
SIP Calculator 6000 per month : आज के दौर में म्यूचुअल फंड और SIP (Systematic Investment Plan) का नाम सुनकर कोई हैरान नहीं होता। शेयर बाजार से जुड़े शानदार रिटर्न और लंबे समय में धन बढ़ाने की ताकत देखकर आम आदमी से लेकर युवा प्रोफेशनल तक हर कोई SIP की ओर आकर्षित हो रहा है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड कैसे तैयार किया जाए, तो आज हम एकदम सटीक उदाहरण के साथ समझाते हैं कि महज 6,000 रुपये मासिक SIP से 12 साल बाद आपका फंड कितना हो सकता है।
आइए पहले देखते हैं पूरा SIP कैलकुलेशन (12% वार्षिक रिटर्न मानते हुए)
- मासिक निवेश : ₹6,000
- निवेश की अवधि : 12 साल (144 महीने)
- अपेक्षित वार्षिक रिटर्न : 12% (जो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में सामान्य रूप से मिलता रहा है)
12 years SIP returns 12 percent : 12 साल बाद आपका कुल फंड वैल्यू ≈ ₹19,34,000 इसमें से आपका कुल निवेश (मूलधन) : ₹8,64,000 केवल कंपाउंडिंग और रिटर्न से कमाई : लगभग ₹10,70,000
यानी आपने 8.64 लाख रुपये डाले और 12 साल में वह रकम दोगुने से भी ज्यादा होकर 19.34 लाख रुपये तक पहुँच गई! यह चमत्कार है कंपाउंडिंग की ताकत और नियमित निवेश की आदत का।

यह गणना कैसे की जाती है?
SIP की फ्यूचर वैल्यू निकालने का फॉर्मूला है: FV = P × [{(1 + i)^n – 1} / i] × (1 + i)
जहाँ P = मासिक निवेश (6,000) i = मासिक रिटर्न रेट (12% सालाना = 1% महीना) n = कुल महीनों की संख्या (144)
इस फॉर्मूले से मिलने वाला परिणाम लगभग ₹19.34 लाख ही आता है। आप खुद किसी भी SIP कैलकुलेटर में ये आंकड़े डालकर चेक कर सकते हैं।
लेकिन असल जिंदगी में रिटर्न तय नहीं होता, फिर भी 12% क्यों मानें?
Mutual Fund SIP long term returns : पिछले 15-20 साल के आंकड़े देखें तो अच्छे लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप इक्विटी फंड्स ने औसतन 12-15% CAGR दिया है। बेशक बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है, कभी 1-2 साल निगेटिव रिटर्न भी आ सकता है, लेकिन 10-12 साल जैसी लंबी अवधि में इक्विटी का परफॉर्मेंस ज्यादातर निवेशकों को मुस्कुराने वाला रहा है। इसलिए 12% एक यथार्थवादी और संतुलित अनुमान माना जाता है।

सही पोर्टफोलियो कैसे बनाएं? एक्सपर्ट की राय
Best equity mutual funds 12% return : Wealthyworld Pathways Pvt. Ltd. के फाउंडर और जाने-माने फाइनेंशियल प्लानर श्री सुनील बाहरी कहते हैं, “सबसे पहले अपने गोल को स्पष्ट करें। गोल तीन तरह के होते हैं – शॉर्ट टर्म (1-5 साल), मिड टर्म (5-7 साल) और लॉन्ग टर्म (7 साल से ज्यादा)।”
उदाहरण से समझिए: अगर आपके बच्चे की उच्च शिक्षा का खर्चा 10-12 साल बाद आने वाला है, तो उस पैसे को पूरी तरह डेट फंड या FD में रखना गलती होगी, क्योंकि वहाँ रिटर्न महंगाई को भी नहीं हरा पाएगा। ऐसे लंबे गोल के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड जरूरी है। सुनील जी इसे बहुत आसान भाषा में समझाते हैं – “मंजिल दूर है तो तेज रफ्तार वाली गाड़ी (इक्विटी) चुनिए, मंजिल पास है तो स्कूटर या साइकिल (डेट/लिक्विड फंड) काफी है। गलत वाहन चुनने से आप समय पर मंजिल नहीं पहुँच पाएंगे।”
शुरुआत करने के लिए 5 आसान टिप्स
- जल्दी शुरू करें – कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा फायदा समय से मिलता है।
- छोटी राशि से भी शुरू करें – 500 रुपये महीना भी काफी है, बाद में बढ़ा सकते हैं।
- लंबी अवधि का नजरिया रखें – कम से कम 7-10 साल तक निवेश जारी रखें।
- सही फंड चुनें – पिछले 10 साल में लगातार अच्छा परफॉर्म करने वाले फंड्स देखें।
- हर साल स्टेप-अप SIP बढ़ाएं – जैसे-जैसे सैलरी बढ़े, SIP भी 10-15% सालाना बढ़ाएं।
SIP investment plan for beginners : तो देर किस बात की? आज ही अपना पहला SIP शुरू करें। 6,000 रुपये महीना आज भले छोटा लगे, लेकिन 12 साल बाद जब आपका खाता 19 लाख से ऊपर दिखाएगा, तो आपको खुद पर गर्व होगा कि आपने सही समय पर सही फैसला लिया।
निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें। Happy Investing!
