
Teacher bribe minister : जयपुर, 9 जून 2025 की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने राजस्थान के शिक्षा विभाग को हिलाकर रख दिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक सरकारी शिक्षक ने रिश्वत देने की कोशिश की, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। यह घटना उस समय हुई जब मंत्री अपने सिविल लाइंस (Civil Lines) स्थित सरकारी आवास पर जनसुनवाई कर रहे थे। शिक्षक ने पाठ्यक्रम समिति (Curriculum Committee) में शामिल होने की मांग के साथ एक प्रार्थना पत्र सौंपा, लेकिन इसके साथ ही उसने एक लिफाफा और मिठाई का डिब्बा भी दिया। लिफाफे में ₹5,000 की नकदी थी, जिसे देखते ही मंत्री ने तुरंत कार्रवाई की और शिक्षक को पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी शिक्षक की पहचान
Rajasthan education bribery : रिश्वत देने की कोशिश करने वाले शिक्षक का नाम चंद्रकांत वैष्णव है, जो बांसवाड़ा जिले के घाटोल ब्लॉक में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (Government Higher Primary School) बुधा में तैनात है। चंद्रकांत एक ग्रेड थर्ड (Grade-III) शिक्षक है और वह राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (Rajasthan State Council of Educational Research and Training – RSCERT) की पुस्तक लेखन प्रक्रिया (Textbook Writing Process) में शामिल होना चाहता था। इसी मंशा के साथ वह सोमवार सुबह जयपुर में शिक्षा मंत्री के सिविल लाइंस आवास पर पहुंचा। उसने सोचा कि रिश्वत देकर वह अपनी मांग पूरी करवा सकता है, लेकिन उसकी यह कोशिश उलटी पड़ गई।

जनसुनवाई के दौरान मिठाई के डिब्बे के साथ लिफाफा सौंपा
Madan Dilawar bribe case : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सोमवार की सुबह अपने सिविल लाइंस आवास पर जनसुनवाई (Public Hearing) कर रहे थे। यह जनसुनवाई आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए आयोजित की जाती है। इसी दौरान चंद्रकांत वैष्णव वहां पहुंचा और उसने पाठ्यक्रम समिति में शामिल करने की मांग वाला एक प्रार्थना पत्र (Application Letter) सौंपा। इस प्रार्थना पत्र के साथ उसने एक लिफाफा और मिठाई का डिब्बा भी मंत्री को दिया। मिठाई का डिब्बा देना एक सामान्य परंपरा हो सकती है, लेकिन लिफाफे में नकदी होना इस घटना को गंभीर बना देता है।
लिफाफे में पैसे देखकर चौंक गए दिलावर
Rajasthan education scam शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना का विस्तार से जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने लिफाफे को सामान्य सिफारिशी पत्र (Recommendation Letter) समझकर रख लिया था। उनके मुताबिक, रोजाना जनसुनवाई के दौरान कई लोग सिफारिशी पत्र लेकर आते हैं, इसलिए उन्होंने इसे बिना खोले रख लिया। लेकिन उनके फोटोग्राफर (Photographer) भरत ने उन्हें सूचित किया कि लिफाफे में कुछ संदिग्ध है और उसमें पैसे हो सकते हैं। इसके बाद जब मंत्री ने लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें ₹5,000 की नकदी थी। यह देखते ही वे हैरान रह गए।
दिलावर ने बताया कि उन्हें उस दिन रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) के लिए निकलना था, लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत शिक्षक को वहीं रोक लिया और सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने चंद्रकांत वैष्णव को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। साथ ही, इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी (Committee) गठित की गई है, जो इस घटना की गहराई से पड़ताल करेगी।
मेरे 35 साल के करियर में पहली बार ऐसा हुआ
Teacher caught bribing : इस घटना ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को गहरे तक प्रभावित किया है। उन्होंने इस मामले को अपने जीवन की सबसे दुखद और अप्रिय घटना करार दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में उन्होंने कहा, “मेरे 35-36 साल के राजनीतिक करियर (Political Career) में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी ने मुझे रिश्वत देकर काम करवाने की कोशिश की हो। यह मेरे लिए बेहद दुखद और शर्मनाक घटना है। यह सोच कि लोग शिक्षा मंत्री को रिश्वतखोर समझते हैं, मुझे बहुत तकलीफ देती है।”
दिलावर ने आगे बताया कि उन्होंने तुरंत स्थानीय थाने की पुलिस को बुलाया और आरोपी शिक्षक को उनके हवाले कर दिया। वे रामगढ़ बांध से लौटने के बाद इस घटना की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे खराब घटना है। यह दुखद है कि एक शिक्षक, जो समाज के लिए रोल मॉडल (Role Model) होना चाहिए, इस तरह का कदम उठा रहा है। यह शिक्षा व्यवस्था (Education System) पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।”
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
Rajasthan bribery news यह घटना केवल एक रिश्वत की कोशिश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार (Corruption) की गहरी जड़ों की ओर भी इशारा करती है। एक शिक्षक का इस तरह का कदम न केवल शिक्षा मंत्री की छवि को धूमिल करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि क्या शिक्षा विभाग में ऐसे अवसरों के लिए भ्रष्टाचार आम बात है। यह घटना शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता (Transparency) और नैतिकता (Ethics) की कमी को भी उजागर करती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने चंद्रकांत वैष्णव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो यह पता लगाएगी कि क्या यह एक अकेली घटना है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट (Racket) काम कर रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी।



