
Rajasthan BJP News : राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता और संगठन के बीच सीधा सेतु बनाने का बड़ा फैसला लिया है। दिसंबर महीने से हर सोमवार, मंगलवार और बुधवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में दो-दो कैबिनेट मंत्री मौजूद रहकर कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याओं की सीधी सुनवाई करेंगे। यह व्यवस्था संगठन को मजबूत करने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर अजमेर और बीकानेर संभाग के जिला-मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग सत्रों में हुई मैराथन बैठक में CM भजनलाल ने साफ कहा, “मंडल अध्यक्ष हमारी रीढ़ की हड्डी हैं। अब दिसंबर से प्रदेश मुख्यालय में हफ्ते के तीन दिन सुनवाई का सिलसिला शुरू होगा। दो मंत्री हर दिन मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं की हर छोटी-बड़ी समस्या को नोट करेंगे।”
दो साल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने का टास्क
Rajasthan Local Body Elections : मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि भाजपा सरकार दिसंबर में अपने दो वर्ष पूरे करने जा रही है और इन दो सालों में कांग्रेस की पांच साल की सरकार से कई गुना ज्यादा काम हुआ है। उन्होंने कहा, “हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 28 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य हुए हैं। अब कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि ये उपलब्धियां घर-घर तक पहुंचाएं।” CM ने विशेष रूप से SIR (सुगम इंटरफेस फॉर रेड्रेसल) कार्यक्रम की नियमित समीक्षा करने और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए।
फीडबैक फॉर्म और डेडिकेटेड लैंडलाइन नंबर
Rajasthan Jan Sunwai Program : बैठक में हर जिले के पदाधिकारियों को एक विशेष फॉर्म भरवाया गया जिसमें तीन बिंदु थे –
- संगठन और सत्ता के बीच बेहतर तालमेल के लिए सुझाव
- अपने क्षेत्र की टॉप-5 प्राथमिकता वाले काम
- पिछले दो साल में हुए प्रमुख विकास कार्यों की सूची
इसके अलावा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक डेडिकेटेड लैंडलाइन नंबर भी जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी कार्यकर्ता सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। सबसे खास बात यह कि चुनिंदा कार्यकर्ताओं से खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा फोन पर बात करेंगे।
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर सख्त निर्देश
BJP Ministers Public Hearing : प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस ने सत्ता के अंतिम दिनों में जल्दबाजी में जिलों का गठन किया और वार्ड पुनर्गठन में भारी अनियमितता की। अब भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर इन मुद्दों को जनता के सामने रखेंगे।” बैठक में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, घनश्याम तिवाड़ी सहित दोनों संभागों के सभी जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

आगे की रणनीति
Bhajanlal Sharma Decisions : सूत्रों के मुताबिक यह नई व्यवस्था सिर्फ सुनवाई तक सीमित नहीं रहेगी। हर हफ्ते सुनी गई शिकायतों और सुझावों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए जाएंगे। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक सभी संभागों के पदाधिकारियों के साथ इसी तरह की बैठकें पूरी कर ली जाएंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले यह कदम भाजपा के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। एक तरफ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा, तो दूसरी तरफ जनता को लगेगा कि सरकार और संगठन उनके द्वार तक पहुंच रहा है।
