
Rajasthan LPG cylinder OTP rule : राजस्थान सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) साझा करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ने प्रमुख तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)—को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है, ताकि करोड़ों रुपये की सब्सिडी का सही लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके। इस कदम से न केवल सरकारी खजाने की बचत होगी, बल्कि गरीब परिवारों को मिलने वाली सुविधा भी मजबूत होगी।
OTP सिस्टम की अनिवार्यता: डिलीवरी में नई सुरक्षा परत
LPG cylinder delivery OTP mandatory Rajasthan : राज्य सरकार के फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने तेल कंपनियों को एक आधिकारिक पत्र भेजकर NFSA और उज्जवला कनेक्शनधारियों के लिए रिफिल डिलीवरी को OTP आधारित बनाने का निर्देश दिया है। डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर की ओर से जारी इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लाभार्थियों को सिलेंडर की डिलीवरी तभी दी जाए, जब वे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP को डिलीवरी पर्सन के साथ साझा करें। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि सब्सिडी वाला सिलेंडर वास्तविक लाभार्थी तक ही पहुंचे। पहले से ही भारत में LPG डिलीवरी के लिए OTP सिस्टम नवंबर 2020 से लागू है, लेकिन अब राजस्थान में इसे विशेष रूप से सब्सिडी प्राप्त कनेक्शनों पर फोकस किया जा रहा है। इस बदलाव से डिलीवरी प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी और फर्जी बुकिंग्स पर अंकुश लगेगा।
सब्सिडी की विस्तृत जानकारी: करोड़ों रुपये का सरकारी बोझ
NFSA LPG subsidy Rajasthan राजस्थान सरकार NFSA के तहत पात्र परिवारों को प्रति सिलेंडर 450 रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है। राज्य में लगभग 70 लाख लाभार्थी परिवार हैं, जिन्हें यह सहायता मिल रही है। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी जाती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। उज्जवला योजना, जो 2016 में शुरू हुई थी, का उद्देश्य गरीब महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे धुएं से मुक्त रसोई में खाना बना सकें। योजना के तहत अब तक करोड़ों महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। राजस्थान में यह योजना विशेष रूप से सफल रही है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार देखा गया है। हालांकि, सब्सिडी की यह राशि सरकार पर भारी बोझ डालती है, क्योंकि हर माह करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। OTP सिस्टम से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का पैसा सही हाथों में पहुंचे।
दुरुपयोग की आशंका: ब्लैक मार्केटिंग पर कसेगी नकेल
PMUY LPG subsidy OTP system फूड सप्लाई डिपार्टमेंट के सूत्रों के अनुसार, NFSA और उज्जवला लाभार्थियों को सरकार每年 12 सिलेंडर उपलब्ध कराती है। सब्सिडी शुरू होने के बाद इन कनेक्शनधारियों की मासिक रिफिल उठाने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां औसतन सालाना 6 से 9 सिलेंडर ही उपयोग होते थे, अब हर माह रिफिल बुकिंग हो रही है। इस स्थिति ने आशंका पैदा की है कि कुछ लाभार्थियों के नाम पर अन्य लोग या गैस एजेंसी संचालक फर्जी बुकिंग करवा रहे हैं। ऐसे सिलेंडरों को बाजार में ब्लैक मार्केटिंग के माध्यम से ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। सब्सिडी ट्रांसफर होने के बावजूद सिलेंडर लाभार्थी तक नहीं पहुंचता, जो योजना की मूल भावना को चोट पहुंचाता है। OTP सिस्टम इस समस्या का समाधान करेगा, क्योंकि डिलीवरी के समय लाभार्थी की उपस्थिति और सत्यापन अनिवार्य होगा। इससे न केवल दुरुपयोग रुकेगा, बल्कि एजेंसियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
योजनाओं की पृष्ठभूमि: गरीबों के लिए जीवनदायिनी पहल
LPG cylinder delivery new rules 2025 प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन प्रदान करती है। योजना का दूसरा चरण (उज्जवला 2.0) 2021 में शुरू हुआ, जिसमें पात्र महिलाओं को बिना किसी जमा राशि के कनेक्शन मिलता है। राजस्थान में इस योजना से लाखों महिलाओं को लाभ हुआ है, और अब राज्य सरकार ने इसे और मजबूत बनाने के लिए 450 रुपये प्रति सिलेंडर की दर पर सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसी प्रकार, NFSA के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम गरीब परिवारों को सस्ता अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ LPG सब्सिडी प्रदान करता है। राजस्थान में BPL (बिलो पॉवर्टी लाइन) परिवारों को शामिल कर इस योजना का विस्तार किया गया है। इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी गरीबों की जीवनशैली में सुधार आया है, लेकिन दुरुपयोग की शिकायतों ने सरकार को सतर्क किया है। OTP सिस्टम इन योजनाओं की विश्वसनीयता को बढ़ाएगा और लाभार्थियों को वास्तविक फायदा पहुंचाएगा।

संभावित प्रभाव: पारदर्शिता और चुनौतियां
इस नए नियम से LPG डिलीवरी सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, जो अंततः सब्सिडी के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करेगी। लाभार्थियों के लिए यह एक छोटी-सी अतिरिक्त प्रक्रिया होगी, लेकिन इससे उनकी सुरक्षा भी बढ़ेगी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर है, OTP प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है। सरकार को ऐसे मामलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, जैसे SMS के अलावा ऐप-बेस्ड सत्यापन, पर विचार करना चाहिए। साथ ही, एजेंसियों को प्रशिक्षण देकर सिस्टम को सुचारू रूप से लागू किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जहां सब्सिडी दुरुपयोग की समस्या आम है। कुल मिलाकर, यह पहल गरीबों के कल्याण को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
सरकार की अपील: लाभार्थियों से सहयोग की उम्मीद
राज्य सरकार ने लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस नए सिस्टम का पालन करें और अपनी मोबाइल नंबर अपडेट रखें। यदि कोई समस्या आती है, तो वे निकटतम गैस एजेंसी या फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सिस्टम को जल्द से जल्द लागू करें और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान करें। इस बदलाव से न केवल सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि योजनाओं की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। राजस्थान जैसे राज्य में, जहां गरीबी और ग्रामीण विकास प्रमुख मुद्दे हैं, ऐसी पहलें दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेंगी।
