
Rajasthan rain alert : बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उभरे चक्रवाती तूफानों के प्रभाव से राजस्थान का मौसम पूरी तरह बदल गया है। कोटा में रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। सवाई माधोपुर में सोमवार तड़के हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को और सुहाना बना दिया।
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह हल्की बारिश ने लोगों को तरोताजा कर दिया। पाली, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, डूंगरपुर और राजसमंद जैसे जिलों में भी रिमझिम बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी जयपुर में सुबह से आसमान पर बादलों का डेरा है, जिससे मौसम में ठंडक और नमी का एहसास हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह चक्रवाती सिस्टम सोमवार और मंगलवार को अपने चरम पर होगा, जिसके चलते कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उदयपुर और कोटा संभाग के छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 17 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को दर्शाता है।
पाली और टोंक में बारिश से जनजीवन प्रभावित
IMD weather forecast Rajasthan : पाली जिले में सोमवार सुबह हुई बारिश ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया। खासकर देसूरी क्षेत्र में सुबह 6 बजे से शुरू हुई बारिश के कारण बाइक सवारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। टोंक जिले में भी रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा, जिससे सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई।

चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव
Rajasthan heavy rain news : मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब और ताकतवर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम 27 अक्टूबर को और शक्तिशाली होकर चक्रवात का रूप लेगा और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकराएगा। इसके अलावा, मध्य-पूर्वी अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों सिस्टमों के कारण पूरे भारत में नमी की आपूर्ति हो रही है, जिसका असर राजस्थान तक पहुंच रहा है। शर्मा ने बताया कि 30 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है।
विभिन्न शहरों में बारिश का नजारा
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उभरे चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान में मौसम ने करवट ली है, जिसने कई शहरों को बारिश की रिमझिम फुहारों से सराबोर कर दिया है। कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, सवाई माधोपुर, पाली, टोंक और भीलवाड़ा जैसे शहरों में बारिश ने प्रकृति को नया रंग दिया है। सड़कों पर पानी का बहाव, ठंडी हवाओं का झोंका और आसमान में छाए बादल मौसम को सुहावना बना रहे हैं। आइए, इन शहरों में बारिश के नजारे को और विस्तार से देखें:
- कोटा: कोटा में रविवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रहा। शहर की सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखा गया, जिसने न केवल मौसम को ठंडक प्रदान की, बल्कि स्थानीय लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया। सुबह की सैर पर निकले लोग और बाजारों में खरीदारी के लिए जाने वाले नागरिकों को बारिश के कारण छाते और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा। चंबल नदी के किनारे बसे इस शहर में बारिश ने नदियों और तालाबों में पानी की आवक को बढ़ा दिया है, जिससे जलस्तर में सुधार की उम्मीद जगी है।
- चित्तौड़गढ़: ऐतिहासिक नगरी चित्तौड़गढ़ में रविवार रात से बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो सोमवार सुबह तक जारी रहा। खासकर रावतभाटा क्षेत्र में रविवार रात 8 बजे से बारिश ने जोर पकड़ा और पूरे क्षेत्र को तरबतर कर दिया। सड़कों पर पानी का जमाव और ठंडी हवाओं ने मौसम को सर्द बना दिया। राणा प्रताप सागर बांध में पानी की आवक बढ़ने से स्थानीय प्रशासन और किसानों में उत्साह का माहौल है। बारिश ने चित्तौड़गढ़ के किले और आसपास के हरे-भरे क्षेत्रों को और भी मनोरम बना दिया, जिससे पर्यटकों के लिए यह नजारा और आकर्षक हो गया है।
- उदयपुर: Udaipur rain update today झीलों की नगरी उदयपुर में बारिश ने शहर की खूबसूरती को चार चांद लगा दिए। खेरवाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोमवार सुबह हल्की बारिश ने मौसम को तरोताजा कर दिया। फतेहसागर और रंगसागर जैसी झीलों के किनारे बारिश की बूंदों ने एक अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। शहर के बाजारों और सड़कों पर हल्का जलजमाव देखा गया, जिससे सुबह की भागदौड़ में कुछ व्यवधान हुआ। स्थानीय लोग बारिश के इस मौसम को दिवाली के बाद की ठंडक के रूप में देख रहे हैं, जो गर्मी से राहत दिला रहा है।
- राजसमंद: राजसमंद जिले के आमेट उपखंड में रविवार देर रात 1 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो सोमवार को भी कभी हल्की तो कभी मध्यम गति से जारी रहा। बारिश ने खेतों और बगीचों को नमी प्रदान की, जिससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। राजसमंद झील के आसपास का नजारा बारिश के बाद और भी खूबसूरत हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश ने मौसम में ठंडक तो बढ़ाई, लेकिन सड़कों पर पानी भरने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
- डूंगरपुर: डूंगरपुर में सोमवार तड़के से करीब तीन घंटे तक रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का दौर चला। गेपसागर झील के किनारे बारिश के बाद का नजारा देखते ही बनता था, जहां पानी की सतह पर बारिश की बूंदों ने लहरें पैदा कीं। सुबह 9:30 बजे तक धूप न निकलने से दैनिक कार्य प्रभावित हुए। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर बच्चे बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचे, वहीं दूध, सब्जी और अखबार वितरण करने वालों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश ने इस क्षेत्र में हरियाली को और बढ़ा दिया, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में उत्साह देखा गया।

