
Rajsamand Murder News : राजसमंद के कुम्भलगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पिपाणा ग्राम पंचायत में एक युवक की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। मृतक की पहचान खुमाराम भील के रूप में हई जो रुपाराम भील का पुत्र था। इस घटना में उसका छोटा भाई शंकर भील हत्या के गंभीर आरोपों से घिर गया है।
मंगलवार को लगभग 150 से अधिक ग्रामीणों ने केलवाड़ा थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि आरोपी शंकर भील के खिलाफ हत्या का मुकदमा (FIR) तत्काल दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। Rajsamand News Today
Kumbhalgarh Pipana murder case : पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए शंकर भील के खिलाफ हत्या की आशंका के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि जरूरत पड़ी, तो जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच अधिकारी को बदला जा सकता है। विधायक के इस वचन के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ और वे FIR दर्ज होने के बाद संतुष्ट होकर अपने घरों को लौट गए।
घटना का पूरा घटनाक्रम
Khumanaram Bhil murder case : उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में खुलासा हुआ कि इस दुखद घटना की जड़ में एक पारिवारिक जमीन विवाद छिपा हुआ है। मृतक खुमाराम के छोटे भाई भवाराम ने बताया कि करीब दो महीने पहले खुमाराम, शंकर और भवाराम—तीनों भाइयों ने मिलकर गांव में स्थित एक कीमती जमीन को बेच दिया था, जिसके बदले उन्हें बराबर की राशि प्राप्त हुई थी। हालांकि, इस लेन-देन के कुछ समय बाद ही खुमाराम अचानक लापता हो गया, जिसने परिवार में चिंता की लहर दौड़ा दी।
Shankar Bhil accused brother murder : भवाराम के अनुसार, खुमाराम अपनी बेटी हगामी से मिलने के लिए बारां गांव गया था। लेकिन जब वह एक सप्ताह तक घर नहीं लौटा, तो भवाराम ने अपनी भाभी से संपर्क किया। भाभी ने बताया कि खुमाराम अब तक घर नहीं पहुंचा है। चिंता बढ़ने पर जब भवाराम ने हगामी से बात की, तो उसने बताया कि उसके पिता तीन-चार दिन पहले ही वहां से रवाना हो गए थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।
Kumbhalgarh Pipana murder case भवाराम ने बताया कि खुमाराम के लापता होने के बाद उसने अपने भाई शंकर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शंकर और उसका परिवार भी पिछले कुछ दिनों से गांव से गायब था। यह स्थिति शंकर पर संदेह को और गहरा करती गई। ग्रामीणों और भवाराम ने मिलकर शंकर की तलाश शुरू की, और आखिरकार उसे सादड़ी (मारवाड़) क्षेत्र में ढूंढ निकाला। जब उसे गांव वापस लाकर ग्रामीणों ने सख्ती से पूछताछ की, तो शंकर ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि घटना उसके हाथों हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस घटना की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी थी, लेकिन शुरुआती दौर में पुलिस ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस बेरुखी ने ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया। अब, जब मामला तूल पकड़ चुका है, पुलिस ने हत्या के संदेह में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों की मांग है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और शंकर के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। वे इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में पुलिस को अधिक सजग और सक्रिय रहना चाहिए।
