
RBI new credit score rules : भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और ग्राहकों के अनुकूल बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब लोगों का क्रेडिट स्कोर पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से अपडेट होगा। इससे न सिर्फ ग्राहकों को फायदा मिलेगा, बल्कि बैंकों और NBFCs को भी सही और ताजा जानकारी के आधार पर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
RBI के नए नियमों के अनुसार, जनवरी 2026 से क्रेडिट स्कोर हर 14 दिन यानी दो हफ्ते में अपडेट किया जाएगा। अभी तक यह प्रक्रिया 30 से 45 दिन में एक बार होती थी, जिसकी वजह से लोगों को अपने स्कोर में सुधार का असर देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।अब अगर आपने कोई EMI समय पर चुका दी है, लोन का प्रीपेमेंट कर दिया है या पूरा लोन बंद कर दिया है, तो उसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत जल्दी दिखाई देगा।

बैंकों और NBFCs को दिए गए निर्देश
RBI credit score latest update : RBI ने बैंकों और Non-Banking Financial Companies (NBFCs) को साफ निर्देश दिए हैं कि वे महीने में कम से कम दो बार ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark जैसे क्रेडिट ब्यूरो को भेजें। पहले यह रिपोर्टिंग महीने में एक बार या 30–45 दिन में होती थी, जिससे डेटा अपडेट होने में देरी हो जाती थी।
लोन लेने वालों को कैसे होगा सीधा फायदा?
New RBI rules for loan borrowers : नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो:
- नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं
- अपने खराब क्रेडिट स्कोर को सुधार रहे हैं
- हाल ही में कोई लोन बंद या प्रीपेमेंट किया है
अब उनका Updated Credit Report जल्दी उपलब्ध होगा, जिससे बैंक उन्हें जल्द और सही ब्याज दर पर लोन ऑफर कर सकेंगे।
बैंक और ग्राहक—दोनों के लिए फायदेमंद
Credit score update : इस बदलाव से केवल ग्राहक ही नहीं, बल्कि बैंक और वित्तीय संस्थान भी लाभ में रहेंगे।
- बैंकों को ग्राहक का Latest Credit Profile मिलेगा
- डिफॉल्ट का जोखिम बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा
- लोन अप्रूवल प्रक्रिया तेज होगी
वहीं ग्राहकों को सही समय पर लोन मिलने और गलत रिपोर्टिंग से बचाव में मदद मिलेगी।
क्रेडिट स्कोर किन वजहों से बदलता है?
RBI guidelines on credit : यह जानना भी जरूरी है कि क्रेडिट स्कोर स्थिर नहीं रहता, बल्कि समय-समय पर बदलता रहता है। इसके पीछे कई कारण होते हैं, जैसे:
- नया लोन लेना
- EMI समय पर या देर से चुकाना
- लोन डिफॉल्ट करना
- क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल
- बैंक या क्रेडिट ब्यूरो की रिपोर्टिंग में गलती
इन सभी फैक्टर्स का असर सीधे आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है।
क्रेडिट रिपोर्ट एक्सेस होने पर मिलेगा तुरंत अलर्ट
RBI के नियमों के अनुसार, जब भी कोई बैंक या फाइनेंशियल कंपनी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करेगी, तो आपको SMS या Email Alert जरूर मिलेगा। यह सुविधा खास तौर पर Fraud से बचाव के लिए बेहद अहम है। अगर कोई आपके नाम पर बिना जानकारी लोन लेने की कोशिश करता है, तो आपको तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके अलावा अब कोई बैंक या कंपनी बिना सूचना दिए आपको डिफॉल्टर घोषित नहीं कर सकती।
शिकायत न सुलझाने पर मिलेगा मुआवजा
RBI ने ग्राहकों के अधिकारों को मजबूत करते हुए यह भी तय किया है कि अगर बैंक या क्रेडिट ब्यूरो:
- 30 दिनों के अंदर शिकायत का समाधान नहीं करते
- क्रेडिट रिपोर्ट सुधारने के अनुरोध पर समय पर कार्रवाई नहीं करते
तो ग्राहक को ₹100 प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।
साथ ही, क्रेडिट जानकारी में सुधार का अनुरोध मिलने पर उसे 30 दिनों के भीतर अपडेट करना अनिवार्य होगा।
