
UPI cash withdrawal : भारत में डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया में क्रांति लाने वाला यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब एक और बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। अब आपको नकद निकासी के लिए बैंक या ATM की लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपने स्मार्टफोन से एक QR कोड स्कैन करें, और कुछ ही सेकंड में नकद आपके हाथ में होगा। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस सुविधा को और व्यापक बनाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से मंजूरी मांगी है। इस प्रस्ताव के तहत, देश भर के 20 लाख से अधिक बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) आउटलेट्स पर UPI के जरिए कैश निकासी की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम न केवल डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में नकद की उपलब्धता को भी आसान बनाएगा।
UPI: डिजिटल पेमेंट्स का नया युग
UPI QR code cash withdrawal : पिछले कुछ वर्षों में UPI ने भारत में डिजिटल लेनदेन के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। किराने की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बिल भुगतान तक, UPI ने हर क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में UPI ने 20 बिलियन ट्रांजैक्शंस को पार किया, जिनका कुल मूल्य 25 ट्रिलियन रुपये (लगभग 293 बिलियन USD) था। यह भारत को वैश्विक स्तर पर त्वरित डिजिटल पेमेंट्स में अग्रणी बनाता है। अब NPCI इस तकनीक को नकद निकासी के क्षेत्र में भी विस्तार देने की योजना बना रहा है, जिससे ATM पर निर्भरता कम होगी और डिजिटल इकोनॉमी को और मजबूती मिलेगी।
क्या है नई UPI कैश निकासी योजना?
Withdraw cash without ATM card : वर्तमान में, UPI-आधारित कैश निकासी की सुविधा केवल कुछ चुनिंदा ATM और मर्चेंट्स तक सीमित है। शहरों और कस्बों में प्रति ट्रांजैक्शन 1,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,000 रुपये की सीमा लागू है। हालांकि, NPCI ने अब इस सुविधा को देश के 20 लाख से अधिक बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BCs) तक विस्तार देने का प्रस्ताव रखा है। इन BCs में किराना स्टोर, छोटे व्यापारी, गैर-लाभकारी संगठन, और व्यक्तिगत एजेंट शामिल हैं, जो उन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं जहां बैंक शाखाएं या ATM आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
नई योजना के तहत, इन BCs को UPI-आधारित QR कोड प्रदान किए जाएंगे। ग्राहक अपने स्मार्टफोन पर मौजूद किसी भी UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, या BHIM) का उपयोग करके इस QR कोड को स्कैन कर सकेंगे और प्रति ट्रांजैक्शन 10,000 रुपये तक नकद निकाल सकेंगे। इस प्रक्रिया में ग्राहकों को अपने UPI PIN के माध्यम से ट्रांजैक्शन को अधिकृत करना होगा, जो इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाता है। यह सुविधा न केवल समय बचाएगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नकद की उपलब्धता को भी बढ़ाएगी।
बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स की भूमिका
UPI cash withdrawal limit 2025 : बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BCs) बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये स्थानीय एजेंट्स, जैसे कि किराना दुकानदार, छोटे व्यापारी, या सर्विस सेंटर्स, उन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करते हैं जहां पारंपरिक बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। वर्तमान में, BCs डेबिट कार्ड या आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए नकद निकासी की सुविधा प्रदान करते हैं। लेकिन UPI-आधारित कैश निकासी के लागू होने से यह प्रक्रिया और भी सरल और तेज हो जाएगी। ग्राहकों को केवल अपने स्मार्टफोन और UPI ऐप की जरूरत होगी, जिससे ATM या बैंक शाखा तक जाने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी।
सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान
UPI new rules : UPI-आधारित कैश निकासी की सुविधा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए NPCI और RBI ने कई उपाय किए हैं। प्रत्येक ट्रांजैक्शन के लिए डायनामिक QR कोड का उपयोग किया जाएगा, जो एक बार इस्तेमाल होने के बाद समाप्त हो जाता है। यह धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम करता है। इसके अलावा, UPI PIN के बिना कोई भी ट्रांजैक्शन पूरा नहीं होगा, जिससे अनधिकृत निकासी की आशंका खत्म हो जाती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के विस्तार से साइबर चोरी का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाने के लिए किसी और को QR कोड स्कैन करने के लिए भेजता है। इसके जवाब में NPCI ने कहा है कि वे साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
UPI नियमों में बदलाव: उच्च मूल्य के लेनदेन को बढ़ावा
NPCI ने हाल ही में UPI के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो बड़े मूल्य के डिजिटल पेमेंट्स को और आसान बनाने के लिए हैं। 15 सितंबर 2025 से, कुछ खास श्रेणियों जैसे कि इंश्योरेंस प्रीमियम, कैपिटल मार्केट्स, क्रेडिट कार्ड बिल, और ट्रैवल से संबंधित लेनदेन के लिए प्रति ट्रांजैक्शन सीमा 5 लाख रुपये और दैनिक सीमा 10 लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है। यह बदलाव उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो बड़े डिजिटल पेमेंट्स करना चाहते हैं, जैसे कि स्कूल फीस, अस्पताल बिल, या निवेश। हालांकि, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शंस के लिए प्रति ट्रांजैक्शन 1 लाख रुपये की सीमा यथावत रहेगी।
कैसे काम करेगी यह सुविधा?
UPI-आधारित कैश निकासी की प्रक्रिया बेहद सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल होगी:
- QR कोड स्कैन करें: ग्राहक किसी भी BC आउटलेट पर उपलब्ध QR कोड को अपने UPI ऐप से स्कैन करेगा।
- राशि दर्ज करें: निकालने की राशि (अधिकतम 10,000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन) दर्ज करें।
- UPI PIN डालें: ट्रांजैक्शन को अधिकृत करने के लिए अपना UPI PIN दर्ज करें।
- नकद प्राप्त करें: BC एजेंट तुरंत आपको नकद राशि प्रदान करेगा।
यह प्रक्रिया न केवल तेज है, बल्कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से लागू किया जा सकता है, जहां स्मार्टफोन और UPI ऐप्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

UPI की बढ़ती लोकप्रियता
UPI ने भारत को डिजिटल पेमेंट्स में वैश्विक अग्रणी बनाया है। अगस्त 2025 में, UPI ने प्रति सेकंड औसतन 7,500 ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस किया, जो वैश्विक स्तर पर त्वरित डिजिटल पेमेंट्स का लगभग आधा हिस्सा है। सरकार ने UPI के लिए 1 बिलियन दैनिक ट्रांजैक्शंस का लक्ष्य रखा है, जिसे NPCI अगले वर्ष तक हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। इस नई कैश निकासी सुविधा के लागू होने से UPI का उपयोग और बढ़ेगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां नकद अभी भी लेनदेन का प्रमुख माध्यम है।
