
Udaipur heavy rainfall : राजस्थान के उदयपुर जिले में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, कई गांवों का संपर्क टूट गया है, और सड़कें-पुलिया बह गई हैं। घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, मवेशी बह गए हैं, और कई जगह मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने उदयपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। इस लेख में हम उदयपुर में बारिश से उत्पन्न स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों, और राहत कार्यों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत कर रहे हैं।
बारिश ने मचाई तबाही, जनजीवन प्रभावित
Udaipur flood updates : उदयपुर में रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा, जिसके कारण शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही मची। सड़कों पर जलभराव, नदियों का उफान, और बाधित यातायात ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित किया। खेरवाड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल, और ओगणा जैसे क्षेत्रों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ओगणा में 4 इंच, झाड़ोल में 3 इंच, और कोटड़ा, गोगुंदा, सेई डेम में 2-2 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि उदयपुर शहर और स्वरूपसागर झील के आसपास 1 इंच बारिश हुई।
मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक जिले में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन और स्थानीय लोग पूरी तरह सतर्क हैं। जिला कलेक्टर ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन ने विशेष टीमें तैनात की हैं।

खेरवाड़ा में जलप्रलय जैसे हालात
Rajasthan orange alert rainfall : उदयपुर के खेरवाड़ा तहसील के हिंका ग्राम पंचायत अंतर्गत अकोट गांव में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। गांव के तीन घर और कई दुकानें जलमग्न हो गईं। पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। इस दौरान दो भैंसें तेज बहाव में बह गईं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ। खेरवाड़ा के मेवाड़ भील कोर परेड ग्राउंड के सामने वाली पुलिया पर पानी का तेज बहाव इतना था कि पुलिया पूरी तरह बह गई, जिसके कारण जवास-झुंथरी गांव को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
खेरवाड़ा-झाड़ोल मार्ग (NH 927A) पर सोम नदी का उफान सड़क पर बह रहा है, जिसके कारण इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। कल्याणपुर कस्बे से 4 किलोमीटर दूर ढेलाणा गांव की पुलिया भी पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय निवासी हितेश जोशी के अनुसार, रविवार रात से शुरू हुई बारिश ने क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
गोगुंदा में मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा
Udaipur schools closed due to rain गोगुंदा उपखंड के वीरपुरा क्षेत्र में आदूजी का वास गांव में एक दुखद घटना सामने आई। भारी बारिश के कारण एक केलूपोश मकान अचानक ढह गया। इस मकान में रतन सिंह, उनकी पत्नी, और तीन बच्चे मौजूद थे। मकान के गिरने से पहले तेज आवाज हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर परिवार को बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान में रखा अनाज, कपड़े, और अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।
ग्रामीणों की सूचना पर सरपंच कालू लाल गमेती और उप-सरपंच निर्भय सिंह मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया। सरपंच ने पटवारी और सचिव को घटना की जानकारी देकर प्रभावित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। गोगुंदा क्षेत्र में बारिश का दौर अभी भी जारी है, और गोगुंदा हाईवे पर बहता झरना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन यह स्थिति सड़कों पर खतरे को भी बढ़ा रही है।
झीलों और बांधों में बढ़ा जलस्तर, गेट खोले गए
Udaipur houses collapsed in rain उदयपुर की प्रमुख झीलों और बांधों में पानी की भारी आवक के कारण प्रशासन को कई गेट खोलने पड़े। स्वरूपसागर झील के चारों गेट रविवार को खोले गए ताकि अतिरिक्त पानी को आयड़ नदी के रास्ते उदयसागर झील में भेजा जा सके। उदयसागर झील के डूब क्षेत्र में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए रात में इसके दो गेट 3-3 फीट तक खोल दिए गए। इसी तरह, आकोदड़ा बांध के गेट 25 सेंटीमीटर खोले गए, जिससे पानी कोड़ियात और सीसारमा के रास्ते उदयपुर की ओर बह रहा है।
झाड़ोल क्षेत्र के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से वहां की वाकल, मानसी, और उंडासिया नदियां उफान पर हैं। ओगणा में वाकल नदी और मोहम्मद फलासिया नाला भी उफान पर हैं। ओगणा के सोमकागदर बांध पर 3.5 इंच बारिश दर्ज की गई, और बांध पर 2 मीटर की चादर चल रही है। ओगणा बांध का जलस्तर 42 फीट की क्षमता के मुकाबले 35 फीट तक पहुंच गया है, जबकि मोहम्मद फलासिया बांध और नागमाला तालाब पूरी तरह छलक गए हैं।

सड़कें और मार्ग बाधित, यातायात ठप
Rajasthan ka Mosam : भारी बारिश के कारण उदयपुर के कई प्रमुख मार्ग और सड़कें बाधित हो गई हैं। खेरवाड़ा से फलासिया जाने वाला मार्ग पूरी तरह टूट गया, और सड़क पर पानी बहने के कारण वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। झाड़ोल-ओगणा मार्ग पर बदराना नदी के उफान के कारण पुलिया पर पानी बह रहा है, जिससे यह मार्ग भी बंद है। खेरवाड़ा से बाबलवाड़ा होकर झाड़ोल जाने वाला मार्ग और खेरवाड़ा कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया है।
फलासिया में एक पेड़ गिरने से हाईवे से कस्बे को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया। फलासिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टर के क्वार्टर की बालकनी की दीवार ढह गई, हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। मोखी के पास एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसने स्थानीय यातायात को और प्रभावित किया।
टीडी नदी और जावर माता मंदिर के पास जलप्रवाह
Weather Update : उदयपुर जिले के टीडी कस्बे के पास टीडी नदी उफान पर है, और जावर माता मंदिर के आसपास तेज बहाव वाला पानी देखने के लिए स्थानीय लोग जुट रहे हैं। यह नजारा जहां एक ओर आकर्षक है, वहीं दूसरी ओर खतरे का संकेत भी दे रहा है। स्थानीय निवासी बंशीलाल मीणा ने बताया कि नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट और स्कूलों में छुट्टी
Aaj ka Mosam : मौसम विभाग ने उदयपुर सहित राजस्थान के 23 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उदयपुर में ऑरेंज अलर्ट के चलते जिला कलेक्टर ने 25 और 26 अगस्त को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा की है। यह निर्णय बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 24 से 31 अगस्त के बीच उदयपुर में और अधिक बारिश की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन और स्थानीय लोग तैयारियों में जुटे हैं।
राहत और बचाव कार्य
Rajasthan me Barish : प्रशासन ने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। खेरवाड़ा, गोगुंदा, और झाड़ोल जैसे क्षेत्रों में बचाव दलों को तैनात किया गया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलियों की मरम्मत के लिए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने कार्य शुरू कर दिया है।
