
Rajasthan Election Rules : राजस्थान में होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रचार व्यवस्था और चुनाव खर्च को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उम्मीदवारों की चुनाव खर्च सीमा को दोगुना तक बढ़ाने के साथ-साथ प्रचार के दौरान इस्तेमाल होने वाले वाहनों और साधनों पर भी कई अहम पाबंदियां लागू कर दी हैं। इन नियमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाना है।
Local Body Election Campaign Guidelines : राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार अब चुनाव प्रचार में किसी भी प्रकार के बड़े वाहन या पशुओं से चलने वाली गाड़ियों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। उम्मीदवार बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के अलावा तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे साधनों से प्रचार नहीं कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों में इस बार उम्मीदवारों की चुनाव खर्च सीमा को पहले की तुलना में दोगुना तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि आयोग ने यह भी साफ किया है कि तय सीमा से अधिक खर्च किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा। उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का पूरा विवरण चुनाव समाप्ति के बाद 15 दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। समय पर खर्च का हिसाब नहीं देने या नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। Election Expenditure Limit Rajasthan

पंचायतीराज चुनाव में वाहन उपयोग को लेकर सख्ती
State Election Commission Rajasthan News : पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में प्रचार के लिए वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। आयोग के निर्देशों के अनुसार जिला परिषद सदस्य पद के उम्मीदवार अधिकतम तीन वाहन, पंचायत समिति सदस्य दो वाहन और सरपंच प्रत्याशी केवल एक वाहन का ही उपयोग कर सकेंगे। चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की जानकारी पहले से रिटर्निंग ऑफिसर को देना जरूरी होगा। तय सीमा से अधिक वाहन लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
शहरी निकाय चुनावों में भी लागू होंगे समान नियम
शहरी निकाय चुनावों में भी प्रचार के दौरान वाहनों की सीमा निर्धारित कर दी गई है। नगर निगम पार्षद उम्मीदवार अधिकतम तीन वाहन, नगर परिषद पार्षद दो वाहन और नगर पालिका पार्षद केवल एक वाहन का ही उपयोग कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे चुनाव प्रचार में समानता बनी रहेगी और अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी।
लाउडस्पीकर पर कड़ी पाबंदी, अनुमति जरूरी
Rajasthan Municipal Election Update : चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार अपने चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए भी मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालने से पहले प्रशासनिक अनुमति जरूरी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इन नियमों का उद्देश्य चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाना है। आयोग ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
