
Udaipur doctor dies due to electric shock : उदयपुर के प्रतिष्ठित रवीन्द्रनाथ टैगोर (RNT) मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 18 जून, 2025 की देर रात एक दुखद हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया। वाटर कूलर से पानी भरते समय करंट लगने से एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की असमय मृत्यु हो गई। मृतक डॉक्टर रवि शर्मा (35), जो खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थे, जल्द ही महाराणा भूपाल (MB) हॉस्पिटल में सीनियर रेजिडेंट के रूप में जॉइन करने वाले थे। इस घटना ने कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स में आक्रोश की लहर दौड़ा दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया। रेजिडेंट्स ने प्रिंसिपल ऑफिस को ताला जड़ दिया और हॉस्टल की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की। इस लेख में हम इस हादसे, इसके कारणों, रेजिडेंट्स के विरोध, और प्रशासन की प्रतिक्रिया को विस्तार से समझेंगे।
18 जून, 2025 की रात उदयपुर के RNT मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को वाटर कूलर से करंट लगने के कारण गंभीर रूप से घायल होने की खबर फैली। मृतक डॉक्टर रवि शर्मा, जो अपने चचेरे भाई डॉ. प्रशांत (जो स्वयं रेजिडेंट डॉक्टर हैं) के साथ हॉस्टल में ठहरे हुए थे, रात करीब 2 बजे कॉरिडोर में रखे वाटर कूलर से पानी भर रहे थे। अचानक करंट की चपेट में आने से वे जोर से चिल्लाए और बेहोश होकर गिर पड़े। पास के कमरों में रहने वाले अन्य रेजिडेंट्स ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) देने की कोशिश की, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर थी। उन्हें आनन-फानन में महाराणा भूपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे ने RNT मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट्स और मेडिकल स्टूडेंट्स में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया। गुरुवार सुबह, 19 जून, 2025 को लगभग 600 रेजिडेंट्स और अंडरग्रेजुएट (UG) स्टूडेंट्स ने कॉलेज के प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को इस हादसे का मुख्य कारण ठहराया और प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर के खिलाफ नारेबाजी की। रेजिडेंट्स ने प्रिंसिपल ऑफिस के गेट को ताला जड़ दिया और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
कैसे हुई डॉ. रवि शर्मा की मौत?
Water cooler electrocution incident Udaipur रेजिडेंट्स के अनुसार, यह हृदय विदारक घटना बुधवार देर रात करीब 2 बजे हुई। डॉ. रवि शर्मा अपने चचेरे भाई डॉ. प्रशांत के साथ पीजी हॉस्टल में कुछ दिनों से ठहरे हुए थे। डॉ. प्रशांत उस रात नाइट ड्यूटी पर थे, इसलिए हॉस्टल में अकेले थे। रात में प्यास लगने पर डॉ. रवि हॉस्टल के कॉरिडोर में लगे वाटर कूलर से पानी लेने गए। जैसे ही उन्होंने कूलर को छुआ, वे करंट की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि वे तुरंत बेहोश हो गए और जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के रेजिडेंट्स दौड़कर आए।
रेजिडेंट्स ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें CPR दिया, लेकिन उनकी स्थिति नहीं सुधरी। इसके बाद उन्हें तत्काल MB हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वाटर कूलर में बिजली का रिसाव (Electric Leakage) था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। रेजिडेंट्स का आरोप है कि इस वाटर कूलर की खराबी के बारे में पहले भी कई बार हॉस्टल प्रशासन को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रेजिडेंट्स का आक्रोश: हड़ताल और प्रदर्शन
Resident doctor death RNT College hostel डॉ. रवि शर्मा की असमय मृत्यु ने RNT मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट्स और मेडिकल स्टूडेंट्स में गुस्से की लहर दौड़ा दी। गुरुवार सुबह से ही करीब 600 रेजिडेंट्स और UG स्टूडेंट्स ने कॉलेज के सभी संबद्ध हॉस्पिटल्स—महाराणा भूपाल हॉस्पिटल, पन्ना धाय मातृ शिशु चिकित्सालय, और अन्य—में काम बंद कर दिया। इस हड़ताल का असर इमरजेंसी, ICU, ट्रॉमा सेंटर, और OPD सेवाओं पर भी पड़ा, जिससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
रेजिडेंट्स ने कॉलेज के प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर धरना शुरू किया और नारेबाजी की। उनके नारे जैसे “प्रशासन की लापरवाही, डॉक्टर की मौत का कारण” और “न्याय दो, इस्तीफा लो” कॉलेज परिसर में गूंज रहे थे। रेजिडेंट यूनियन के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. आशीष महंत ने बताया, “यह हादसा कॉलेज और हॉस्टल प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। वाटर कूलर की खराबी की शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हम मांग करते हैं कि प्रिंसिपल और हॉस्टल वार्डन नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।”
रेजिडेंट्स ने यह भी मांग की कि पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम में परिवार के सदस्यों और रेजिडेंट यूनियन के एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाए, और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए। रेजिडेंट यूनियन के अध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र सेवड़ा ने बताया, “यह हादसा रात में हुआ, जब डॉ. रवि अकेले थे। अगर हॉस्टल में बुनियादी सुविधाएं सुरक्षित होतीं, तो यह दुखद घटना टल सकती थी।”
कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
