
Sher Singh Murder Case : राजसमंद शहर में कांकरोली थाना क्षेत्र में प्रतापपुरा ब्रिज पर 24 जून को हाइवे पर सरेआम बाइक सवार युवक की हुई हत्या के मामले में पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने वारदाता का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि मुख्य आरोपी की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। प्रथम दृष्टया हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की बात भी सामने आ रही है, जिसको लेकर पुलिस अनुसंधान जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्याकांड का पूरा खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस तीसरे व मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है। गिरफ्तार दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से 5 दिन तक रिमांड पर रखने के आदेश हुए।
Sher Singh murder case Rajsamand कांकरोली थाना प्रभारी हंसाराम सिरवी ने बताया कि खाखरमाला निवासी 35 वर्षीय शेरसिंह पुत्र जोधसिंह की 24 जून दोपहर में भीलवाड़ा फोरलेन पर प्रतापपुरा ब्रिज पर कार सवार तीन बदमाशों ने पहले टक्कर मारी और फिर धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। इस पर मृतक के चाचा खेमसिंह की रिपोर्ट पर कांकरोली थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया। बताया कि शेरसिंह बैग में कपड़े लेकर बाड़मेर के बालोतरा में होटल का कार्य शुरू करने के लिए रहा था। तभी रास्ते में प्रतापपुरा ब्रिज पर अज्ञात ईको स्पोर्ट्स कार ने पीछे से बाइक को टक्कर मारी, जिससे बाइक सवार युवक शेरसिंह नीचे गिर गया। फिर कार को रिवर्स में लेकर हथियार निकालकर उसका गला काट दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही राजसमंद पुलिस उप अधीक्षक विवेकसिंह राव के पर्यवेक्षण तथा कांकरोली थाना प्रभारी हंसाराम सिरवी के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा राजसमंद, उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ जिलों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरो को खंगाला गया और दर्जनों संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार को लेकर भी अहम जानकारी मिली और उसी आधार पर कई लोगों से पूछताछ की गई और तकनीकी आधार पर अनुसंधान किया गया। इसके तहत जघन्य हत्याकांड में आरोपियों की पहचान कर ली गई, जिसमें मुख्य आरोपी उदयपुर जिले में घासा थाना क्षेत्र के गोदेला निवासी रामसिंह पुत्र हरिसिंह राणावत है, जिसने प्रतापगढ़ जिले में छोटी सादड़ी थाना क्षेत्र में कारंडा निवासी 32 वर्षीय शौकीन कुमार भील पुत्र रामलाल भील और दुर्गाप्रसाद पुत्र राधेश्याम मेघवाल की मदद से हत्या की। इस पर पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए शौकीन कुमार भील और दुर्गाप्रसाद मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने प्रारंभिक सख्त पूछताछ में ही हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से 5 दिन तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश हुए, जबकि मुख्य आरोपी रामसिंह की तलाश अभी की जा रही है और पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। Rajsamand daylight murder case
घर से ही आरोपी कर रहे थे पीछा
Rajsamand Pratappura murder : शेरसिंह हत्याकांड में पुलिस जांच में पता चला कि शेरसिंह बाइक पर निकला, तभी से कार सवार तीनों आरोपी खाखरमाला से ही लगातार पीछा कर रहे थे। आमेट शहर में होकर लावासरदारगढ़ होकर राजसमंद शहर के कांकरोली थाना क्षेत्र तक पहुंच गए और प्रतापपुरा ब्रिज के पास कार सवार बदमाशों ने बाइक को टक्कर मार कर नीचे गिराया। फिर धारदार हथियार से गला काट दिया और हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी कार लेकर नाथद्वारा होते हुए मावली एवं चित्तौड़गढ़ की ओर फरार हो गए। Rajsamand News Today
क्या सहयोगी आरोपियों को दी थी सुपारी
शेरसिंह हत्याकांड में गिरफ्तार शौकीर कुमार भील और दुर्गाप्रसाद मेघवाल को क्या सुपारी थी अथवा कोई और प्रलोभन दिया। इसको लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस द्वारा गहन अनुसंधान किया जा रहा है। साथ ही रामसिंह की शेरसिंह से क्या दुश्मनी थी।
पुलिस टीम में ये अधिकारी है शामिल
- हंसराम सिरवी – पुलिस निरीक्षक
- सुरेन्द्र सिंह – उप निरीक्षक
- निर्भय सिंह – सहायक उप निरीक्षक
- विरेन्द्र सिंह – हैड कांस्टेबल
- महेन्द्र सिंह – हैड कांस्टेबल
- हिम्मत सिंह – कांस्टेबल
- नरेन्द्र कुमार – कांस्टेबल
- राजेन्द्र सिंह – कांस्टेबल
- राजेन्द्र सिंह – कांस्टेबल
- गोविन्द सोनी – कांस्टेबल
🖥️ साइबर सेल टीम (Cyber Cell Police Team)
- शम्भुप्रताप सिंह – हैड कांस्टेबल
- ईन्द्र कुमार – कांस्टेबल
- ओमप्रकाश – कांस्टेबल
🚔 थाना आमेट से सहयोगी अधिकारी
- विक्रम सिंह – हैड कांस्टेबल
🚨 थाना छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़ से टीम सदस्य
- नरपत सिंह – हैड कांस्टेबल
- देवेन्द्र सिंह – कांस्टेबल
हर एक सवाल पर हो रही जांच
शेरसिंह हत्या के मामले में कई तरह की बातें और सवाल खड़े हुए हैं। मुख्य आरोपी रामसिंह का बेकग्राउंड भी खंगाल रहे हैं। साथ ही कुछ चौंकाने वाले तथ्य और बातें भी सामने आई है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरा खुलासा हो सकेगा। फिलहाल दो आरोपी गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिए हैं, जिनसे पूछताछ में भी कई खुलासे होंगे। शेरसिंह के दोस्त, रिश्तेदार या नाराजगी रखने वाले लोग भी पुलिस के अनुसंधान में शामिल हैं। इसलिए जब तक सबकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक वास्तविकता सामने नहीं आ पाएगी।
विवेकसिंह राव, पुलिस उप अधीक्षक राजसमंद