- सवाई माधोपुर: रणथंभौर के लिए प्रसिद्ध सवाई माधोपुर में सोमवार तड़के शुरू हुई बूंदाबांदी सुबह 6:30 बजे तक जारी रही। हल्की बारिश ने शहर के तापमान को कम कर दिया और मौसम को सुहावना बना दिया। रणथंभौर नेशनल पार्क के आसपास के क्षेत्रों में बारिश ने जंगली जानवरों के लिए पानी की उपलब्धता को बढ़ाया, जिससे वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है। स्थानीय बाजारों में बारिश के कारण सुबह की चहल-पहल कुछ कम रही, लेकिन पर्यटकों ने इस मौसम का आनंद लिया।
- पाली: पाली जिले के देसूरी क्षेत्र में सुबह 6 बजे से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। खासकर बाइक सवारों को सड़कों पर पानी और कीचड़ के कारण परेशानी हुई। बारिश ने खेतों को नमी दी, जिससे किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। हालांकि, सड़कों पर जलजमाव के कारण स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहना पड़ा। बारिश के बीच पाली की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ गई, जिसने स्थानीय लोगों को प्रकृति के करीब लाने का काम किया।
- टोंक: टोंक जिले में सोमवार को पूरे दिन रुक-रुककर रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। सड़कों पर पानी का बहाव और हल्का जलजमाव देखा गया, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बारिश ने मौसम में ठंडक ला दी, जिससे स्थानीय लोग गर्म कपड़ों और छातों के साथ दिन की शुरुआत करते दिखे। टोंक की ऐतिहासिक इमारतें और सड़कों पर बारिश का नजारा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।
- भीलवाड़ा: भीलवाड़ा में रविवार देर रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने सोमवार को भी शहर को तरबतर कर दिया। सड़कों पर पानी का बहाव शुरू हो गया, जिससे मौसम में सर्दी का एहसास होने लगा। स्थानीय लोग बारिश के इस मौसम को सर्दियों की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। बारिश ने खेतों और बगीचों को नमी प्रदान की, जिससे कृषि गतिविधियों को बल मिला है। हालांकि, जलजमाव के कारण शहर के निचले इलाकों में कुछ परेशानियां भी देखी गईं।
तापमान में गिरावट
Cyclonic storm impact in Rajasthan : मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। रविवार को बादल छाने और धूप कम रहने से उदयपुर, कोटा, अजमेर संभाग के कई जिलों में अधिकतम तापमान में कमी आई। बारां, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। डूंगरपुर में सबसे कम अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले तीन दिन का मौसम अलर्ट
Rajasthan ka Mosam : मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। सड़कों पर जलजमाव और आवागमन में बाधा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

🌧 27 अक्टूबर 2025 – बारिश की चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert):
- उदयपुर
- डूंगरपुर
- प्रतापगढ़
- चित्तौड़गढ़
- बूंदी
- कोटा
येलो अलर्ट (Yellow Alert):
- बारां
- झालावाड़
- बांसवाड़ा
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- सवाई माधोपुर
- दौसा
- जयपुर
- टोंक
- अजमेर
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- पाली
- सिरोही
- जालोर
- बाड़मेर
🌧 28 अक्टूबर 2025 – बारिश की चेतावनी
येलो अलर्ट (Yellow Alert):
- उदयपुर
- डूंगरपुर
- प्रतापगढ़
- चित्तौड़गढ़
- बूंदी
- कोटा
- बारां
- झालावाड़
- बांसवाड़ा
- भरतपुर
- करौली
- धौलपुर
- सवाई माधोपुर
- दौसा
- जयपुर
- टोंक
- अजमेर
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- पाली
- सिरोही
- जालोर
🌧 29 अक्टूबर 2025 – बारिश की चेतावनी
येलो अलर्ट (Yellow Alert):
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- बांसवाड़ा
- डूंगरपुर
- उदयपुर
- सिरोही
- जालोर

🌧 30 अक्टूबर 2025 – बारिश की चेतावनी
येलो अलर्ट (Yellow Alert):
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- चित्तौड़गढ़
- पाली
- डूंगरपुर
- उदयपुर
- सिरोही
- जालोर
