
SIR Voter List Rajasthan : राजस्थान की राजनीतिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की घोषणा कर दी है। बिहार में सफलतापूर्वक लागू इस मॉडल को राजस्थान में भी अपनाया जा रहा है, जहां 22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सभी 199 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर वोटर लिस्ट की गहन जांच की जाएगी। यह अभियान न केवल वोटर लिस्ट को शुद्ध और सटीक बनाने का प्रयास है, बल्कि अवैध नामों को हटाने, नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।
प्रदेश में वर्तमान में 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 827 मतदाता हैं, जिनकी जांच के लिए 52 हजार 469 बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) तैनात किए गए हैं। रात 12 बजे से ही मतदाता सूची फ्रीज हो चुकी है, जिसके बाद BLOs घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। संदिग्ध मामलों में नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि फरवरी 2026 तक SIR से जुड़े अधिकारियों के तबादलों पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। हालांकि, विधानसभा उपचुनाव के कारण अंता क्षेत्र में यह प्रक्रिया लागू नहीं होगी।
इस लेख में हम SIR की पूरी प्रक्रिया, समयरेखा, दस्तावेजों की सूची, मतदाताओं की भूमिका और इससे जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से समझेंगे। यदि आप राजस्थान के मतदाता हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि यह प्रक्रिया आपके वोट की शुद्धता को सुनिश्चित करेगी।

SIR: क्या है यह विशेष अभियान?
Rajasthan Voter List 2025 : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग की एक व्यापक पहल है, जो वोटर लिस्ट को आधारभूत स्तर पर शुद्ध करने के लिए डिजाइन की गई है। यह प्रक्रिया हर मतदाता की पहचान, नागरिकता और पात्रता की गहन जांच करती है, ताकि कोई अयोग्य व्यक्ति लिस्ट में न रहे और कोई योग्य मतदाता बाहर न छूटे। चुनाव आयोग ने अब तक पूरे देश में आठ बार SIR आयोजित किया है, लेकिन राजस्थान में पिछली बार यह 2003-04 में हुआ था। औसतन हर 22 वर्षों में एक बार यह अभियान चलाया जाता है, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक मील का पत्थर साबित होता है।
SIR का मुख्य उद्देश्य है:
- शुद्धिकरण: डुप्लिकेट नाम, मृत व्यक्तियों या अवैध प्रवासियों के नाम हटाना।
- समावेशिता: नए युवा मतदाताओं को जोड़ना और महिलाओं, दिव्यांगों की भागीदारी बढ़ाना।
- पारदर्शिता: BLOs के माध्यम से घर-घर सत्यापन, ऑनलाइन फॉर्म सबमिशन और पारिवारिक मैपिंग।
बिहार में हाल ही में संपन्न SIR में 7.5 करोड़ मतदाताओं ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे लाखों त्रुटियां सुधारी गईं। राजस्थान में भी यही मॉडल अपनाया जा रहा है, जहां 40 वर्ष से अधिक आयु के 2.61 करोड़ मतदाताओं की 77% मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 2.88 करोड़ युवा मतदाताओं की मैपिंग तेजी से चल रही है।
राजस्थान में SIR कब और कैसे होगा?
Rajasthan BLO Voter Verification 2025 : चुनाव आयोग ने SIR को चार मुख्य चरणों में विभाजित किया है, जो 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 को समाप्त होगा। यह अभियान पूरे देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों – अंडमान एंड निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप – में एक साथ चलेगा, जो लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा। राजस्थान में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसमें BLOs और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण, राजनीतिक दलों से समन्वय और मीडिया प्रबंधन शामिल है।
समयरेखा का विस्तृत विवरण:
- तैयारी चरण (Preparation Phase): 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक।
- फॉर्म प्रिंटिंग, BLOs का प्रशिक्षण और सामग्री वितरण।
- ऑनलाइन फॉर्म सबमिशन को प्रोत्साहन, ताकि मतदाता घर बैठे आवेदन कर सकें।
- गणना चरण (Enumeration Phase): 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक।
- BLOs घर-घर जाकर प्री-फिल्ड फॉर्म (पहले से भरी जानकारी के साथ) वितरित करेंगे।
- प्रत्येक BLO एक घर में कम से कम तीन बार जाएंगे, ताकि कोई मतदाता छूट न जाए।
- 2003-04 की वोटर लिस्ट से मिलान किया जाएगा; पारिवारिक वंशावली (Genealogical Mapping) के माध्यम से अधिकांश मामलों में दस्तावेजों की जरूरत नहीं पड़ेगी।

