
Rawat Rajput Sangharsh Samiti : राजस्थान के ग्राम कूकड़ा में रविवार को राष्ट्रीय रावत राजपूत संघर्ष समिति की 17वीं बैठक नाराजी बर्गाजी सेवा समिति भवन में आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता राव दुर्गसिंह कूकड़ा ने की, जबकि समिति के संस्थापक रावत नारायण सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में रावत राजपूत समाज के विभिन्न गोत्रीय रावजी गणों और क्षेत्रीय अध्यक्षों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समाज सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से लागू करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ये निर्णय समाज की प्रगति और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
- अनैतिक संबंधों पर सख्ती: यदि कोई व्यक्ति अनैतिक संबंधों के कारण किसी परिवार को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे 2.5 लाख रुपये की जुर्माना राशि देनी होगी। यह नियम सामाजिक मर्यादा बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
- झगड़ों का समाधान पंचायत स्तर पर: पारिवारिक या सामाजिक विवादों को पुलिस चौकी या थाने में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसा करने वाले पंच या मौतबीर को समाज का दोषी माना जाएगा।
- सगाई में सादगी: सगाई समारोह में अधिकतम 21 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। इसके साथ ही, सगाई में अंगूठी या कपड़े पहनाने की प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
- मायरा पर नियंत्रण: मायरा केवल जन्म (माथानावान) और विवाह के अवसर पर ही दिया जाएगा। अन्य किसी भी समारोह में मायरा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- विवाह में जेवरों की सीमा: विवाह के समय लड़की पक्ष द्वारा मंगाए जाने वाले जेवरों की सीमा 3 तोला सोना और आधा किलो चांदी तक सीमित होगी। परिस्थितियों के अनुसार कम जेवर मंगाए जा सकते हैं, लेकिन इससे अधिक की मांग नहीं की जाएगी।
- सनातन धर्म की रक्षा: समाज को सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने का संकल्प लिया गया। साथ ही, काठात और मेरात जैसे समुदायों के साथ घर वापसी करने वालों से मेलजोल बढ़ाने और उनके साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
इन सभी फैसलों को कूकड़ा क्षेत्र में पहले से लागू कुछ नियमों के साथ जोड़ा गया, जो समाज सुधार की दृष्टि से सराहनीय पहल मानी जा रही है। सभी उपस्थित सदस्यों ने इन नियमों को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने का प्रण लिया।

समाज सुधार के लिए प्रेरणादायक संदेश

National Rawat Rajput community reforms Rajasthan बैठक में रावत नारायण सिंह चौहान, समिति के संस्थापक, ने समाज को नरवर से दिवेर तक एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठकर समाज सुधार में भागीदार बनने की अपील की। चौहान ने कहा, “हमें सच्चाई के साथ निर्भीक होकर समाज के हित में काम करना होगा। यह समिति समाज की कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
रिटायर्ड कैप्टन रंजीत सिंह, घोड़ावटी जिलौला आसान समिति के अध्यक्ष, ने समाज की बुरी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सभी मौतबीरों और फौजी भाइयों को आगे आने का निर्देश दिया। सूबेदार पूनम सिंह ने युवा नेतृत्व को समाज सुधार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। सूबेदार बन्नासिंह ने बताया कि समिति की बैठकों के बाद समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने 2.5 लाख रुपये के जुर्माने से संबंधित निर्णय की लिखित प्रति प्रस्तुत की, जो समाज में अनुशासन बनाए रखने में सहायक सिद्ध हो रही है।
गोपाल सिंह टोगी ने कहा कि समाज में कई महासभाएं होने के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य नहीं हुआ है, जिसके कारण कई सामाजिक विकृतियां फैल गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय रावत राजपूत संघर्ष समिति इन कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के लिए कटिबद्ध है। पूर्व सरपंच भैरू सिंह कूकड़ा ने सुझाव दिया कि प्रत्येक ग्राम स्तर पर ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर कुरीतियों को दूर किया जाए, ताकि कानूनी अड़चनें न आएं। नाराजी बर्गाजी सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष देवी सिंह ने बुजुर्गों और युवाओं के समन्वय के साथ समाज हित में संगठित होकर काम करने का आह्वान किया।
मंच संचालन और उपस्थित गणमान्य

Rawat Rajput Samaj decisions Kookra Rajasmand बैठक का मंच संचालन नाराजी बर्गाजी सेवा समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह ने किया। उन्होंने सभी बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और सभा को सुचारू रूप से संचालित किया। इस अवसर पर समिति के प्रमुख सदस्यों में लक्ष्मण सिंह नाबरी, सर्वन सिंह भीलखेड़ा, हलू सिंह (ASI), राम सिंह खदेड़ा, कालू सिंह हामला की वेर, मोती सिंह बग्गड, अर्जुन सिंह कथार, रिटायर्ड आरआई थानेटा, शंभू सिंह बरार, रिटायर्ड अध्यापक जग्गा सिंह, विक्रम सिंह पीथागुड़ा, कैप्टन त्रिलोक सिंह भादसी, कप्तान पूनम सिंह बड़कोचरा, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह थानेटा, शेर सिंह कूकड़ा, सुरेंद्र सिंह कूकड़ा, जसवंत सिंह थानेटा, भैरू सिंह लसाडिया, और सैकड़ों रावत सरदारों ने हिस्सा लिया।
सामाजिक एकता और भविष्य की दिशा
Social reform decisions by Rajput community Rajasthan यह बैठक रावत राजपूत समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और समाज को एकजुट करने की दिशा में कार्य कर रही है। राष्ट्रीय रावत राजपूत संघर्ष समिति ने न केवल सामाजिक सुधारों को लागू करने का संकल्प लिया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि ये नियम समाज के हर स्तर पर प्रभावी हों। कूकड़ा क्षेत्र में पहले से लागू कुछ नियमों ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं, और इस बैठक के निर्णय इसे और मजबूती प्रदान करेंगे।
रावत नारायण सिंह चौहान ने अपने संबोधन में समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “हमें समाज को मजबूत करने के लिए एकजुट होना होगा। यह समय है कि हम अपनी परंपराओं को संरक्षित करते हुए आधुनिकता के साथ कदम मिलाएं।” बैठक में उपस्थित युवाओं और बुजुर्गों ने इस दृष्टिकोण का समर्थन किया और समाज सुधार के लिए सक्रिय भागीदारी का वादा किया।



