
Rajasthan weather update : राजस्थान में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। गुरुवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे, कहीं रुक-रुककर बारिश हुई तो कहीं तेज हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। इस बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, क्योंकि कई जिलों में खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलें बारिश से खराब हो गई हैं। मौसम विभाग ने डूंगरपुर और बांसवाड़ा को छोड़कर लगभग पूरे राजस्थान में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदला मौसम
Western Disturbance Rajasthan : मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में नया मौसम तंत्र सक्रिय होने के कारण बारिश, तेज हवा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस सिस्टम का असर 20 मार्च तक बने रहने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के अनेक क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। साथ ही तेज आंधी और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है।
जयपुर में दूसरे दिन भी बादल, ठंडक महसूस
Rajasthan IMD alert : राजधानी जयपुर में गुरुवार सुबह से बादल छाए रहे। धूप नहीं निकलने के कारण मौसम सुहावना बना रहा, वहीं सुबह से चल रही हवाओं के कारण हल्की ठंडक महसूस की गई। शहर के आसपास के इलाकों में भी मौसम के बदले मिजाज का असर साफ दिखाई दिया। लगातार दूसरे दिन बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन मौसम की अनिश्चितता बनी रही।
भीलवाड़ा में बूंदाबांदी, तेज हवा का असर
Rajasthan storm alert : भीलवाड़ा जिले में गुरुवार सुबह से घने बादल छाए रहे। तेज हवा चलने के साथ कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जिले में हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट आई और सुबह के समय ठंडक का असर महसूस हुआ।
बीकानेर में सुबह 6 बजे से बारिश
Hailstorm in Rajasthan : बीकानेर में सुबह करीब 6 बजे से हल्की बारिश का दौर शुरू हुआ। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी रिमझिम बरसात हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। परीक्षा के दिनों में बारिश होने से विद्यार्थियों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग ने बीकानेर में 20 मार्च तक बारिश की संभावना जताई है, जिससे आज और कल मौसम का असर बना रह सकता है।
जालोर में तापमान चार डिग्री से ज्यादा गिरा
जालोर जिले में गुरुवार सुबह रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इस बारिश के बाद तापमान में अचानक चार डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि आज राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे मौसम और ठंडा रह सकता है।

जैसलमेर और बाड़मेर में फसलों को भारी नुकसान
जैसलमेर में तड़के सुबह करीब 4 बजे बारिश हुई। बरसात का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों पर पड़ा है। जिले के नेहरी क्षेत्र रामगढ़, कीता गांव, डाबला भू सहित कई ग्रामीण इलाकों में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने जैसलमेर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं बाड़मेर में बुधवार देर रात करीब 2 बजे तेज हवा के साथ बारिश हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी ईसबगोल और जीरा की फसलें खराब हो गईं। कटाई के समय हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
झुंझुनूं, चूरू और सीकर में भी दिखा असर
बुधवार को झुंझुनूं और चूरू में तूफानी बारिश हुई। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली। सीकर में दोपहर बाद बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे लोगों को अचानक ठंड महसूस हुई। ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सीकर में दिन के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई।
अजमेर, अलवर, जोधपुर समेत कई जिलों में बदला मौसम
अलवर, जोधपुर, बाड़मेर, बालोतरा और अजमेर में भी बुधवार शाम घने बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में मौसम बदलने से दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, तेज हवा और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है।
तापमान में 2 से 9 डिग्री तक गिरावट
बारिश और बादलों के कारण राजस्थान के कई शहरों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। जैसलमेर में बुधवार को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम रहा। श्रीगंगानगर में 23.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 7.8 डिग्री नीचे रहा। बीकानेर में 27.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम है। इस तरह कई जिलों में तापमान 2 से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिन जिलों में गेहूं, जीरा, ईसबगोल और अन्य रबी फसलें खेतों में खड़ी हैं या कटकर पड़ी हैं, वहां नुकसान की संभावना ज्यादा है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में बारिश ने कृषि कार्यों को प्रभावित किया है। यदि अगले 24 घंटे में फिर बारिश या ओले गिरते हैं, तो नुकसान और बढ़ सकता है।
20 मार्च तक बना रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 20 मार्च तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
19 मार्च को अलर्ट वाले जिले
जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, पाली, नागौर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, दौसा, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, केकड़ी, खैरथल-तिजारा, कोटा, नागौर, नीमकाथाना, पाली, फलौदी, राजसमंद, सवाई माधोपुर, शाहपुरा, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर।
अलर्ट नहीं: डूंगरपुर, बांसवाड़ा
20 मार्च को अलर्ट वाले जिले
अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चूरू, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर और टोंक।



