
Rajasthan Gold Pot News : राजस्थान के टोंक जिले में शनिवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक सुनसान चारागाह भूमि में खुदाई के दौरान गोल्ड जैसी चमकती धातु से भरा एक पुराना घड़ा निकल आया। घड़े के बाहर आते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और कुछ समय के लिए हालात बेकाबू हो गए।
स्थानीय लोगों में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि जमीन के नीचे सोने से भरा खजाना (Hidden Treasure) दबा हुआ था। इसी अफवाह के चलते मौके पर भीड़ बढ़ती चली गई और कुछ लोगों ने घड़े में मौजूद चमकदार धातु के टुकड़े लूटने की कोशिश भी की। पुलिस को स्थिति काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सुनसान जमीन से निकला रहस्यमयी धातु का घड़ा
Gold Like Metal Pot : यह पूरा मामला निवाई थाना क्षेत्र के सीदड़ा गांव की चारागाह भूमि का है। घटना शनिवार शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जमीन से निकला यह घड़ा धातु (Metal Pot) का बना हुआ है और काफी पुराना प्रतीत होता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के घड़े अब प्रचलन में नहीं हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कई साल पुराना हो सकता है। घड़े के अंदर मौजूद टुकड़े देखने में Gold जैसे चमकदार दिखाई दे रहे हैं, हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वह असली सोना है या कोई अन्य धातु।
सबसे पहले जानिए—पूरा मामला कैसे शुरू हुआ
Tonk Police Latest News : दरअसल, शनिवार को गांव की चारागाह जमीन पर कुछ पूजा-अर्चना से जुड़ा सामान मिला था। इसे देखकर ग्रामीणों को आशंका हुई कि इस स्थान पर कोई पुराना खजाना गड़ा हो सकता है। सूचना मिलने पर मौके पर तहसीलदार पहुंचे और प्रशासनिक निगरानी में JCB मशीन से खुदाई शुरू करवाई गई। करीब आधे घंटे की खुदाई के बाद जमीन से लगभग 100 से 150 किलो वजनी, करीब 2 फीट ऊंचा और डेढ़ फीट चौड़ा धातु का घड़ा बाहर निकाला गया। घड़े के अंदर चमकदार धातु के कई टुकड़े पाए गए, जिन्हें देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं।

घड़ा निकलते ही बिगड़े हालात, भीड़ हुई बेकाबू
Gold Pot Found in Ground : जैसे ही घड़ा जमीन से बाहर आया, वहां मौजूद ग्रामीणों की भीड़ उस पर टूट पड़ी। कुछ लोगों ने घड़े में रखे गोल्ड जैसी धातु के टुकड़े उठाकर भागने की कोशिश की। स्थिति कुछ देर के लिए लूटपाट जैसी हो गई। मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को रोकने का प्रयास किया। काफी समझाइश और सख्ती के बाद ग्रामीणों से वापस टुकड़े लेकर उन्हें दोबारा घड़े में रखा गया। इसके बावजूद पुलिस को आशंका है कि कुछ कीमती टुकड़े गायब हो सकते हैं।
10 फीट गहराई से निकला घड़ा, वजन भी चौंकाने वाला
Tonk Local News Update : प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह रहस्यमयी घड़ा जमीन से करीब 10 फीट की गहराई में दबा हुआ था। इसका वजन काफी अधिक है, जिसे बाहर निकालने में JCB मशीन की मदद लेनी पड़ी। फिलहाल घड़े को सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने खुदाई वाली जगह को खाली करवाया और सुरक्षा बढ़ा दी गई, ताकि किसी तरह की और अव्यवस्था न हो।
खुदाई किसने करवाई? जांच में जुटा प्रशासन
पंचायत समिति सदस्य रामकिशोर मीना ने बताया कि प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि इस चारागाह भूमि पर खुदाई किसके निर्देश पर करवाई गई और क्या वाकई यह गड़े हुए धन (Buried Treasure) का मामला है या किसी और धातु से जुड़ा कोई पुराना संग्रह। फिलहाल इस घड़े को प्रशासन ने Treasury Office में सुरक्षित रखवा दिया है। अब विशेषज्ञों से इसकी Scientific Investigation करवाई जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि घड़े में मौजूद धातु असली सोना है या कोई अन्य मिश्रधातु।
सुनसान इलाका, पहले कभी नहीं हुई खुदाई
ग्रामीणों ने बताया कि जिस जमीन से यह घड़ा मिला है, उसके आसपास दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं है। यह इलाका वर्षों से खाली पड़ा हुआ है और यहां पहले कभी खुदाई नहीं की गई। इसी वजह से पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं।
कानून क्या कहता है? जानिए खजाने से जुड़ा नियम
भारत में जमीन से मिलने वाले खजाने से जुड़े मामलों के लिए भारतीय खजाना-निधि अधिनियम (Indian Treasure Trove Act) लागू होता है। इस कानून के अनुसार, मिट्टी में छिपी या उससे जुड़ी कोई भी मूल्यवान वस्तु खजाने की श्रेणी में आती है। यदि जमीन से 10 रुपए या उससे अधिक मूल्य की कोई वस्तु मिलती है, तो उसे पाने वाले व्यक्ति को इसकी जानकारी जिला कलेक्टर को देना अनिवार्य होता है। कलेक्टर उस वस्तु को सरकारी कोष में जमा कराता है या उसकी सुरक्षा की व्यवस्था करता है। इसके बाद एक अधिसूचना जारी कर खजाने पर दावा करने वाले लोगों को बुलाया जाता है। सभी दावेदारों की बात सुनने के बाद ही कलेक्टर यह तय करता है कि खजाने का असली स्वामित्व किसका होगा।
