
Scientific Spiritual Camp in Rajsamand : इंटरनेशनल एसोसिएशन फोर साइंटिफिक स्पिरिचुअलिज्म (आई ए एस एस) मेरठ के तत्वावधान में मानस योग साधना पर आधारित चतुर्थ सात दिवसीय स्वास्थ्य व आध्यात्मिक शिविर का उद्घाटन अणुव्रत विश्व भारती राजसमंद पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी के मुख्य आतिथ्य तथा सुमन अजमेरा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमंद के विशिष्ट आथित्य में हुआ। इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान श्री रामचंद्र एवं गुरुदेव के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
आयोजन समिति के संरक्षक जगदीश प्रसाद व्यास, साधक बालमुकुंद तोतला, पुष्पा तोतला, सीमा झंवर, महेश दाधीच, भगवती प्रसाद व्यास व अन्य साधकों ने अतिथियों का मेवाड़ी पाग, तिलक व उपरना ओढाकर स्वागत अभिनंदन किया। कमल किशोर व्यास व भगवती प्रसाद व्यास व उनकी टीम ने अतिथियों के स्वागत में गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया। ओमकार के उच्चारण एवं ध्यान से शिविर के प्रथम सत्र का शुभारम्भ कर डॉक्टर गोपाल शास्त्री ने साधकों को संबोधित करते हुए निरोगी मानव शरीर की महत्ता पर बल दिया तथा कहा की मानव देह भगवान की विलक्षण कृति है, जिसकी तुलना अन्य किसी से नहीं की जा सकती। इसे निरोगी रखने का हमारा दायित्व है, ऐसे विलक्षण शरीर को हम प्रकृति के बने हुए सिद्धांतों को नहीं मान कर के रोगी बना देते हैं। उन्होंने कहा कि हम सुख व स्वास्थ्य को दवाइयों में खोजते हैं, जो कि सरासर गलत है। रामचरितमानस में बतलाए अनुसार उचित आहार से व सही दिनचर्या रखने से मानव देह स्वस्थ व निरोगी रह सकती है, साथ ही मानव अपने आध्यात्मिक जीवन का पूर्ण विकास कर सकता है। इस प्रकार का उल्लेख भगवान ने स्वयं रामचरितमानस में किया है। डॉ गोपाल शास्त्री ने बताया कि ईश्वर ने जो शरीर बनाया है वह हर प्रकार के रोगों का निदान करने में सक्षम है, हमें इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने आश्चर्यजनक तथ्य जाहिर किया कि वर्तमान में पूरे ब्रह्मांड पर सर्वाधिक रोग ग्रस्त प्राणी कोई है तो वह इंसान है या इंसान के संपर्क में आया अन्य कोई जीव है, उसने चिकित्सा का पूरा शास्त्र लिख डाला लेकिन प्रकृति ने जो निरोगी एवं दुर्लभ मानव शरीर बनाया है उसे समझने एवं प्रकृति के अनुकूल जीवन यापन करने की बजाय अनेक -अनेक भ्रांतियां को पालकर इसे रोगी बनाने का पूर्ण प्रबंध कर रखा है। उन्होंने उदाहरण से स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रचलित भोजन व्यवस्था दैनिक जीवनी शक्ति प्रदान नहीं करती अपितु निर्धारित समय तक शरीर का निर्माण और उसके बाद संरक्षण करती है वो भी नियत मात्रा में होने पर। अधिक मात्रा में किया भोजन शरीर पर दुष्परिणाम डालता है, प्रकृति ने स्वयं सब व्यवस्थाएं श्रेष्ठतम मानव जीवन के लिए अनुकूल बनायी है। स्वस्थ रहने के लिए कब, क्या और कितना खाना है इसकी प्राकृतिक वैज्ञानिकता को समझना होगा।

Health and Spirituality Camp 2025 : राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में शिविर के आयोजकों एवं डॉ. शास्त्री की सराहना करते हुए डॉ. शास्त्री से नियमित रूप से प्रतिवर्ष इस प्रकार का शिविर राजसमंद में लगाने का निवेदन किया, साथ ही स्वस्थ एवं निरोगी जीवन हेतु इस शिविर में राजसमंद की जनता से अधिकाधिक संख्या में जुड़ने का आव्हान किया। उन्होंने शिविर में अपक्व आहार का भी सेवन किया। प्रथम सत्र का संचालन कमल किशोर व्यास ने किया।
प्रथम दिन की सभी की जांच

Rajsamand News Today : शिविर के प्रथम दिन रजिस्ट्रेशन करते हुए सभी साधकों का ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की जांच की गई। साथ ही अल्पाहार हेतु सभी साधकों को विशिष्ट प्रकार से बनाया हुआ सूप पिलाया गया तथा दोपहर में अपक्व अर्थात कच्चा भोजन जिसमें केवल अंकुरित अनाज , पत्तों की चटनी व सलाद ही सेवन कराया गया। शिविर में जगदीश प्रसाद व्यास, बालमुकुंद तोतला, पुष्पा तोतला, जितेन्द्र दाधीच,महेश दाधीच, भगवती प्रसाद व्यास, सीमा झवंर, सुधीर व्यास, सुरेश व्यास, कमल किशोर व्यास, ममता व्यास, हरिभगवान बंग, मनोज लोढ़ा, मनोज गुप्ता आदि अनेक साधक अपनी सेवाएं दे रहे है।