- ड्राफ्ट प्रकाशन और दावा-अपील चरण (Draft Publication & Claims-Objections Phase): 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स प्रकाशित होंगे। दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी।
- ऑनलाइन पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर लिस्ट उपलब्ध होगी।
- नोटिस और सत्यापन चरण (Notice & Verification Phase): 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक।
- सुनवाई और सत्यापन, संदिग्ध मामलों में दस्तावेज मांगे जाएंगे।
- अंतिम प्रकाशन (Final Publication): 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और दिया कुमारी ने इस पहल का स्वागत किया है, कहा कि इससे वोटर लिस्ट की सभी त्रुटियां दूर होंगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।
SIR क्यों आवश्यक? – 22 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत
Rajasthan Voter List Correction : पिछले 22 वर्षों में वोटर लिस्ट में कई परिवर्तन हुए हैं – नए जन्म, मृत्यु, स्थानांतरण और संभावित अवैध प्रविष्टियां। 2003-04 की लिस्ट से तुलना कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई गलत व्यक्ति वोटर न बने। विशेष रूप से, युवा मतदाताओं (18-40 वर्ष) की संख्या बढ़ने से मैपिंग महत्वपूर्ण हो गई है। चुनाव आयोग का मानना है कि SIR से वोटर टर्नआउट बढ़ेगा और चुनावी धांधली रुकेगी। बिहार के अनुभव से प्रेरित होकर, राजस्थान में भी यह अभियान नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या बरकरार रखने के लिए आवश्यक दस्तावेज
SIR में दस्तावेज सत्यापन सरल लेकिन सख्त है। पहले चरण में कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं; BLO फॉर्म भरवाएंगे। बाद में 2003 की लिस्ट से मिलान होगा। यदि मिलान न हो, तो 12 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के लिए 9 सितंबर 2025 की अधिसूचना लागू होगी।
उम्र के आधार पर दस्तावेज:
- यदि 2003 की लिस्ट में आपका नाम है: कोई दस्तावेज नहीं – सीधे बरकरार।
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे: स्वयं का जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे: माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र या नागरिकता प्रमाण (जैसे पासपोर्ट, आधार)।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे (युवा मतदाता): कड़ी शर्तें – साबित करें कि माता-पिता में कम से कम एक भारतीय नागरिक है और दूसरा अवैध प्रवासी नहीं। माता-पिता के दस्तावेज अनिवार्य।

12 मान्य दस्तावेजों की सूची (संकेतक, पूर्ण नहीं):
- सरकारी पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट)।
- जन्म प्रमाण पत्र।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली बिल)।
- जाति प्रमाण पत्र या भूमि दस्तावेज।
- बैंक पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस।
फॉर्म भरने के बाद यदि दस्तावेज न दिए जाएं, तो नाम हटाया जा सकता है। ऑनलाइन सबमिशन को प्राथमिकता दी जा रही है।
SIR कौन संचालित करेगा?
Rajasthan Voter List Documents Required : SIR का संचालन बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) द्वारा किया जाएगा, जो घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे और प्रारंभिक सत्यापन करेंगे। 52,469 BLOs राज्य के हर कोने में तैनात हैं। इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी, तहसीलदार और पर्यवेक्षक सहयोग करेंगे।
तबादलों पर रोक: फरवरी 2026 तक कलेक्टर, SDM, ADM, तहसीलदार और BLOs के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध है। सामान्य तबादले रुकेंगे; विशेष मामलों में चुनाव आयोग से पूर्व अनुमति आवश्यक। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रक्रिया बिना रुकावट चले।
मौजूदा वोटर्स की मैपिंग: दस्तावेजों की न्यूनतम जरूरत
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि सभी राज्यों की पुरानी वोटर लिस्टें पोर्टल पर अपलोड हैं। https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर आप अपनी लिस्ट चेक कर सकते हैं। वंशावली मानचित्रण (Genealogical Mapping) के जरिए वर्तमान मतदाताओं को 2003 की लिस्ट के परिवारिक सदस्यों से जोड़ा जा रहा है। यदि आपके माता-पिता, दादा-दादी की जानकारी मैच करती है, तो दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं। इससे 77% वरिष्ठ मतदाताओं को राहत मिलेगी। युवाओं के लिए मैपिंग जारी है, जो पारदर्शिता बढ़ाएगी।



