
Rajasthan Panchayat Elections Update : राजस्थान में आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं, लेकिन चुनाव से पहले एक अहम मुद्दे ने पूरी प्रक्रिया को उलझा दिया है। यह पेंच है OBC Reservation यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर, जिस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो पंचायत-निकाय चुनावों पर सीधा असर पड़ सकता है।
दरअसल, पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए गठित आयोग का कार्य अभी अधूरा है, जबकि आयोग के कार्यकाल की अवधि अब बेहद सीमित रह गई है। आयोग का कार्यकाल समाप्त होने में केवल कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में यदि इसे आगे नहीं बढ़ाया गया तो ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण अधर में लटक सकता है।
आयोग की रिपोर्ट पर टिकी ओबीसी सीटों की तस्वीर
Rajasthan Nagar Nikay Election Update : राज्य में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण की प्रक्रिया आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर है। वर्तमान में आयोग जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसके माध्यम से आमजन, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। यह जनसंवाद कार्यक्रम अगले सप्ताह के अंत तक ही पूरा हो पाएगा।
जनसंवाद समाप्त होने के बाद आयोग को सभी सुझावों और तथ्यों का विश्लेषण कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी वर्ग के लिए सीटों की संख्या और आरक्षण का अनुपात तय करेगी। लेकिन समय की कमी के चलते यह पूरी प्रक्रिया संकट में नजर आ रही है। Panchayat Chunav OBC Reservation
31 दिसंबर के बाद आयोग का भविष्य अधर में
OBC Reservation Rajasthan Elections : आयोग ने जिला स्तर पर जनसंवाद कार्यक्रम की समय-सारिणी 3 जनवरी तक जारी कर रखी है। अंतिम चरण में 3 जनवरी को बारां और बूंदी जिलों में जनसंवाद प्रस्तावित है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर के बाद बढ़ाया जाएगा या नहीं।
अब तक राज्य सरकार की ओर से आयोग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। यदि कार्यकाल समय पर समाप्त हो गया, तो आयोग अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं कर पाएगा, जिससे पंचायत-निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करना मुश्किल हो सकता है।

ओबीसी आरक्षण के बिना नहीं हो सकते चुनाव
Panchayat Elections Rajasthan Latest News : गौरतलब है कि कुछ महीने पहले राजस्थान हाईकोर्ट की Single Bench ने राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत और शहरी निकाय चुनाव जल्द कराने के निर्देश दिए थे। उस दौरान राज्य सरकार ने अदालत में यह तर्क रखा था कि ओबीसी सीटों का निर्धारण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए चुनाव कराना संभव नहीं है।
सरकार का स्पष्ट रुख रहा है कि OBC Reservation के बिना पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराना न केवल संवैधानिक रूप से गलत होगा, बल्कि इससे सामाजिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यदि आरक्षण का मामला हल नहीं होता है, तो चुनाव प्रक्रिया एक बार फिर अटक सकती है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चिंता
Rajasthan Election Commission Update : ओबीसी आरक्षण को लेकर पैदा हुई इस अनिश्चितता से राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। पंचायत और निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, और अब यदि यह मुद्दा नहीं सुलझा, तो चुनाव और आगे टल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार को जल्द से जल्द आयोग के कार्यकाल को बढ़ाने पर फैसला लेना होगा, ताकि ओबीसी आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट समय पर तैयार हो सके और चुनाव प्रक्रिया बाधित न हो।
