
Sonia Gandhi : कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की शनिवार, 7 जून 2025 को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की शिकायत के बाद शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की, जिसमें ईसीजी और एमआरआई जैसे टेस्ट शामिल थे। जांच के बाद उनकी स्थिति स्थिर पाई गई, और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया, “सोनिया गांधी रूटीन मेडिकल जांच के लिए अस्पताल आई थीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने उनके आवश्यक टेस्ट किए, जिसमें उनका ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ा हुआ पाया गया। हालांकि, सभी जांच सामान्य रहीं, और वह अब अपने निवास पर लौट गई हैं।” हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रिंसिपल मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भी पुष्टि की कि सोनिया गांधी को मामूली स्वास्थ्य समस्याओं के कारण रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया था, और उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है।
IGMC Shimla : सोनिया गांधी (78) 2 जून 2025 को अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ शिमला पहुंची थीं। वह शिमला से 13 किलोमीटर दूर छराबड़ा में प्रियंका के फार्महाउस में ठहरी हुई थीं। यह फार्महाउस पहाड़ी शैली में बना है, जिसमें देवदार की लकड़ी से सजावट की गई है। चारों ओर हरियाली, पाइन के पेड़, और हिमालय के बर्फ से ढके पहाड़ इस जगह को खास बनाते हैं। गांधी परिवार, जिसमें सोनिया, प्रियंका, और राहुल गांधी शामिल हैं, अक्सर गर्मियों में छुट्टियां बिताने और सुकून के पल तलाशने के लिए इस फार्महाउस का रुख करता है। प्रियंका दो हफ्ते पहले ही यहां पहुंच चुकी थीं।
Sonia Gandhi Health deteriorated : सोनिया गांधी की तबीयत पहले भी कई बार बिगड़ चुकी है। मार्च 2024 में उन्हें बुखार के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनके डॉक्टर डीएस राणा ने बताया था कि वह सीनियर कंसल्टेंट्स की निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर है। इसके अलावा, जनवरी 2024 में वायरल इन्फेक्शन के चलते भी उन्हें उसी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
High Blood Pressure : वर्ष 2022 में सोनिया गांधी को कोविड-19 के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था। 1 जून 2022 को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, और 12 जून को उन्हें सांस लेने में तकलीफ और अन्य जटिलताओं के चलते सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। उस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनकी तबीयत के कारण तारीख को टाल दिया गया था।

सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता देखी गई। अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, हालांकि IGMC प्रशासन ने इसे रूटीन चेकअप करार देते हुए किसी भी गंभीर स्थिति से इनकार किया। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने भी बयान जारी कर कहा, “सोनिया गांधी पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह केवल एक रूटीन चेकअप था, और चिंता की कोई बात नहीं है।”
Sonia Gandhi Health Update : यह घटना एक बार फिर सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर चर्चाओं को हवा दे रही है। वह लंबे समय से सांस संबंधी समस्याओं और कोविड के बाद की जटिलताओं से जूझ रही हैं। फिर भी, उनकी स्थिर स्थिति और अस्पताल से छुट्टी ने उनके समर्थकों को राहत दी है। सोनिया गांधी के शिमला प्रवास को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि वह रविवार, 8 जून 2025 को दिल्ली लौट सकती हैं।
सोनिया गांधी के इटली से भारत का सफर
Sonia Gandhi Biography : सोनिया गांधी, जिनका पूरा नाम अन्टोनिया एड्विज अल्बीना मैनो है, भारतीय राजनीति में एक ऐसा नाम है, जो साहस, समर्पण और नेतृत्व का प्रतीक बन चुका है। इटली के छोटे से शहर लुसियाना में जन्मीं सोनिया ने न केवल भारत को अपना घर बनाया, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी जिंदगी की कहानी प्रेम, त्याग और देश सेवा की मिसाल है। 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से उनकी मुलाकात ने उनके जीवन को नई दिशा दी। 1968 में हिंदू रीति-रिवाजों से हुई उनकी शादी ने उन्हें भारत की राजनीतिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव के प्रधानमंत्री बनने और फिर 1991 में उनकी हत्या ने सोनिया को गहरे सदमे में डाला, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी को एकजुट किया और 2004 में यूपीए की जीत में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री पद ठुकराकर उन्होंने मनमोहन सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी, जो उनकी निस्वार्थता को दर्शाता है। मनरेगा और आरटीआई जैसे ऐतिहासिक कदमों में उनकी राष्ट्रीय सलाहकार समिति की भूमिका उल्लेखनीय रही। आज भी वह रायबरेली से सांसद और भारतीय राजनीति की एक प्रभावशाली शख्सियत हैं।
सोनिया गांधी: महत्वपूर्ण तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | अन्टोनिया एड्विज अल्बीना मैनो |
| जन्म तारीख | 9 दिसंबर 1946 |
| जन्म स्थान | लुसियाना, वेनेटो, इटली |
| पिता का नाम | स्टेफानो मैनो |
| माता का नाम | पाओला मैनो |
| पढ़ाई | स्मॉल लैंग्वेज कॉलेज, कैम्ब्रिज (अंग्रेजी भाषा और साहित्य) |
| विवाह | 1968 में राजीव गांधी के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से |
| बच्चे | राहुल गांधी (जन्म: 1970), प्रियंका गांधी वाड्रा (जन्म: 1972) |
| भाई-बहन | अनुष्का मैनो और नादिया मैनो (दो बहनें) |
| मूल निवास | लुसियाना, इटली |
| वर्तमान निवास | 10 जनपथ, नई दिल्ली, भारत |
| राजनीतिक करियर | 1997 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य, 1998-2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष, 2024 से राज्यसभा सांसद |
| प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र | बेल्लारी (1999), अमेठी (1999), रायबरेली (2004 से अब तक) |
| प्रमुख योगदान | यूपीए गठन (2004), मनरेगा, आरटीआई, संयुक्त राष्ट्र में अहिंसा दिवस प्रस्ताव (2007) |
| प्रमुख फिल्में | लागू नहीं (राजनीतिक व्यक्तित्व) |
| पुरस्कार/सम्मान | फोर्ब्स की सबसे ताकतवर महिलाओं में शामिल (2004, 2007, 2009), ऑर्डर ऑफ लियोपोल्ड (बेल्जियम, 2006) |

सोनिया गांधी की राजनीतिक यात्रा
- 1997: कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य बनीं, जब पार्टी कई खेमों में बंटी थी।
- 1998: 62 दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं, जो 2017 तक रहीं (रिकॉर्ड 19 वर्ष)।
- 1999: बेल्लारी और अमेठी से लोकसभा चुनाव जीता, विदेशी मूल का मुद्दा उठा।
- 2004: यूपीए की जीत, मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया, राष्ट्रीय सलाहकार समिति की अध्यक्ष बनीं।
- 2006: ऑफिस ऑफ प्रॉफिट विवाद में रायबरेली से इस्तीफा, उपचुनाव में जीत।
- 2007: संयुक्त राष्ट्र में अहिंसा दिवस पर भाषण, महात्मा गांधी के विचारों को बढ़ावा।
- 2009: कांग्रेस ने 206 सीटें जीतीं, यूपीए-2 की सरकार बनी।
- 2014: कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन (44 सीटें), विपक्ष में रही।
- 2024: रायबरेली से राज्यसभा सांसद बनीं।
सोनिया गांधी की जीवनी एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसने निजी त्रासदियों और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत की सेवा में खुद को समर्पित किया। उनकी नम्रता, दूरदर्शिता और नेतृत्व ने उन्हें वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया।
