
Rajasthan Toll Plaza News : क्या आने वाले समय में आपकी कार या अन्य निजी वाहन (Non-Transport Vehicle) राजस्थान के स्टेट हाईवे पर बिना टोल दिए दौड़ पाएंगे? क्या सरकार आम जनता को राहत देते हुए निजी वाहनों को पूरी तरह ‘टोल फ्री’ करने जा रही है? इन तमाम चर्चाओं और अटकलों के बीच राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार (12 फरवरी 2026) को सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी।
विधानसभा में सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में उप-मुख्यमंत्री Diya Kumari ने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल राज्य सरकार के पास स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को पूरी तरह टोल मुक्त (Toll Free) करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी मौजूदा व्यवस्था में तत्काल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
‘टोल फ्री’ पर सरकार का स्पष्ट रुख
Rajasthan State Highway Toll Update : सदन में सवाल उठाया गया था कि क्या सरकार आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से हल्के मोटर वाहनों (Light Motor Vehicles) को स्टेट टोल से छूट देने पर विचार कर रही है? इस पर उप-मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि वर्तमान में ऐसी कोई योजना या प्रस्ताव सरकार के एजेंडे में नहीं है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 14 मई 2018 को तत्कालीन भाजपा सरकार ने एक निर्णय लेते हुए निजी वाहनों को टोल से छूट दी थी। हालांकि 31 अक्टूबर 2019 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नीतिगत बदलाव करते हुए इस सुविधा को समाप्त कर दिया था। इसके बाद से वर्तमान टोल व्यवस्था लागू है और फिलहाल उसी को जारी रखा जाएगा। सरकार के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि निजी वाहनों के लिए पूर्ण ‘टोल फ्री’ व्यवस्था की संभावना निकट भविष्य में नहीं है।

स्थानीय निवासियों के लिए ‘गुड न्यूज’
Private Vehicles Toll Free Rajasthan : हालांकि पूरे राज्य में टोल समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने राहत की बात कही है। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के नियंत्रण वाले टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए ‘रियायती मासिक पास’ (Concessional Monthly Pass) की सुविधा उपलब्ध है। यह व्यवस्था पहले से लागू है और इसे प्रभावी ढंग से जारी रखा जाएगा। इस सुविधा का लाभ उन ग्रामीणों और कस्बा निवासियों को मिलता है, जिन्हें रोजमर्रा के कार्य—जैसे नौकरी, स्कूल, खेती या व्यापार—के लिए बार-बार टोल प्लाजा पार करना पड़ता है। ऐसे लोगों को हर बार पूरा टोल देने की बजाय एक निर्धारित मामूली शुल्क पर पूरे महीने के लिए पास जारी किया जाता है। इससे उनकी जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।
राजस्थान की 83 सड़कों पर टोल वसूली
Rajasthan Toll Policy 2026 : विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, नेशनल हाईवे के अतिरिक्त राजस्थान में कुल 83 सड़कें ऐसी हैं जहां टोल वसूला जा रहा है। इन सड़कों का प्रबंधन विभिन्न एजेंसियों और विभागों द्वारा किया जा रहा है:
- Rajasthan State Road Development Corporation (RSRDC) – 39 सड़कों पर टोल वसूली
- State Highways Authority of Rajasthan (SRHA) – 27 सड़कों का प्रबंधन
- Road Infrastructure Development Company of Rajasthan (RIDCOR) – 13 सड़कों पर टोल संग्रह
- Public Works Department Rajasthan (PWD) – 4 प्रमुख सड़कों की जिम्मेदारी
इन सड़कों पर टोल संग्रहण से प्राप्त राजस्व (Revenue) राज्य के सड़क विकास, रखरखाव (Maintenance) और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोग किया जाता है।
सरकार का तर्क: विकास के लिए जरूरी है टोल
Toll Free Cars in Rajasthan : सरकार का स्पष्ट तर्क है कि सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, मरम्मत और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होती है। बजट 2026 में शहरी क्षेत्रों की सड़कों के लिए 1800 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। इसके अलावा विभिन्न संभाग मुख्यालयों को ‘सिग्नल फ्री’ (Signal Free Corridor) बनाने जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तावित हैं।
ऐसे में टोल से होने वाली आय राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय स्रोत (Financial Source) है। यदि टोल पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए तो इन विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
जनता में असंतोष, लेकिन निर्णय स्पष्ट
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में टोल को लेकर लंबे समय से असंतोष देखा जा रहा है। कई जगहों पर स्थानीय लोग यह मांग उठाते रहे हैं कि कम दूरी की यात्रा के लिए भी भारी टोल देना अनुचित है। विशेषकर उन इलाकों में जहां टोल प्लाजा गांवों के बेहद करीब हैं, वहां रोजाना आवागमन करने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
विधायक विक्रम बंशीवाल द्वारा यह मुद्दा उठाया जाना इसी जनदबाव का संकेत माना जा रहा है। हालांकि उप-मुख्यमंत्री के स्पष्ट बयान ने फिलहाल उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि नई सरकार निजी वाहनों को बड़ी छूट दे सकती है।
