
Rajasthan pension scam : राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक की अवधि में 99,677 लोगों ने अपनी उम्र छिपाकर या फर्जी दस्तावेजों के सहारे वृद्धावस्था पेंशन हासिल की। इनमें से कई युवा, जिनकी उम्र पात्रता मानदंड से काफी कम थी, ने भी इस लाभ को प्राप्त करने में सफलता पाई। इसके अलावा, 1.75 लाख से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां व्यक्तियों की मृत्यु के बाद भी उनके बैंक खातों में पेंशन की राशि जमा होती रही। जन आधार के जरिए किए गए भौतिक सत्यापन ने इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, जिसके बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन पेंशनों को बंद कर दिया।
फर्जीवाड़े की कहानी: कैसे हुआ यह खेल?
Fake pension beneficiaries in Rajasthan : सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की शुरुआत के बाद बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होने के लिए उत्साहित हुए। लेकिन, कई अपात्र व्यक्तियों ने भी इस योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदन जमा कर दिए। अधिकारियों ने जल्दबाजी में भौतिक सत्यापन किए बिना ही पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी कर दिए, जो इस घोटाले की जड़ बनी। जब जन आधार के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई, तो असलियत सामने आई। कई ऐसे लोग पाए गए, जो पेंशन के पात्र नहीं थे।
कुछ मामलों में, सरकारी नौकरी से रिटायर हुए लोग अपनी नियमित पेंशन के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी ले रहे थे। दूसरी ओर, कई युवाओं ने अपनी आयु को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते वे पेंशन प्राप्त करते रहे। अलवर जिले के 50 वर्षीय रामफूल का उदाहरण इसका जीवंत प्रमाण है, जिन्होंने अपने जन्म वर्ष को 1953 के रूप में दर्ज करवाकर वृद्धावस्था पेंशन हासिल की, जबकि वास्तव में उनका जन्म 1974 में हुआ था। इसी तरह, जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी 35 वर्षीय हरजी लाल ने भी दस्तावेजों में गड़बड़ी करके पेंशन का लाभ उठाया।
आंकड़ों में फर्जीवाड़े का भयावह चेहरा
Social security fraud Rajsamand सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक प्रदेश में कुल 5,66,155 अपात्र व्यक्तियों ने पेंशन प्राप्त की। इनमें विभिन्न श्रेणियों के लोग शामिल हैं। विभाग ने इन सभी मामलों की गहन जांच की और पेंशन बंद करने की कार्रवाई शुरू की। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- 1.75 लाख 76 लोग: इनकी मृत्यु के बाद भी उनके खातों में पेंशन जमा होती रही।
- 99,677 लोग: कम उम्र के होने के बावजूद वृद्धावस्था पेंशन लेते पाए गए।
- 78,947 लोग: जो दूसरे राज्यों में रहते हुए पेंशन हासिल कर रहे थे।
- 42,810 लोग: गलत तथ्यों और झूठी जानकारी के आधार पर पेंशन प्राप्त की।
- 22,159 लोग: जिनके परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में हैं, फिर भी उन्होंने पेंशन ली।
- 17,720 लोग: डुप्लीकेट पेंशन धारक के रूप में सामने आए।
- 13,326 लोग: जो आयकर के दायरे में आने के बावजूद पेंशन उठा रहे थे।
- 6,531 लोग: जिनके माता-पिता या बच्चे सरकारी सेवा में हैं, फिर भी पेंशन ली।
- 6,240 लोग: जिन्होंने स्वेच्छा से अपनी पेंशन बंद कराई।
- 1,410 लोग: जिन्होंने दोबारा शादी करने के बाद भी पेंशन जारी रखी।
- 1,061 लोग: सरकारी नौकरी के दौरान पेंशन हासिल करने वाले।
- 415 लोग: जो सरकारी पेंशन पाने के बावजूद सामाजिक योजना की पेंशन लेते रहे।
आर्थिक नुकसान और रिकवरी की चुनौती
Pension fraud Rajasthan राजस्थान सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 55 वर्षीय महिलाओं और 58 वर्षीय पुरुषों को पात्र माना है, जिसमें वर्तमान में 1,250 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। पहले यह राशि 1,150 रुपये थी। जिन्होंने कम उम्र में फर्जी तरीके से पेंशन ली, उनके खिलाफ अब रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई है। अनुमान है कि इस फर्जीवाड़े से सरकार को एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। हालांकि, पहले के अपात्र लाभार्थियों से अब तक एक भी पैसा वसूल नहीं हो सका है, जो एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस राशि की वसूली के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
मुख्य सचिव और मंत्री की प्रतिक्रिया
Rajasthan fake pension recovery : हाल ही में यह मुद्दा मुख्य सचिव सुधांश पंत के समक्ष उठाया गया। उन्होंने तुरंत वसूली के आदेश दिए, लेकिन सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के अधिकारियों ने वसूली में असमर्थता जताई। दूसरी ओर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने आश्वासन दिया कि वसूली की प्रक्रिया जारी है, हालांकि इसमें समय लग सकता है। मंत्री ने कहा, “हम अपात्र लोगों की पेंशन बंद करने के साथ-साथ उनसे राशि वसूलने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी।”
पेंशन योजना का विस्तार और लाभ
राजस्थान में वर्तमान में 77.72 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें 18,03,188 विधवा, 6,25,840 वृद्ध, और 2,07,909 कुष्ठ रोगी शामिल हैं। कुल 51,35,151 लोगों को यह लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, 13.52 लाख लाभार्थी केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन पा रहे हैं। इनमें 16,735 दिव्यांग, 4,16,327 विधवा, और 9,18,959 वृद्ध पेंशनभोगी शामिल हैं। मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है, “हमारा लक्ष्य है कि पात्र लोगों तक पेंशन पहुंचे और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगे।”

सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा बांसवाड़ा में
| जिला | पेंशन लाभार्थी (संख्या में) |
|---|---|
| अजमेर | 2968 |
| अलवर | 2543 |
| बांसवाड़ा | 8811 |
| बारां | 1933 |
| बाड़मेर | 2941 |
| बीकानेर | 23,45 |
| भिलवाड़ा | 5469 |
| बूंदी | 1487 |
| चित्तौड़गढ़ | 3164 |
| चूरू | 1025 |
| दौसा | 2347 |
| धौलपुर | 1907 |
| डूंगरपुर | 1802 |
| गंगानगर | 4243 |
| हनुमानगढ़ | 1430 |
| जयपुर | 4512 |
| जैसलमेर | 870 |
| जालोर | 3522 |
| झालावाड़ा | 1923 |
| झुंझुनूं | 2381 |
| जोधपुर | 2198 |
| करौली | 2862 |
| कोटा | 1526 |
| नागौर | 3354 |
| पाली | 2059 |
| प्रतापगढ़ | 3580 |
| राजसमंद | 2109 |
| सिरोही | 1404 |
| सवाई माधोपुर | 1165 |



