
Udaipur Files movie : उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक हटाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई 2025 की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि फिल्म की रिलीज से चल रहे ट्रायल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो एक बड़ा नुकसान होगा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और निर्देश
Supreme Court stays Udaipur Files film : जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने फिल्म निर्माता कंपनी जानी फायर फॉक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की अपील और हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा:
प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि यदि ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म रिलीज होती है, तो कन्हैयालाल हत्याकांड से संबंधित चल रहा ट्रायल प्रभावित हो सकता है। यह स्थिति न केवल मामले की निष्पक्षता को खतरे में डाल सकती है, बल्कि एक बड़ा नुकसान भी हो सकता है। यदि फिल्म की रिलीज में देरी के कारण आर्थिक नुकसान होता है, तो इसके लिए मुआवजे का प्रावधान किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी को भी निर्देश दिया कि वह इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय ले। साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

फिल्म निर्माता और कन्हैयालाल के परिवार को मिली धमकियां
Kanhaiya Lal murder case movie ban : फिल्म निर्माता कंपनी के वकील गौरव भाटिया ने कोर्ट के समक्ष गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि फिल्म के डायरेक्टर और कन्हैयालाल के बेटे को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पुलिस कमिश्नर और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) को निर्देश दिया कि वे इन धमकियों का तत्काल आकलन करें और आवश्यक कदम उठाएं। कोर्ट ने इस मामले में सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि पीड़ित परिवार और फिल्म से जुड़े लोगों को कोई नुकसान न हो।
आरोपी की याचिका: ट्रायल पर प्रभाव का डर
Udaipur Files controversy : हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद ने अपनी याचिका में दावा किया कि यदि ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म रिलीज होती है, तो इससे चल रहे ट्रायल की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। जावेद के वकील ने तर्क दिया कि फिल्म के सार्वजनिक होने से जनता की राय प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर कोर्ट की कार्यवाही और उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर पड़ सकता है। इस आधार पर, उन्होंने मांग की कि मुकदमे के अंतिम निपटारे तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती
Udaipur Files film Supreme Court decision : इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित तीन अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 10 जुलाई 2025 को फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ फिल्म निर्माता कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। निर्माताओं का तर्क था कि फिल्म समाज को इस जघन्य अपराध के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से बनाई गई है, हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रिलीज पर रोक बरकरार रखी है।
कन्हैयालाल हत्याकांड: एक दर्दनाक घटना
28 जून 2022 को उदयपुर में कन्हैयालाल तेली, जो एक दर्जी थे, की उनकी दुकान में घुसकर मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने गला काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में गहन जांच की और पाकिस्तान के कराची निवासी सलमान और अबू इब्राहिम को फरार घोषित किया। इसके अलावा, गौस मोहम्मद, मोहम्मद रियाज अत्तारी, मोहम्मद जावेद, मोहसिन, आसिफ, मोहम्मद मोहसिन, वसीम अली, फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बबला, और मुस्लिम मोहम्मद सहित कुल 11 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। एनआईए की विशेष अदालत ने 9 फरवरी 2023 को हत्या, आतंकी गतिविधियों, आपराधिक षड्यंत्र, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), और आर्म्स एक्ट के तहत मामले में संज्ञान लिया था।
कन्हैयालाल के परिवार की मांग
कन्हैयालाल का परिवार इस फिल्म के समर्थन में है और चाहता है कि ‘उदयपुर फाइल्स’ रिलीज हो। उनका मानना है कि यह फिल्म इस क्रूर हत्याकांड की सच्चाई को दुनिया के सामने लाएगी और समाज में जागरूकता पैदा करेगी। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर जोर दिया कि फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी जाए, ताकि इस घटना की गंभीरता को लोग समझ सकें।
अब तक दो आरोपियों को जमानत
इस मामले में अब तक दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। मोहम्मद जावेद को राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 सितंबर 2024 को जमानत दी थी। जावेद पर मोहम्मद रियाज अत्तारी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इससे पहले, फरहाद मोहम्मद उर्फ बबला को एनआईए कोर्ट ने 1 सितंबर 2023 को जमानत दी थी। फरहाद पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।



