
Rain Alert : राजस्थान में शनिवार, 10 मई 2025 को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर 12 बजे के बाद कोटा और भरतपुर में बादल छाए और हल्की से मध्यम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों, यानी 11 और 12 मई के लिए प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का Yellow Alert जारी किया है। हालांकि, 13 मई से यह मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके बाद गर्मी फिर से अपने तीखे तेवर दिखा सकती है। इस मौसमी बदलाव ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं किसानों और दैनिक गतिविधियों पर इसका असर भी देखने को मिला।
दोपहर में बदला मौसम का मिजाज
Rajasthan Ka Mosam : शनिवार की सुबह राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ था, और सूरज की तपिश दिन की शुरुआत से ही महसूस हो रही थी। लेकिन दोपहर 11 से 12 बजे के बीच मौसम ने अचानक पलटी मारी। कोटा, भरतपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और झालावाड़ जैसे शहरों में घने बादल छा गए, और कई जगहों पर बारिश शुरू हो गई। खास तौर पर भरतपुर में सुबह से ही बादल छाए रहे, जिसने शहर को एक ठंडक भरा माहौल प्रदान किया।
जयपुर में बीती रात का न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान भी 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, जिसने शहरवासियों को गर्मी से कुछ राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव के कारण हुआ है।
प्रदेश भर में तापमान का हाल
Mosam : राजस्थान के अन्य शहरों में भी रात का तापमान सामान्य स्तर पर रहा। बाड़मेर में 26.6 डिग्री, जैसलमेर में 26.2 डिग्री, करौली में 26.4 डिग्री, फलोदी में 28.2 डिग्री, बीकानेर में 27.3 डिग्री, चूरू में 25.1 डिग्री, गंगानगर में 24.8 डिग्री, उदयपुर में 24.9 डिग्री, कोटा में 25.6 डिग्री और अजमेर में 23.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन शहरों में दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रहा, जिसका कारण बादल और हल्की बारिश रही।
पिछले 24 घंटों में बारिश का लेखा-जोखा
पिछले 24 घंटों (9 मई से 10 मई सुबह 8 बजे तक) में राजस्थान के कई जिलों में बारिश ने दस्तक दी। चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, पाली, झालावाड़, डूंगरपुर, जयपुर, अजमेर और बारां जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में 43 मिलीमीटर दर्ज की गई, जो इस मौसमी सिस्टम की तीव्रता को दर्शाता है।
अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। पाली के जैतारण में 37 मिलीमीटर, हनुमानगढ़ के टिब्बी में 30 मिलीमीटर, बांसवाड़ा के भूंगड़ा में 30 मिलीमीटर, अजमेर के जवाजा में 25 मिलीमीटर, उदयपुर के कोटड़ा और कोटा के कानावास में 24 मिलीमीटर, बारां के किशनगंज में 21 मिलीमीटर, और गंगानगर के विजयनगर में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, फलासिया में 17 मिलीमीटर, प्रतापगढ़ के दलोत में 15 मिलीमीटर, बांसवाड़ा शहर और कोटा के सांगोद में 11 मिलीमीटर, गोगुंदा, पुष्कर और रामगंजमंडी में 10 मिलीमीटर, झालावाड़ शहर और ब्यावर में 9 मिलीमीटर, डूंगरपुर और मेड़ता में 7 मिलीमीटर, माउंट आबू में 7.4 मिलीमीटर, अरनोद में 5 मिलीमीटर, और बूंदी के नैनवां में 3 मिलीमीटर बारिश हुई।
येलो अलर्ट: 11-12 मई को आंधी और बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 11 और 12 मई के लिए राजस्थान के 30 जिलों में Yellow Alert जारी किया है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 11 मई को जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, अजमेर, बारां, राजसमंद, बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा, धौलपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में बारिश और आंधी की संभावना है।
12 मई को यह सिस्टम थोड़ा कमजोर होगा, लेकिन 27 जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खुले स्थानों पर तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। खास तौर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखें और बारिश से होने वाले नुकसान से बचने के लिए उचित कदम उठाएं।
13 मई से गर्मी का प्रकोप
मौसम विभाग के अनुसार, 13 मई से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने के कारण मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद राजस्थान में गर्मी फिर से अपने पूरे जोर पर लौटेगी। दिन का अधिकतम तापमान कई शहरों में 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, और रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। खास तौर पर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और फलोदी जैसे इलाकों में गर्मी का प्रकोप अधिक रहेगा।
बारिश का असर: राहत के साथ चुनौतियां
इस बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ क्षेत्रों में इससे चुनौतियां भी सामने आईं। कोटा और भरतपुर जैसे शहरों में बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति देखी गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति में व्यवधान की खबरें भी सामने आईं। हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई, क्योंकि इससे खेतों में नमी बनी रही और फसलों को लाभ मिला।

मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे Yellow Alert के दौरान सावधानी बरतें। तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ों के गिरने या बिजली के तारों के टूटने का खतरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों में न रहें और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें। साथ ही, बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में मौसम की अनिश्चितता
राजस्थान का मौसम हमेशा से अपनी अनिश्चितता के लिए जाना जाता है। मई के महीने में जहां गर्मी अपने चरम पर होती है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण अचानक बारिश और आंधी की स्थिति बन जाती है। इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी हवाओं के मिश्रण का परिणाम है।
राजस्थान में शनिवार को कोटा और भरतपुर में हुई बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत दी, लेकिन अगले दो दिनों तक मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी। 11 और 12 मई को 30 से अधिक जिलों में Yellow Alert के साथ आंधी और बारिश की संभावना है। हालांकि, 13 मई से गर्मी फिर से हावी हो सकती है। इस मौसमी बदलाव ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं सावधानी बरतने की जरूरत भी पैदा की है। मौसम विभाग की सलाह और अपडेट्स पर नजर रखकर लोग इस स्थिति से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं।



