
Trump Iran war : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज 13वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि इस संघर्ष में अमेरिका बढ़त हासिल कर चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी। केंटकी में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा कि युद्ध के पहले ही घंटे में साफ हो गया था कि अमेरिका की स्थिति मजबूत है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को जानकारी दी है कि ईरान युद्ध के शुरुआती 6 दिनों में अमेरिका करीब 11.3 अरब डॉलर यानी लगभग 1 लाख करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। इनमें से करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग 45 हजार करोड़ रुपए हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुए हैं। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि पहला, ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए। दूसरा, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए। तीसरा, भविष्य में ईरान पर हमला न हो, इसकी अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।
कच्चे तेल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल के पार
US Iran conflict latest : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड का भाव 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि एक दिन पहले यह करीब 92 डॉलर प्रति बैरल था यह बढ़ोतरी तब भी हो रही है, जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के 32 देशों ने बाजार में 40 करोड़ बैरल तेल छोड़ने की योजना बनाई है। इसके बावजूद बाजार की चिंताएं कम होती नजर नहीं आ रहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में करीब 20% की तेजी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका के कारण बाजार में घबराहट बढ़ गई है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है।

बहरीन में ईरान के लिए जासूसी के आरोप में 4 लोग गिरफ्तार
Israel Iran war update : बहरीन के गृह मंत्रालय ने ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में चार बहरीनी नागरिकों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संपर्क रखने का आरोप है। मंत्रालय के अनुसार गिरफ्तार लोगों की उम्र 22 से 36 वर्ष के बीच है। वहीं, 25 वर्षीय एक अन्य संदिग्ध फिलहाल विदेश में फरार बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बहरीन के कई संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें लीं और उनकी लोकेशन रिकॉर्ड की। बताया गया है कि यह जानकारी एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर के जरिए IRGC तक पहुंचाई गई। मामले की जांच अभी जारी है।
युद्ध के कारण 1100 से ज्यादा बच्चे घायल या मारे गए
Trump says America winning Iran war : यूनिसेफ ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। एजेंसी के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक 1100 से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं या मारे गए हैं। इनमें करीब 200 बच्चे ईरान में, 91 लेबनान में, 4 इजराइल में और 1 कुवैत में मारे गए हैं।एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो पीड़ित बच्चों की संख्या और अधिक हो सकती है। लगातार हो रहे हमलों की वजह से लाखों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि सैकड़ों हजार बच्चों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। संस्था ने अपील की है कि मध्य-पूर्व के करीब 20 करोड़ बच्चों की सुरक्षा के लिए दुनिया तुरंत ठोस कदम उठाए।
ईरान की चेतावनी- तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है
Pentagon Iran war cost : ईरान ने चेतावनी दी है कि मौजूदा युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। तेहरान स्थित खातम अल-अनबिया सैन्य कमांड मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने बुधवार को कहा कि ईरान अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विरोधियों के खिलाफ लगातार सैन्य अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों तक तेल पहुंचने नहीं देगा। उनके मुताबिक, ऐसे देशों की ओर जाने वाले किसी भी जहाज या टैंकर को वैध निशाना माना जाएगा।
UNSC में ईरानी हमलों की निंदा, तुरंत लड़ाई रोकने की मांग
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें ईरान द्वारा खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की निंदा की गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से तत्काल हमले रोकने की मांग की गई है। बुधवार को UNSC के 15 में से 13 सदस्य देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। यह प्रस्ताव गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल की ओर से पेश किया गया था और इसे संयुक्त राष्ट्र के 135 अन्य सदस्य देशों का भी समर्थन मिला। हालांकि चीन और रूस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करके प्रस्ताव को रोकने की कोशिश भी नहीं की।
युद्ध के डर से लोग पालतू जानवर छोड़कर भाग रहे
