
Surya Namaskar Benefit : योग सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। आज के दौर में फिटनेस और मानसिक शांति की तलाश में योग को पूरी दुनिया ने अपनाया है। योग के तमाम आसनों में सूर्य नमस्कार का विशेष स्थान है। इसे ‘योग की आत्मा’ कहा जाता है। यह सिर्फ शारीरिक फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति का स्रोत भी है।
आज के इस लेख में हम सूर्य नमस्कार के अद्भुत फायदों, इसे करने के सही तरीके, इससे जुड़ी सावधानियों और इससे जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पर चर्चा करेंगे। अगर आप भी कम समय में अपनी सेहत सुधारना चाहते हैं, तो सूर्य नमस्कार आपके लिए आदर्श विकल्प है। आइए जानते हैं विस्तार से।
सूर्य नमस्कार क्या है?
surya namaskar ke fayde : ‘सूर्य नमस्कार’ का शाब्दिक अर्थ है ‘सूर्य को नमस्कार करना।’ यह एक ऐसा योग अभ्यास है जिसमें 12 अलग-अलग आसनों का क्रमिक और सटीक तरीके से पालन किया जाता है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर और मन के बीच सामंजस्य बनता है।
सूर्य नमस्कार का सही समय
Surya Namaskar in Hindi : सूर्य नमस्कार के अभ्यास के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और मन शांत होता है। हालांकि, अगर सुबह का समय न मिल पाए तो इसे शाम को सूर्यास्त के समय भी किया जा सकता है।
नोट: सूर्य नमस्कार करने से पहले पेट खाली होना चाहिए। यह योगासन खाली पेट करने पर ही अधिक प्रभावी होता है।
सूर्य नमस्कार के 12 चरण
Surya Namaskar steps : सूर्य नमस्कार में कुल 12 आसन होते हैं। इनका क्रम और तरीके को सही ढंग से समझना बहुत जरूरी है। आइए, इन आसनों को क्रमवार जानें:
1. प्रणामासन (प्रेयर पोज़)
• सीधे खड़े हों। • दोनों हाथों को जोड़कर प्रार्थना की मुद्रा बनाएं। • गहरी सांस लें।
2. हस्त उत्तानासन (राइज्ड आर्म्स पोज़)
• दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। • कमर को पीछे की ओर झुकाएं। • सांस अंदर लें।
3. पादहस्तासन (हैंड्स टू फूट पोज़)
• कमर से झुकें और हाथों को पैरों की उंगलियों तक लाएं। • सांस छोड़ें।
4. अश्व संचालनासन (इक्वेस्ट्रियन पोज़)
• दाहिने पैर को पीछे की ओर ले जाएं। • बाएं पैर को झुकाकर जमीन पर रखें। • गहरी सांस लें।
5. दंडासन (स्टिक पोज़)
• शरीर को सीधी रेखा में रखें। • पुश-अप की मुद्रा बनाएं। • सांस छोड़ें।
6. अष्टांग नमस्कार (साष्टांग पोज़)
• छाती, हथेलियां, घुटने और पैरों को जमीन से छुएं। • सांस को रोकें।
7. भुजंगासन (कोबरा पोज़)
• छाती और सिर को ऊपर उठाएं। • सांस लें।
8. पर्वतासन (माउंटेन पोज़)
• कूल्हों को ऊपर उठाएं। • सिर को अंदर की ओर रखें। • सांस छोड़ें।
9-12.
• क्रम को उल्टे दिशा में दोहराएं: अश्व संचालनासन, पादहस्तासन, हस्त उत्तानासन, और प्रणामासन।

सूर्य नमस्कार के फायदे
Surya Namaskar asana : सूर्य नमस्कार सिर्फ एक योगासन नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण शरीर के लिए लाभकारी है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख फायदों के बारे में:
1. शारीरिक फिटनेस में सुधार
सूर्य नमस्कार एक सम्पूर्ण वर्कआउट है। इसे नियमित करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
2. मानसिक शांति
इस योगाभ्यास के दौरान गहरी सांस लेने और छोड़ने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है।
3. पाचन तंत्र को सुधारना
इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाती हैं।
4. वजन घटाने में मदद
सूर्य नमस्कार के दौरान कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
5. हार्मोनल संतुलन
यह थायरॉयड और अन्य हार्मोनों को संतुलित करता है।
6. ब्लड सर्कुलेशन में सुधार
इससे पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है।
7. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
8. शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन
गहरी सांस लेने से फेफड़ों में ऑक्सीजन भरपूर मात्रा में पहुंचती है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
9. हड्डियों को मजबूत बनाना
यह हड्डियों को कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है।
10. दिल की सेहत में सुधार
सूर्य नमस्कार से हार्ट रेट बेहतर होता है और हृदय स्वास्थ्य सुधरता है।
Surya Namaskar photo : सूर्य नमस्कार में सावधानी
- शुरुआत में इसे धीरे-धीरे करें। जल्दबाजी न करें।
- योगासन करने के दौरान नाक से ही सांस लें और छोड़ें।
- ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।
- खाली पेट सूर्य नमस्कार करें।
- अगर किसी प्रकार की हेल्थ समस्या है, तो योग शिक्षक या डॉक्टर से सलाह लें।

किन्हें सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए?
कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में सूर्य नमस्कार करने से बचना चाहिए। जैसे:
- गर्भवती महिलाएं।
- हाल ही में सर्जरी कराने वाले व्यक्ति।
- हार्निया या गंभीर कलाई की चोट वाले लोग।
- हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, पीठ या घुटने की समस्या वाले लोग।
सूर्य नमस्कार के बाद क्या करें?
सूर्य नमस्कार समाप्त करने के बाद कुछ समय के लिए शवासन में लेट जाएं। यह शरीर और मन को आराम देने में मदद करता है। सूर्य नमस्कार एक सम्पूर्ण योगाभ्यास है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सेहत को बेहतर बनाता है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और नियमित अभ्यास से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं। अगर आप इसे सही तरीके से और सभी सावधानियों के साथ करते हैं, तो यह आपको एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने में मदद करेगा।
