
Rain Alert : राजस्थान में मानसून की सक्रियता अभी भी बनी हुई है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में बारिश की तीव्रता में कमी देखी गई है। सोमवार को कई इलाकों में लोगों को राहत मिली, लेकिन मौसम विभाग ने मंगलवार (आज) के लिए 11 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें जालोर, सिरोही और उदयपुर के लिए Orange Alert और बाड़मेर, पाली, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चूरू, झुंझुनूं और अलवर के लिए Yellow Alert जारी किया गया है। इन चेतावनियों का मतलब है कि इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव, सड़कें बंद होने और यातायात में रुकावट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
राज्य के 8 जिलों में मंगलवार को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की गई है। इन जिलों में जयपुर, अलवर, दौसा, नागौर, उदयपुर (शहर को छोड़कर), डीडवाना-कुचामन, टोंक और बूंदी शामिल हैं। टोंक और बूंदी में 27 अगस्त को भी स्कूल बंद रहेंगे। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि लगातार बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अभिभावकों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन वे चिंतित हैं कि बार-बार छुट्टियों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। शिक्षा विभाग ने जल्द ही ऑनलाइन कक्षाओं या वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार करने का आश्वासन दिया है ताकि शैक्षणिक नुकसान को कम किया जा सके।

अलवर में सुबह-सुबह तेज बारिश
Rajasthan ka Mosam : मंगलवार तड़के करीब 4 बजे अलवर शहर में तेज बारिश ने दस्तक दी। टेल्को चौराहा, रामगढ़ रोड, तिजारा रोड समेत कई प्रमुख इलाकों में भारी बौछारें पड़ीं, जिससे सड़कें पानी से लबालब हो गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक हुई इस बारिश ने सुबह की सैर और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया। हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है। इसके अलावा, पांडुपोल मेले के कारण आज पूरे अलवर जिले में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जहां हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। बारिश को देखते हुए मेला आयोजकों ने अतिरिक्त सावधानियां बरती हैं, जैसे तंबुओं को मजबूत करना और जल निकासी की उचित व्यवस्था करना।
सोमवार को मिली राहत, कुछ जिलों में धूप
Aaj ka Mosam : सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर धीमा पड़ा, जिससे मौसम साफ हुआ और धूप निकली। सीकर, झुंझुनूं, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़ और दौसा में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धूप निकलने से तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बौछारों की संभावना जताई है। यह अनुमान मानसून की गतिविधियों पर आधारित है, जो अभी भी सक्रिय हैं।
पिछले 24 घंटों में बारिश के आंकड़े
Weather Update : पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की मात्रा में विविधता देखी गई। कुछ प्रमुख स्थानों पर दर्ज बारिश इस प्रकार है:
- सीकर: नीमकाथाना में 54 MM, रींगस और पलसाना में 31-31 MM, श्रीमाधोपुर में 32 MM
- श्रीगंगानगर: सूरतगढ़ में 25 MM
- सिरोही: माउंट आबू में 45 MM
- पाली: 24 MM
- झुंझुनूं: बिसाऊ में 45 MM
- हनुमानगढ़: रावतसर में 28 MM
- डूंगरपुर: देवल में 50 MM, डूंगरपुर शहर में 42 MM, चिकली में 27 MM
- दौसा: महुवा में 25 MM
- चूरू: राजगढ़ में 45 MM
- चित्तौड़गढ़: डूंगला में 48 MM
- अजमेर: ब्यावर में 30 MM
- बालोतरा: कल्याणपुर में 25 MM
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तरी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का प्रभाव अधिक रहा। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी है, लेकिन अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान होने का खतरा भी बना हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों को जल निकासी की व्यवस्था करने और कीटनाशकों का उपयोग करने की सलाह दी है।
कोटा-बारां में राहत, लेकिन बाढ़ का असर बरकरार
Rajasthan me Barish : कोटा, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, टोंक और जयपुर जैसे जिलों में सोमवार को बारिश से राहत मिली। इन क्षेत्रों में पिछले दिनों अतिवृष्टि के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, जहां नदियां उफान पर थीं और कई गांवों में पानी घुस गया था। सोमवार को आंशिक बादल और धूप के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। बचाव दल अब प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और पुनर्वास कार्य में जुटे हैं। सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और क्षतिपूर्ति की घोषणा की है।

पाली में हादसा: स्कॉर्पियो नाले में बही
पाली जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सोमवार देर शाम कांग्रेस नेता चुन्नीलाल चाड़वास की स्कॉर्पियो बरसाती नाले में बहने लगी थी। सौभाग्यवश, नेता और उनके साथी सुरक्षित बच गए। इस घटना ने बारिश के दौरान सड़क यात्रा के खतरों को उजागर किया है। स्थानीय पुलिस ने नालों और पुलों पर साइन बोर्ड लगाने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
तापमान में उतार-चढ़ाव
सोमवार को धूप निकलने से कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान इस प्रकार रहे:
- चूरू: 31.5 डिग्री सेल्सियस
- श्रीगंगानगर: 28.1 डिग्री सेल्सियस
- नागौर और बारां: 30.9 डिग्री सेल्सियस
- बीकानेर: 30.8 डिग्री सेल्सियस
- फलोदी: 33.4 डिग्री सेल्सियस
- जोधपुर: 32.6 डिग्री सेल्सियस
- उदयपुर: 29.7 डिग्री सेल्सियस
- कोटा: 31.9 डिग्री सेल्सियस
- जयपुर: 31.8 डिग्री सेल्सियस
- बाड़मेर: 34.6 डिग्री सेल्सियस
- जैसलमेर: 37.7 डिग्री सेल्सियस
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रभाव अभी भी बना हुआ है, जबकि पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर अधिक देखा जा रहा है।
बारिश का अलर्ट
📅 26 अगस्त
- ऑरेंज अलर्ट : जालोर, सिरोही, उदयपुर
- येलो अलर्ट : बाड़मेर, पाली, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चूरू, झुंझुनूं, अलवर
📅 27 अगस्त
- ऑरेंज अलर्ट : सिरोही, उदयपुर
- येलो अलर्ट : पाली, राजसमंद, डूंगरपुर, जालोर
📅 28 अगस्त
- येलो अलर्ट : डूंगरपुर, उदयपुर, सिरोही, जालोर, बाड़मेर
📅 29 अगस्त
- येलो अलर्ट : कोटा, बारां, झालावाड़
