
Udaipur Covid cases today : राजस्थान के उदयपुर शहर में एक बार फिर से कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस महीने यानी जून में अब तक 26 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि मई महीने में यह आंकड़ा 11 मरीजों का था। इस तरह, उदयपुर में अब तक कुल 37 मरीज सामने आ चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस साल जनवरी से अप्रैल तक एक भी नया केस दर्ज नहीं हुआ था, लेकिन मई से लेकर अब तक केसों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। इस बीच, प्रतापगढ़ जिले में 6 जून को एक बुजुर्ग महिला की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
Covid cases in Rajasthan : महाराणा भूपाल (एमबी) हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन ने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में हर दिन औसतन 2 से 3 मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। हालांकि, उन्होंने लोगों से अपील की कि इस स्थिति से घबराने की जरूरत नहीं है। डॉ. सुमन ने कहा, “इस बार का कोरोना वायरस का वैरिएंट पहले की तुलना में कम खतरनाक है। यही वजह है कि ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं। कुछ ही मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है, बाकी सभी मरीज घर पर ही आइसोलेशन में रहकर ठीक हो रहे हैं।” उन्होंने लोगों से सलाह दी कि अगर किसी को बुखार, खांसी या अन्य लक्षण महसूस हों, तो बिना देर किए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें और अपना कोविड टेस्ट जरूर करवाएं।
मरीजों में दिख रहे हैं सामान्य लक्षण
Corona virus in Udaipur : एमबी हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओ.पी. मीणा ने बताया कि इस बार के कोरोना मरीजों में ज्यादातर सामान्य लक्षण ही देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मरीजों में मुख्य रूप से बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी और शरीर में हल्का दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इस बार का वैरिएंट पहले की तरह गंभीर नहीं है, जिसके कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत बहुत कम आ रही है। अधिकांश मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है, जहां वे डॉक्टरों की सलाह और दवाइयों के जरिए ठीक हो रहे हैं।” डॉ. मीणा ने यह भी बताया कि एमबी हॉस्पिटल की ओपीडी में हर दिन विभिन्न बीमारियों के लिए औसतन 400 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से कुछ मरीजों में कोविड के लक्षण भी देखे जा रहे हैं।
अस्पताल में कोविड प्रोटोकॉल के तहत पुख्ता इंतजाम
Covid variant in Udaipur : उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में कोविड-19 से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से ही की जा चुकी हैं। अस्पताल में कोविड प्रोटोकॉल के तहत एक अलग से इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (ILI) ओपीडी संचालित की जा रही है, जहां संदिग्ध मरीजों की जांच और इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, अस्पताल में पहले से स्थापित संक्रामक रोग केंद्र (Infectious Disease Centre) में 10 बेड विशेष रूप से आईसीयू के लिए रिजर्व रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके।
डॉ. सुमन ने बताया कि अस्पताल में हर दिन औसतन 9 से 10 मरीजों का कोविड टेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जो भी व्यक्ति अपने अंदर कोविड जैसे लक्षण महसूस करता है, वह बिना किसी झिझक के हमारे अस्पताल में आकर अपना टेस्ट करवा सकता है। टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त और सुरक्षित है।” इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे मास्क का उपयोग करें, बार-बार हाथ धोएं और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
दो महीनों में केसों में तेजी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
उदयपुर में इस साल की शुरुआत में जनवरी से अप्रैल तक कोरोना के मामले शून्य थे, लेकिन मई महीने से स्थिति बदलने लगी। मई में 11 मरीज सामने आए, और जून के पहले 13 दिनों में ही 26 नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इस तरह, कुल मिलाकर उदयपुर में अब तक 37 मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन, बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
प्रतापगढ़ में एक मौत ने बढ़ाई चिंता
Udaipur Covid protocol update प्रतापगढ़ जिले में 6 जून को एक बुजुर्ग महिला की कोरोना से मृत्यु हो गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। यह इस साल उदयपुर संभाग में कोरोना से होने वाली पहली मृत्यु है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को और सजग कर दिया है। डॉ. सुमन ने बताया कि मृतक महिला पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी, और उनकी उम्र भी काफी अधिक थी, जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड-19 को हल्के में न लें। भले ही इस बार का वैरिएंट कम खतरनाक हो, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासकर बुजुर्गों और उन लोगों को, जो पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। डॉ. मीणा ने सुझाव दिया कि अगर किसी को हल्का बुखार, खांसी, या सर्दी जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें। इसके साथ ही, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी जरूरी है।