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इजराइल-ईरान तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कई लोग देश छोड़ने की तैयारी में अपने पालतू कुत्तों, बिल्लियों और अन्य जानवरों को सड़कों या शेल्टर में छोड़ रहे हैं। रेस्क्यू संगठनों के मुताबिक, कई लोग जानवरों को बिना खाना-पानी के भीषण गर्मी में रास्तों के किनारे पोल से बांधकर छोड़ रहे हैं। एनिमल वेलफेयर वर्कर्स का कहना है कि उन्हें घरों और आश्रयों के बाहर पिंजरों में बंद बिल्लियां और पिल्ले भी मिले हैं। अबू धाबी के एक एनिमल वेलफेयर वर्कर ऐन्सो स्टैंडर ने इसे बेहद स्वार्थी और अमानवीय कदम बताया है।
इराक के ऑयल पोर्ट पर काम बंद
इराक ने अपने ऑयल पोर्ट्स पर संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इराक की जनरल कंपनी फॉर पोर्ट्स के प्रमुख फरहान अल-फर्तौसी ने बताया कि सभी ऑयल टर्मिनल्स पर काम फिलहाल बंद कर दिया गया है, हालांकि अन्य वाणिज्यिक बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। यह फैसला उस समय लिया गया, जब विस्फोटकों से भरी नावों ने दो क्रूड ऑयल टैंकरों पर हमला किया। ये टैंकर उम्म कसर बंदरगाह से तेल लेकर रवाना हुए थे।
ईरानी स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका जिम्मेदार
ईरान के मीनाब शहर में एक प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के लिए शुरुआती जांच में अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है। अमेरिकी सैन्य जांच के मुताबिक पुराने टार्गेटिंग डेटा के इस्तेमाल के कारण स्कूल की गलत पहचान हो गई। 28 फरवरी को हुए इस हमले में टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। उस समय अमेरिकी सेना स्कूल के पास स्थित एक ईरानी नौसैनिक अड्डे को निशाना बना रही थी, जो पहले उसी कैंपस का हिस्सा था। जांच में सामने आया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खुफिया एजेंसी से मिले पुराने डेटा के आधार पर हमला किया और स्कूल को सैन्य ठिकाना समझ लिया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 160 से अधिक बच्चों सहित कम से कम 175 लोगों की मौत हुई। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पुराने डेटा की दोबारा पुष्टि क्यों नहीं की गई।
दावा- चीन सैटेलाइट से ट्रैक कर रहा था अमेरिकी लोकेशन
28 फरवरी को ईरान पर पहली मिसाइल दागे जाने से पहले ही चीनी सोशल मीडिया पर संकेत मिलने लगे थे कि अमेरिका बड़ा हमला करने जा रहा है। इंटरनेट पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगी थीं। इन तस्वीरों में रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्यसागर में विमानवाहक पोत के डेक पर तैनात फाइटर जेट्स दिखाई दे रहे थे। इन तस्वीरों की खास बात यह थी कि इनमें असामान्य रूप से काफी ज्यादा जानकारी दी गई थी और यह जानकारी अंग्रेजी की बजाय मंदारिन भाषा में लिखी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तस्वीरों में अलग-अलग विमानों के नाम, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और सैनिकों की तैनाती की सटीक लोकेशन तक दर्शाई गई थी।

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें अनिवार्य हैं। पहली, ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए। दूसरी, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए। तीसरी, भविष्य में ईरान पर फिर हमला न हो, इसके लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। उनके मुताबिक, इन शर्तों को स्वीकार करना ही युद्ध समाप्ति का एकमात्र रास्ता है।
शीर्ष नेतृत्व खत्म होने के बाद भी ईरान कैसे लड़ रहा है
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 12 दिनों से अधिक समय से संघर्ष जारी है। पहले ही दिन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद अब तक करीब 50 शीर्ष अधिकारी मारे जाने की खबर है। इसके बावजूद ईरान लगातार दावा कर रहा है कि वह लंबे समय तक युद्ध लड़ने की स्थिति में है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इसके लिए एक विशेष रणनीति अपनाई है, जिसमें सेना की कमान किसी एक व्यक्ति के पास नहीं, बल्कि सात अलग-अलग हिस्सों में बांट दी गई है। इसके अलावा, हर अहम पद के लिए चार-चार संभावित उत्तराधिकारी पहले से तय कर दिए गए हैं।
बहरीन ने नागरिकों से घरों में रहने की अपील की
बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों से घरों के भीतर रहने की अपील की है। मंत्रालय ने हिद्द, अराद, कलाली और समाहीज इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा है कि वे खिड़कियां और वेंटिलेशन के रास्ते बंद रखें। मंत्रालय के अनुसार यह एहतियाती कदम आग से उठ रहे धुएं के असर से लोगों को बचाने के लिए उठाया गया है।
ट्रम्प बोले- अमेरिका बढ़त बना चुका है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका निर्णायक बढ़त हासिल कर चुका है। केंटकी की रैली में उन्होंने कहा कि जीत का ऐलान जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक युद्ध के पहले ही घंटे में साफ हो गया था कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका अभी पीछे हटने वाला नहीं है। जब तक मिशन पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
