
RBI New Rules : अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि बैंक कर्मचारी ने बिना आपकी जरूरत समझे बीमा पॉलिसी, क्रेडिट कार्ड, लोन टॉप-अप या कोई Investment Product बेच दिया हो, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त रुख अपनाते हुए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इन नियमों के लागू होने के बाद बैंक बिना स्पष्ट सहमति (Explicit Consent) के कोई भी प्रोडक्ट नहीं बेच सकेंगे।
RBI द्वारा जारी मसौदा “RBI (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Amendment Direction 2026” नाम से सामने आया है, जिसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। फिलहाल इस ड्राफ्ट पर 4 मार्च 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद अंतिम नियम प्रभावी होंगे।
क्यों जरूरी पड़े ये नए नियम?
RBI full refund rule for mis-selling : कई बार बैंक कर्मचारी अपने Sales Target को पूरा करने के दबाव में ग्राहकों को ऐसी पॉलिसी या वित्तीय उत्पाद बेच देते हैं, जिनकी उन्हें न तो जरूरत होती है और न ही पूरी जानकारी दी जाती है। इसे ही आम भाषा में Mis-Selling कहा जाता है।
उदाहरण के तौर पर:
- बिना बताए सेविंग अकाउंट के साथ बीमा जोड़ देना
- लोन मंजूरी के साथ महंगी Insurance Policy अनिवार्य बताना
- क्रेडिट कार्ड के साथ Paid Membership थमा देना
- निवेश उत्पादों के जोखिम (Risk Factors) छुपाना
ऐसी शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं, जिसके बाद RBI ने यह कड़ा कदम उठाया है।
क्या है नया नियम? विस्तार से समझें
Bank mis-selling penalty India : नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- Explicit Consent अनिवार्य – किसी भी वित्तीय उत्पाद की बिक्री से पहले ग्राहक की स्पष्ट सहमति लेना जरूरी होगा। मौखिक या अस्पष्ट सहमति मान्य नहीं होगी।
- Compulsory Bundling पर रोक – एक प्रोडक्ट के साथ दूसरा प्रोडक्ट जबरन जोड़ना (Tie-in Sale) अब प्रतिबंधित होगा।
- Full Refund + Compensation – यदि Mis-Selling साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा लौटाना होगा। साथ ही हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी।
- No Hidden Charges – रिफंड के समय बैंक कोई Cancellation Charge या Processing Fee नहीं काट सकेगा।
- Dark Patterns पर रोक – वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर ऐसे डिज़ाइन या भ्रामक बटन (Dark Pattern Design) नहीं लगाए जा सकेंगे, जिससे ग्राहक अनजाने में सहमति दे दे।
- DSA/DMA की जवाबदेही – Direct Selling Agents (DSA) और Direct Marketing Agents (DMA) की पूरी सूची सार्वजनिक करनी होगी। यदि एजेंट द्वारा गलत बिक्री होती है, तो जिम्मेदारी बैंक की ही मानी जाएगी।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
RBI draft guidelines July 2026 : अब तक यदि कोई ग्राहक Mis-Selling का शिकार होता था, तो उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए बैंक शाखा, कस्टमर केयर और ओम्बड्समैन के चक्कर लगाने पड़ते थे। प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी। लेकिन 1 जुलाई 2026 के बाद स्थिति बदल जाएगी। अगर यह साबित हो जाता है कि उत्पाद गलत तरीके से बेचा गया है, तो बैंक को:
- पूरी राशि (Full Refund) लौटानी होगी
- किसी भी तरह का शुल्क नहीं काटना होगा
- मानसिक या आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी होगी
इससे बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) बढ़ेगी।

बैंकों के लिए बढ़ी जिम्मेदारी
RBI rules for insurance selling by banks : RBI के नए Responsible Business Conduct नियमों के तहत अब बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे:
- ग्राहक की आय (Income) और वित्तीय स्थिति (Financial Profile) को समझें
- प्रोडक्ट के जोखिम (Risk Disclosure) स्पष्ट रूप से बताएं
- बिक्री के समय झूठे वादे या भ्रमित करने वाली भाषा का उपयोग न करें
- Incentive Structure ऐसा न रखें जो केवल बिक्री बढ़ाने पर केंद्रित हो
यानी अब केवल Sales Target पूरा करना ही प्राथमिकता नहीं होगी, बल्कि ग्राहक का हित सर्वोपरि माना जाएगा।
कार्यालय समय में ही संपर्क
नए नियमों में यह भी प्रावधान है कि बैंक या उनके एजेंट ग्राहकों से केवल कार्यालय समय (Office Hours) के दौरान ही संपर्क कर सकेंगे। बार-बार कॉल या अनचाहे संदेश भेजकर दबाव बनाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी।
क्या बदलेगा बैंकिंग सिस्टम में?
इन नियमों के लागू होने के बाद बैंकिंग सेक्टर में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
- ग्राहक जागरूकता बढ़ेगी
- अनावश्यक बीमा और निवेश उत्पादों की जबरन बिक्री कम होगी
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ेगी
- ग्राहक और बैंक के बीच विश्वास मजबूत होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बैंकिंग सेक्टर में Consumer Protection को नई मजबूती देगा।
अगर आपके साथ Mis-Selling हो तो क्या करें?
- संबंधित बैंक शाखा में लिखित शिकायत दर्ज करें।
- बैंक के Grievance Redressal System का उपयोग करें।
- निर्धारित समय में समाधान न मिलने पर RBI Banking Ombudsman से संपर्क करें।
नए नियमों के लागू होने के बाद ऐसे मामलों में निर्णय ग्राहक के पक्ष में आने की संभावना अधिक होगी।
