिलौना मार्केट की अस्थायी दुकानें भी डूब गईं, जिसके चलते दुकानदारों को अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
स्थानीय निवासी गिरधर पाराशर ने बताया कि निचले इलाकों में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, और पिछले 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। बिजौलिया के भोपतपुरा गांव में भारी बारिश के कारण नीम की रानी के प्राचीन मंदिर पर 70 साल पुराना बरगद का पेड़ जड़ सहित उखड़ कर गिर गया, जिससे मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह मंदिर स्थानीय समुदाय के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र था, और इस नुकसान ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। तहसीलदार ललित कुमार ने बताया कि सिविल डिफेंस की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं, और राहत कार्यों को तेज करने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
कोटा और बूंदी: बैराज के गेट खुले, कॉलोनियां जलमग्न
Aaj ka Mosam : कोटा बैराज में जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार सुबह 5 बजे तीन गेट खोल दिए गए, जिनसे 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। यह कदम तब उठाया गया जब बैराज का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निकासी नीचे की ओर बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए आवश्यक थी, लेकिन इसके बावजूद नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बूंदी जिले के कापरेन कस्बे में लगातार बारिश ने कई कॉलोनियों को जलमग्न कर दिया है। कस्बे के बीच से गुजरने वाली पुलिया पर पानी की तेज आवक के कारण ग्रामीण इलाकों का संपर्क शहर से कट गया है। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर इस पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। शिवनगर कॉलोनी में घरों में पानी घुसने से बच्चों को स्कूल जाना असंभव हो गया है, और कई परिवारों ने अपने सामान को ऊपरी मंजिलों पर शिफ्ट कर लिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कैंप स्थापित किए हैं, जहां भोजन, पानी, और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह ठप कर दिया है, और वे प्रशासन से त्वरित सहायता की मांग कर रहे हैं।
दुखद हादसे: अजमेर में जन्मदिन पर युवक की मौत, चाकसू में महिला लापता
Rain Storm Alert : राजस्थान में बारिश से जुड़े हादसों ने कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है। अजमेर जिले के किशनगढ़ के पास पितांबर की गाल सिलोरा में गुरुवार शाम एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें 19 वर्षीय अरुण, पुत्र रामरतन रैगर, बांध में डूबने से अपनी जान गंवा बैठा। अरुण अपने परिचितों के साथ घूमने गया था और नहाते समय यह हादसा हुआ। खास बात यह है कि उस दिन उसका जन्मदिन था, जिसे वह उत्सव के रूप में मना रहा था। उसके साथियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, और एनडीआरएफ व सिविल डिफेंस की टीमें रात 11 बजे शव को बाहर निकालने में सफल रहीं। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है।
इसी तरह, जयपुर के चाकसू इलाके में गुरुवार शाम ढूंढ नदी की रपट पर एक दंपती बाइक सहित बह गया। यह घटना गरूडवासी रोड पर शाम करीब 7 बजे हुई, जब रपट पर 6 इंच पानी बह रहा था। कोटखावदा थानाधिकारी भरत महर ने बताया कि हीरालाल बैरवा (35) और उनकी पत्नी मंजू बैरवा (32) चाकसू से अपने गांव त्रिलोकीनाथपुरा लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिर गई। राहगीरों ने हीरालाल को तो बचा लिया, लेकिन मंजू तेज बहाव में बह गई। पुलिस, सिविल डिफेंस, और एसडीआरएफ की टीमें शुक्रवार सुबह से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल सका है। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और बरसाती नदियों के खतरे को फिर से उजागर किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी: ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम केंद्र जयपुर ने शुक्रवार को उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, और प्रतापगढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को दर्शाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन अब अपनी सामान्य स्थिति के करीब आ गई है और जैसलमेर, कोटा, दतिया (मध्य प्रदेश), सीधी (मध्य प्रदेश), और रांची (झारखंड) से होकर गुजर रही है। इस कारण अगले दो दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से नदियों, नालों, और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है, क्योंकि जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है।

अन्य जिलों में बारिश का प्रभाव
पिछले 24 घंटों में पाली जिले के रानी कस्बे में सर्वाधिक 131 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, सोजत में 82 MM, सुमेरपुर में 58 MM, देसूरी में 97 MM, कोटा के दिगोद में 53 MM, जालोर के आहोर में 72 MM, भाद्राजून में 69 MM, और जालोर शहर में 85 MM बारिश हुई। जोधपुर में 54 MM, राजसमंद के देलवाड़ा में 67 MM, खमनोर में 54 MM, चित्तौड़गढ़ के भदेसर में 75 MM, निम्बाहेड़ा में 64 MM, बूंदी के केशवरायपाटन में 82 MM, और बांसवाड़ा में 80 MM बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में 51 MM, सवाई माधोपुर शहर में 49 MM, उदयपुर के घासा में 80 MM, गोगुंदा में 55 MM, और डबोक एयरपोर्ट पर 76 MM बारिश हुई। जयपुर, सिरोही, नागौर, डूंगरपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, भरतपुर, और टोंक जैसे जिलों में भी 1 से 2 इंच तक बारिश हुई है।
राहत और बचाव कार्यों में तेजी
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। सवाई माधोपुर और बूंदी में राहत कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी, और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। भीलवाड़ा में सिविल डिफेंस की टीमें नदियों के किनारे निगरानी कर रही हैं, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश का यह दौर अगले 48 घंटों तक जारी रह सकता है, और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश का अलर्ट
📌 22 अगस्त
- ऑरेंज अलर्ट: उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़
- येलो अलर्ट: बाकी सभी जिले (जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ को छोड़कर)
📌 23 अगस्त
- ऑरेंज अलर्ट: जालोर, सिरोही, पाली, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर
- येलो अलर्ट: बाकी सभी जिले (गंगानगर को छोड़कर)
📌 24 अगस्त
- ऑरेंज अलर्ट: जालोर, सिरोही
- येलो अलर्ट: बाकी सभी जिले
📌 25 अगस्त
- येलो अलर्ट: पूरे राजस्थान के सभी जिले



