
Rajsamand : नाथद्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार के तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि गोविंद शर्मा पूर्व चीफ नेशनल रिसर्च डेवलमेंट कॉरपोरेशन न्यू दिल्ली, विशिष्ट अतिथि डॉ कमल हिरन, रिसर्च हेड, सर पदमावत सिंघानिया विश्वविद्यालय, उदयपुर, मनीष जैन प्रोजेक्ट मेनेजर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उदयपुर, डॉ राघवेंद्र सिंह भदौरिया निदेशक सनराइज कॉलेज ऑफ फार्मेसी उदयपुर और अध्यक्षता निदेशक दीपेश पारीख ने की।
Nathdwara News : कार्यशाला के प्रमुख वक्ता गोविंद शर्मा ने कहा कि नवीन तकनीकी ज्ञान और उस पर शोध से नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई के साथ सृजनात्मक क्षमता बढ़ावा देकर नए आइडियाज को लेकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों से अवगत कराया। डॉ कमलकांत हिरन ने आईपीआर के माध्यम से अपने नए विचारों को पेटेंट के माध्यम से कैसे सुरक्षित रख सकते है। पेटेंट फाइल करने के तरीकों के बारे में ओर विभिन्न प्रकार के पेटेंट पब्लिकेशंस के बारे विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि पेटेंट किसी भी आवेदक को देश की सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है और इससे आविष्कारकर्ता को सीमित अधिकार मिल जाता है कि उसकी अनुमति के बिना कोई अन्य व्यक्ति उसके आविष्कार का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने पेटेंट और कॉपीराइट्स के विभिन्न तथ्यों से अवगत कराते हुए कहा कि पेटेंट के क्षेत्र में छोटे छोटे आइडियाज अपना कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Nathdwara Institute news : दवाई और पेटेंट प्रक्रिया

डॉ राघवेंद्र सिंह भदौरिया ने पेटेंट प्रिंसिपल एंड प्रेक्टिस विषय पर पेटेंट ट्रेडमार्क पर जानकारी देते हुए कहा कि दवाई को कैसे खोजा जा सकता है एवं उसकी पेटेंट प्रणाली के बारे में बताते हुए नई दवाइयों की मान्यता की प्रकिया के बारे में जानकारी दी।
मनीष जैन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कार्य कलापों के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपना रिसर्च ओर रिव्यू प्रोजेक्ट को किस प्रकार एप्लाई कर सकता है के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला मे समन्वयक डॉ पंकज राठी, एनआइबीम प्राचार्य डॉ रंजना शर्मा, लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ हरीश कुमार पीआरओ धर्मेश पालीवाल सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत एडवोकेट, शिक्षाविद्, फार्मासिस्ट एवं विभिन्न महाविद्यालयों के व्याख्याता एवं प्रतिभागी विद्यार्थी मौजूद थे।
