
Rajsamand animal hospital : राजसमंद। राजसमंद जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। इस परियोजना को लेकर काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन बजट स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण मामला अटका हुआ था। अब पशुपालन विभाग के निदेशालय ने इस संबंध में एक करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे पशुपालकों और क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार, पहले इस चिकित्सालय के निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन विभाग ने उसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव तैयार कर दो करोड़ रुपए की राशि का नया प्रस्ताव भेजा गया। इसी बीच इस मुद्दे पर लगातार चर्चा होती रही और मामले को गंभीरता से उठाया गया। अब विभाग की ओर से एक करोड़ रुपए जारी करने के आदेश होने के बाद परियोजना को नई गति मिलने की संभावना बन गई है। बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह परियोजना लंबे इंतजार के बाद धरातल पर उतरती नजर आएगी। इस चिकित्सालय के बनने से राजसमंद और आसपास के क्षेत्रों के पशुपालकों को काफी सुविधा मिलेगी, क्योंकि अभी बेहतर पशु चिकित्सा सेवाओं के अभाव में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2021 में नाथद्वारा स्थानांतरण का हुआ था फैसला
multipurpose animal hospital Rajsamand : शहर के धोइंदा क्षेत्र में प्रस्तावित बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय को वर्ष 2021 में कांग्रेस शासनकाल के दौरान नाथद्वारा स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, उस समय राजनीतिक परिस्थितियों और सत्ता परिवर्तन के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे और बाजार बंद तक करवाए गए थे, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया।
बाद में भाजपा सरकार आने के बाद इस चिकित्सालय को फिर से राजसमंद में शुरू करने की घोषणा की गई। इसके लिए जमीन का आवंटन भी कर दिया गया, लेकिन लंबी चुप्पी और निर्माण में देरी के चलते आवंटित भूमि पर अतिक्रमण होने लगे। अब बजट स्वीकृत होने के बाद उम्मीद है कि परियोजना को आगे बढ़ाने के साथ-साथ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अब जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर
Rajsamand veterinary hospital news : चिकित्सालय के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की मानी जा रही है। आवंटित जमीन पर हुए अतिक्रमणों को हटाना अब प्रशासन के सामने अहम चुनौती है। जानकारी के अनुसार, धोइंदा क्षेत्र में इस परियोजना के लिए करीब 4.15 बीघा जमीन चिन्हित की गई थी। पहले भी प्रशासन ने एक-दो बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, लेकिन कुछ समय बाद फिर से कब्जे हो गए। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में इस परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई थी। वर्ष 2023 में बजट घोषणा हुई, 2025 में करीब 3.76 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया, लेकिन 2026 तक भी मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब जबकि एक करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है, तो उम्मीद की जा रही है कि चिकित्सालय का निर्माण जल्द शुरू होगा और यह परियोजना आखिरकार साकार रूप लेगी। Rajsamand animal hospital budget

विधायक भी उठा चुकी हैं मामला

animal hospital approval Rajsamand : जानकारी के मुताबिक, विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी इस मामले को लेकर विधानसभा में आवाज उठा चुकी हैं। इससे साफ है कि यह केवल एक स्थानीय मांग नहीं, बल्कि व्यापक जनहित का विषय बन चुका था। अब विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद लोगों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और निर्माण कार्य की शुरुआत पर टिक गई हैं।
विभाग ने पुष्टि की
संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, राजसमंद, शक्तिसिंह ने बताया कि बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इस संबंध में निदेशालय ने एक करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है और आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।



