
Sone chandi ka bhav : मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी टकराव, और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर ऐसे संकट के दौर में gold को सुरक्षित निवेश यानी safe haven asset माना जाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ जाती है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में शुक्रवार, 7 मार्च 2026 की सुबह सोना सस्ता दिखाई दिया। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि दूसरी कीमती धातु silver यानी चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है।
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,61,270 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,47,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। एक दिन पहले यानी 6 मार्च को दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 1,100 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट के बाद सोना 1,64,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। बाजार जानकारों का मानना है कि यह नरमी कारोबारियों की लगातार दूसरे दिन की profit booking यानी मुनाफावसूली के कारण देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा
GOLD PRICE TODAY : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से पैसा निकालकर सोना, डॉलर या सरकारी बॉन्ड जैसे comparatively safer options में लगाते हैं। यही वजह है कि विदेशों में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में spot gold यानी हाजिर सोना 14.70 डॉलर या करीब 0.29 प्रतिशत चढ़कर 5,095.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि ग्लोबल मार्केट में सोने की चमक बनी हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल अलग ट्रेंड देखने को मिल रहा है। भारत में कीमतों पर केवल अंतरराष्ट्रीय भाव ही असर नहीं डालते, बल्कि रुपये-डॉलर का exchange rate, import cost, local demand, jewellery buying trend और traders की booking activity भी बड़ा असर डालती है।
दिल्ली में आज क्या है सोने का रेट
SILVER PRICE TODAY : दिल्ली में आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,61,270 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,47,840 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। दिल्ली के बाजार में यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर मानी जा सकती है, जो शादी-ब्याह, निवेश या jewellery खरीदने की योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे बड़े बाजार में भाव में आने वाला बदलाव अक्सर देश के दूसरे हिस्सों के कारोबारियों और ग्राहकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। इसलिए राजधानी के रेट पर निवेशकों और खरीदारों दोनों की नजर बनी रहती है।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी नरमी
SILVER PRICE DROP TODAY : देश के बड़े महानगरों में भी सोने की कीमतों में हल्की नरमी बनी हुई है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,61,120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,47,690 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।
इन शहरों में सोने की कीमतें आमतौर पर एक जैसी या करीब-करीब समान रहती हैं, क्योंकि यहां market movement, import-linked pricing और bullion trade structure लगभग समान पैटर्न पर काम करते हैं। यही वजह है कि इन बाजारों के रेट को national trend का हिस्सा माना जाता है।
पुणे और बेंगलुरु में भी यही रेट
chandi ka bhav aaj ka : पुणे और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरी बाजारों में भी आज सोने की कीमतें मुंबई और चेन्नई के समान दर्ज की गई हैं। यहां 24 कैरेट गोल्ड 1,61,120 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड 1,47,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
इन शहरों में investment purpose और jewellery demand दोनों ही काफी मजबूत रहती हैं। इसलिए यहां के रेट पर middle class buyers, traders और long-term investors की खास नजर रहती है। कीमत में गिरावट ऐसे समय पर आई है, जब कई लोग इसे खरीदारी का मौका भी मान सकते हैं।
बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेट
आज देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | 22 कैरेट सोने का भाव (₹) | 24 कैरेट सोने का भाव (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 147840 | 161270 |
| मुंबई | 147690 | 161120 |
| अहमदाबाद | 147740 | 161170 |
| चेन्नई | 147690 | 161120 |
| कोलकाता | 147690 | 161120 |
| हैदराबाद | 147690 | 161120 |
| जयपुर | 147840 | 161270 |
| भोपाल | 147740 | 161170 |
| लखनऊ | 147840 | 161270 |
| चंडीगढ़ | 147840 | 161270 |
इस सूची से साफ है कि दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोने का भाव अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर है, जबकि मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में कीमत थोड़ी कम है। इसी तरह 22 कैरेट सोने में भी अलग-अलग शहरों के बीच मामूली अंतर देखने को मिल रहा है।
मिडिल ईस्ट संकट का बाजार पर क्या असर
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ खुली सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले करते हुए मिसाइल और ड्रोन से कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस टकराव ने पूरे Middle East में अस्थिरता बढ़ा दी है। ऊर्जा बाजार, shipping routes, crude oil supply और वैश्विक निवेश धारणा पर इसका असर पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव होगा, जब वह बिना शर्त surrender करे। इस बयान ने तनाव को और गहरा किया है। ऐसी परिस्थितियों में आमतौर पर सोने की कीमतों में तेज़ी देखी जाती है, क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल मुनाफावसूली और अन्य तकनीकी कारणों से कीमतों में नरमी बनी हुई है।

क्या यह खरीदारी का मौका है
जब भी सोने की कीमतों में गिरावट आती है, निवेशकों और आम ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि किसी को लंबे समय के लिए निवेश करना है, तो कीमतों में ऐसी गिरावट को buying opportunity के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, short-term traders के लिए volatility अभी भी बनी हुई है।
जो लोग शादी, त्योहार या family investment के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भी गिरा हुआ भाव राहत की खबर हो सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले बाजार की दिशा, budget और personal financial planning को ध्यान में रखना जरूरी है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 7 मार्च की सुबह silver price घटकर 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे पहले 6 मार्च को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी 600 रुपये टूटकर 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल घरेलू बाजार से अलग रही। वहां हाजिर चांदी का भाव 1.4 प्रतिशत बढ़कर 83.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह अंतर बताता है कि global trend और domestic market movement हमेशा एक जैसे नहीं होते। कई बार लोकल demand, tax structure, trader sentiment और currency movement की वजह से भारतीय बाजार में अलग दिशा दिखाई देती है।
सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव क्यों
कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई कारणों से आता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में movement
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- import duty और local tax structure
- jewellery sector की मांग
- global war tension और safe-haven buying
- traders की profit booking
- festive season और wedding demand
इसी वजह से कभी-कभी विदेश में सोना बढ़ता है, लेकिन भारत में गिर जाता है, या फिर घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुस्ती दिखाई देती है।
आम निवेशक को क्या समझना चाहिए
आम निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि सोना सिर्फ jewellery नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण asset class भी है। लंबे समय में यह मुद्रास्फीति यानी inflation के खिलाफ एक hedge की तरह काम कर सकता है। वहीं चांदी भी industrial use और investment demand दोनों के कारण अहम धातु मानी जाती है।
अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से निवेश करना चाहता है, तो वह physical gold के अलावा digital gold, gold ETF, sovereign gold bond जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि physical market rates और exchange-traded products के भाव में थोड़ा अंतर हो सकता है।