Doctor Ravi Sharma death Udaipur रेजिडेंट्स के बढ़ते विरोध को देखते हुए कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर और महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.एल. सुमन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। डॉ. माथुर ने रेजिडेंट्स को समझाने की कोशिश की और कहा, “हादसे का सटीक कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है। आप सभी मेडिकल प्रोफेशनल्स हैं और प्रक्रिया को अच्छी तरह समझते हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि जल्द से जल्द अपने कर्तव्यों पर लौटें।”
हालांकि, उनकी यह समझाइश रेजिडेंट्स को स्वीकार्य नहीं थी। गुस्साए रेजिडेंट्स ने प्रिंसिपल ऑफिस के गेट को ताला जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। डॉ. सुमन ने भी रेजिडेंट्स से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हादसे की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
हॉस्टल की लापरवाही: पहले भी थी शिकायतें
Udaipur medical college protest रेजिडेंट्स का आरोप है कि जिस वाटर कूलर से हादसा हुआ, उसकी खराबी के बारे में हॉस्टल प्रशासन को पहले से अवगत कराया गया था। कई रेजिडेंट्स ने बताया कि कूलर में बिजली का रिसाव था, और इसे ठीक करने की मांग बार-बार की गई थी। इसके बावजूद, हॉस्टल वार्डन और रखरखाव विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया।
रेजिडेंट्स ने यह भी बताया कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव की अनदेखी आम समस्या है। पुरानी वायरिंग, खराब इलेक्ट्रिक उपकरण, और सुरक्षा मानकों का पालन न होना इस हादसे की जड़ में हैं। रेजिडेंट यूनियन ने मांग की है कि सभी हॉस्टल्स में तत्काल इलेक्ट्रिकल ऑडिट (Electrical Audit) कराया जाए और सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए।
मृतक डॉक्टर का परिचय
RNT Medical College resident doctors strike डॉ. रवि शर्मा (35) खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे। वे RNT मेडिकल कॉलेज से अपनी पोस्टग्रेजुएशन पूरी कर चुके थे और जल्द ही MB हॉस्पिटल में सीनियर रेजिडेंट के रूप में जॉइन करने वाले थे। उनके चचेरे भाई डॉ. प्रशांत भी RNT मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर हैं। डॉ. रवि के परिवार में उनके माता-पिता और पत्नी हैं, जो इस हादसे से गहरे सदमे में हैं।
डॉ. रवि को उनके सहयोगी एक समर्पित और मिलनसार डॉक्टर के रूप में याद कर रहे हैं। रेजिडेंट यूनियन के एक सदस्य ने बताया, “डॉ. रवि हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी मौत ने हम सभी को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है।”

हड़ताल का असर: मरीजों पर प्रभाव
RNT Medical College doctor electrocuted रेजिडेंट्स की हड़ताल के कारण RNT मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी हॉस्पिटल्स में चिकित्सा सेवाएं ठप हो गईं। इमरजेंसी, ICU, और ट्रॉमा सेंटर में सीनियर डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ ने सेवाएं संभाली, लेकिन OPD और नियमित सर्जरी पूरी तरह बंद रहीं। कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई।
एक मरीज के परिजन रामलाल ने बताया, “हम सुबह से अपनी मां की सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन रेजिडेंट्स की हड़ताल के कारण कोई सुनवाई नहीं हो रही। हम समझते हैं कि डॉक्टर्स का गुस्सा जायज है, लेकिन मरीजों का क्या दोष?” प्रशासन ने सीनियर फैकल्टी और अतिरिक्त स्टाफ को तैनात करने की कोशिश की, लेकिन रेजिडेंट्स की भारी संख्या के कारण सेवाएं सामान्य नहीं हो सकीं।
प्रशासनिक और कानूनी पहलू
Udaipur News Today : पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और हादसे को “अकस्मात मृत्यु” (Accidental Death) के रूप में दर्ज किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो करंट लगने की पुष्टि और मृत्यु के सटीक कारण को स्पष्ट करेगी। रेजिडेंट्स की मांग है कि पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और परिवार की मौजूदगी में इसकी वीडियोग्राफी की जाए।
उदयपुर पुलिस ने हॉस्टल में मौके का मुआयना किया और वाटर कूलर को जब्त कर लिया। पुलिस अधीक्षक (SP) योगेश गोयल ने बताया, “हम इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”
रेजिडेंट्स की मांगें
रेजिडेंट यूनियन ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- प्रिंसिपल और हॉस्टल वार्डन का इस्तीफा: हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर और हॉस्टल वार्डन को इस्तीफा देना चाहिए।
- पारदर्शी पोस्टमॉर्टम: पोस्टमॉर्टम में परिवार और रेजिडेंट यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हों, और इसकी वीडियोग्राफी हो।
- हॉस्टल का इलेक्ट्रिकल ऑडिट: सभी हॉस्टल्स में तत्काल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी चेक कराया जाए।
- मुआवजा: डॉ. रवि के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दी जाए।
- सुरक्षा सुधार: हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को लागू किया जाए।
समाज और मेडिकल समुदाय की प्रतिक्रिया
इस हादसे ने उदयपुर के मेडिकल समुदाय और स्थानीय समाज को गहरे आघात पहुंचाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन की लापरवाही की निंदा की। एक यूजर ने लिखा, “RNT मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर की जान लापरवाही ने ले ली। क्या हॉस्टल में इतनी भी सुरक्षा नहीं कि वाटर कूलर सही हो?”
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की उदयपुर शाखा ने भी इस घटना पर चिंता जताई और हॉस्टल्स में सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की। IMA के स्थानीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने कहा, “यह बेहद दुखद है कि एक डॉक्टर, जो दूसरों की जान बचाता है, खुद लापरवाही का शिकार हो गया। हम सरकार से मांग करते हैं कि इसकी उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को सजा मिले।”



