
Rajasthan Panchayat election Rule : राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा और दूरगामी असर डालने वाला फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय के बाद अब राज्य में दो से अधिक संतान रखने वाले नागरिक भी चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। सरकार का मानना है कि इससे लोकतंत्र की भागीदारी बढ़ेगी और जमीनी स्तर पर अधिक लोगों को राजनीति में आने का अवसर मिलेगा। यह बैठक पहली बार विधानसभा स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित हुई, जिससे इसे प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है।
28 साल पुरानी शर्त खत्म, अब नहीं रहेगी ‘दो संतान’ बाध्यता
Rajasthan two child policy election rule : कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 तथा नगर पालिका अधिनियम की धारा 24 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब तक नियम यह था कि यदि किसी व्यक्ति की दो से अधिक संतान होती है तो वह सरपंच, वार्ड सदस्य या पार्षद जैसे स्थानीय चुनाव नहीं लड़ सकता था। इस कारण हजारों सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता चुनावी प्रक्रिया से बाहर रह जाते थे।
सरकार का कहना है कि यह प्रावधान उस समय जनसंख्या नियंत्रण को ध्यान में रखकर बनाया गया था, लेकिन वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिबंध माना जा रहा था। नए संशोधन के बाद संतान संख्या चुनावी पात्रता का आधार नहीं होगी। अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद संबंधित Bill विधानसभा में पेश किया जाएगा और पारित होने पर यह कानून बन जाएगा।
राजनीतिक असर: गांव-गांव में बढ़ेगी भागीदारी
Rajasthan local body election new law : सरकार का दावा है कि इस फैसले से ग्रामीण राजनीति में नई ऊर्जा आएगी। कई अनुभवी और लोकप्रिय लोग केवल पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ पाते थे। अब वे भी सक्रिय रूप से चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पंचायत चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रतिनिधित्व आधारित होंगे।

शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम: अजमेर में नया विश्वविद्यालय
Rajasthan political reform latest news : कैबिनेट बैठक में केवल राजनीतिक ही नहीं, शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा भी अहम निर्णय लिया गया।
- अजमेर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा
- इसका प्रारूप (Draft Structure) मंजूर कर दिया गया है
- राज्य को आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी का हब बनाने की योजना
इस विश्वविद्यालय से न केवल शिक्षा बल्कि मेडिकल टूरिज्म और रिसर्च को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अपराध और टैक्स चोरी रोकने के लिए नया निदेशालय
New election rules Rajasthan : सरकार ने आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए “राजस्व आसूचना एवं अपराध निदेशालय” (Revenue Intelligence & Crime Directorate) के गठन को मंजूरी दी है।
यह निदेशालय किन मामलों पर रखेगा नजर:
- शेयर बाजार से जुड़ी अनियमितताएं
- फर्जी नौकरी और निवेश ठगी
- जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी
- टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज
पूरे राज्य में काम करने वाले इस विभाग के लिए 107 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक अपराधों पर तेज कार्रवाई संभव होगी।
विधानसभा में पहली बार कैबिनेट बैठक
यह बैठक प्रशासनिक दृष्टि से भी खास रही क्योंकि पहली बार आधिकारिक कैबिनेट मीटिंग विधानसभा भवन के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी साझा की और कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।
क्या बदलेगा अब?
- पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी
- स्थानीय राजनीति में अनुभव और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
- जनप्रतिनिधियों की सामाजिक विविधता बढ़ने की संभावना
- प्रशासनिक स्तर पर आर्थिक अपराधों पर सख्ती
