
Udaipur Panchayat news : उदयपुर शहर से सटी पैराफेरी पंचायतों में रहने वाले ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। वर्षों से लंबित पट्टों की मांग को लेकर करीब 70 ग्राम पंचायतों से आए हजारों लोगों ने कलेक्टरी परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि आक्रोशित ग्रामीण बेरिकेट्स पर चढ़ गए और कुछ लोग कलेक्टरी के भीतर घुसने का प्रयास करने लगे। इस दौरान कलेक्टरी के मुख्य द्वार पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को फाटक बंद कर स्थिति संभालनी पड़ी।
UDA और नगर निगम में शामिल पंचायतों में गहरी नाराजगी
UDA Panchayat dispute : ग्रामीणों का कहना है कि जिन पंचायतों को उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) और नगर निगम में शामिल किया गया, वहां के लोगों को आज तक उनके कानूनी पट्टे नहीं दिए गए। पहले पंचायत स्तर पर आसानी से काम हो जाता था, लेकिन अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और इसके बावजूद उनका हक उन्हें नहीं मिल पा रहा। इसी नाराजगी के चलते अलग-अलग गांवों से आए ग्रामीणों ने कलेक्टरी के बाहर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।
कलेक्टरी के सामने जनसभा
कलेक्टरी के मुख्य गेट के सामने सड़क पर आयोजित सभा को पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और संघर्ष समिति के सदस्यों ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बरसों से रह रहे गरीब परिवारों को अतिक्रमणकारी बताकर हटाया जा रहा है, जबकि उन्हें वैध पट्टे मिलने चाहिए थे। ग्रामीणों ने सविना क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हाल ही में बिना सुनवाई मकानों को तोड़ा गया, जिससे लोगों के सिर से छत छिन गई।

“अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए” – संघर्ष समिति
संघर्ष समिति के चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से केवल आश्वासन देता आ रहा है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“अब बहुत हो गया। गरीबों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा।”
ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधि, हालात हुए तनावपूर्ण
Udaipur land patta demand : जब 10 लोगों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों को ज्ञापन देने कलेक्टरी के भीतर जा रहा था, तभी भीड़ में मौजूद कुछ लोग भी फाटक की ओर बढ़ गए और अंदर जाने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस ने कलेक्टरी की छोटी फाटक को बंद करने की कोशिश की, जबकि बाहर से लोग अंदर घुसने के लिए धक्का देने लगे। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
एडिशनल एसपी ने संभाला मोर्चा, 10 दिन की चेतावनी
Udaipur Panchayat protest : मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी उमेश ओझा ने हालात को संभाला। उन्होंने लोगों को समझाइश दी और बेरिकेट्स पर चढ़े ग्रामीणों को नीचे उतरवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति और अधिक सख्त होगी।
प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी
Udaipur women protest land rights : इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं ने कहा कि उनके परिवार वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें अपने घर को लेकर डर बना रहता है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
- यूडीए या नगर निगम में शामिल पंचायतों को पट्टों सहित सभी अधिकार दिए जाएं
- 31 दिसंबर 2024 तक आबादी वाली जमीन संबंधित पंचायतों को आबादी उपयोग के लिए सौंपी जाए
- बिना नोटिस तोड़े गए मकानों का तुरंत मुआवजा दिया जाए
- भविष्य में सुनवाई के बिना किसी का मकान न तोड़ा जाए
- पहाड़ी भूभाग वाले नए पैराफेरी गांवों को यूडीए सीमा से बाहर किया जाए
- बिलानाम और चरागाह भूमि पंचायतों को वापस सौंपी जाए