पहले हफ्ते में अमेरिका ने खर्च किए ₹1 लाख करोड़
अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया है कि ईरान युद्ध के पहले ही हफ्ते में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर यानी लगभग 1 लाख करोड़ रुपए खर्च कर दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के पहले वीकेंड में ही अमेरिका ने केवल हथियारों और गोला-बारूद पर करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग 45 हजार करोड़ रुपए खर्च किए थे।
ट्रम्प के पास युद्ध खत्म करने का स्पष्ट प्लान नहीं
18 फरवरी को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह फैसला कर रहे थे कि ईरान पर हमला किया जाए या नहीं, तब ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता नहीं थी कि युद्ध होने पर मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई प्रभावित होगी या वैश्विक तेल बाजार में बड़ी उथल-पुथल मचेगी। राइट ने कहा था कि पिछले वर्ष जून में जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, तब भी तेल बाजार पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा था। उनके अनुसार, उस समय कीमतें थोड़ी बढ़ी थीं, लेकिन बाद में फिर सामान्य हो गई थीं। ट्रम्प के अन्य सलाहकार भी निजी तौर पर इसी तरह की राय रखते थे। उनका मानना था कि खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और ईरान शायद ही इस बार उन समुद्री रास्तों को बंद करेगा, जिनसे दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति गुजरती है।
ईरान में 19 हजार से ज्यादा इमारतों को नुकसान
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (IRCS) के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में ईरान में 19 हजार से ज्यादा नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार कुल 19,734 इमारतें प्रभावित हुई हैं। इनमें करीब 16 हजार घर, 3300 से ज्यादा ऑफिस और दुकानें, 77 अस्पताल और लगभग 69 स्कूल शामिल हैं। रेड क्रिसेंट ने बताया कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे से कई घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हमलों में रेड क्रिसेंट के कई केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है और बचाव कार्य के दौरान कुछ राहतकर्मी घायल हुए हैं।
पेट्रोल सस्ता करने के लिए रिजर्व तेल का इस्तेमाल करेगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि सरकार पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से तेल जारी करेगी। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, इसलिए रिजर्व का कुछ हिस्सा बाजार में उतारा जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि इससे पेट्रोल की कीमतों को कम करने में मदद मिलेगी और बाद में रिजर्व को फिर से भर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कितनी मात्रा में तेल जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की नौसेना और वायुसेना को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ट्रम्प के मुताबिक अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मोजतबा खामेनेई ईरान की सत्ता में बने रहते हैं, तो इस पर वे फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
कतर पर ईरान का मिसाइल हमला
ईरान ने कतर की ओर 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे हैं। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने 8 मिसाइलों और सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। मंत्रालय ने बताया कि एक मिसाइल निर्जन क्षेत्र में गिरी, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

कतर से 500 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौटे
कतर में बढ़ते तनाव के बीच अब तक 500 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकालकर भारत भेजा जा चुका है। ये लोग कतर एयरवेज की उड़ानों से नई दिल्ली और अन्य शहरों में पहुंचे हैं। कतर स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने और किसी संदिग्ध वस्तु या मलबे के पास न जाने की सलाह दी है। दूतावास ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
दक्षिण लेबनान में इजराइली हमले में 8 लोगों की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजराइल के हमले में बालबेक जिले के शाअत कस्बे में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हुए हैं। वहीं, बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए हमलों में कम से कम 17 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हिज्बुल्लाह का इजराइल पर रॉकेट हमला
हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के कई सैन्य ठिकानों पर रॉकेट दागे हैं। संगठन के मुताबिक यह हमला लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में किया गया। अमियाद और सैमसन सैन्य अड्डों के अलावा इजराइली सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय और सफद के पास स्थित ऐन जैतिम अड्डे को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा हाइफा शहर के नौसैनिक अड्डे और कार्मेल वायुसेना अड्डे पर भी मिसाइलें दागी गईं।



