
UPSC CIVIL SERVICES RESULT 2025 : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC – Union Public Service Commission) ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली Civil Services Examination 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार परिणाम में राजस्थान के लिए खास गर्व का क्षण रहा, क्योंकि चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी अनुज अग्निहोत्री ने All India Rank (AIR-1) हासिल कर पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। UPSC की इस अंतिम मेरिट सूची में कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की है। ये सभी उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) सहित विभिन्न Central Civil Services के लिए चयनित हुए हैं। आयोग ने परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर प्रकाशित कर दिया है, जहां अभ्यर्थी अपना Final Merit List और चयन से संबंधित जानकारी देख सकते हैं।
UPSC Civil Services Result 2025 : राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री बने देश के टॉपर
UPSC TOPPER 2025 ANUJ AGNIHOTRI : में AIR-1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे के निवासी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।
अनुज की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पहले भी दो बार UPSC परीक्षा पास की थी। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने पहले प्रयास में UPSC क्लियर किया था, जिसके बाद उनकी नियुक्ति दिल्ली में SDM (Sub-Divisional Magistrate) के पद पर हुई थी। लगातार मेहनत और बेहतर रैंक हासिल करने की इच्छा ने उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और इस बार उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया।
साधारण परिवार से निकले असाधारण टॉपर
अनुज अग्निहोत्री का परिवार एक साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता के.बी. अग्निहोत्री राजस्थान के रावतभाटा परमाणु बिजलीघर (Rajasthan Atomic Power Station) की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं।
अनुज की शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा स्थित Atomic Energy Central School से हुई। स्कूल के दिनों से ही वे पढ़ाई में काफी मेधावी रहे। उन्होंने 12वीं कक्षा में लगभग 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पढ़ाई के साथ-साथ अनुज को Table Tennis खेलने का भी शौक है। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ किसी न किसी खेल या गतिविधि से जुड़े रहने से मानसिक संतुलन और एकाग्रता बेहतर होती है।
कुल 958 उम्मीदवार हुए सफल
UPSC FINAL RESULT 2025 TOPPER LIST : UPSC द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों का चयन विभिन्न सेवाओं के लिए किया गया है। इनमें से 180 उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुए हैं।
इसके अलावा बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन Indian Police Service (IPS), Indian Foreign Service (IFS) तथा अन्य Central Group-A और Group-B Services में हुआ है।
UPSC द्वारा जारी सूची में सामान्य (General), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणियों के अनुसार चयनित उम्मीदवारों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।

टॉप-10 में तीन बेटियों ने बनाई जगह
UPSC CSE 2025 FINAL MERIT LIST : इस वर्ष के परिणाम में एक और उल्लेखनीय बात यह रही कि टॉप-10 में तीन महिला उम्मीदवारों ने अपनी जगह बनाई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश की बेटियां अब हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और प्रशासनिक सेवाओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
UPSC परीक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता को सामाजिक परिवर्तन और शिक्षा के विस्तार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कब हुई थी परीक्षा और इंटरव्यू
UPSC Civil Services Examination 2025 : का पूरा चयन प्रक्रिया लगभग एक वर्ष तक चली।
- Preliminary Exam (प्रारंभिक परीक्षा) : 25 मई 2025
- Mains Examination (मुख्य परीक्षा) : 22 अगस्त से 31 अगस्त 2025
- Personality Test / Interview : 27 फरवरी 2026 तक
मुख्य परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को Personality Test या Interview Round के लिए बुलाया गया था। इसी चरण के बाद अंतिम Final Merit List तैयार की गई।
इस साल बदले गए IAS-IPS कैडर अलॉटमेंट नियम
इस वर्ष UPSC चयन प्रक्रिया के साथ-साथ एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी किया गया है। केंद्र सरकार ने IAS-IPS Cadre Allocation Rules में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।
अब तक 2017 से लागू Zonal System के आधार पर कैडर आवंटित किए जाते थे। लेकिन Cadre Allocation Policy 2026 के तहत इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है और इसकी जगह नया Cycle System लागू किया गया है।
यह नई नीति IAS (Indian Administrative Service), IPS (Indian Police Service) और IFoS (Indian Forest Service) के चयनित उम्मीदवारों पर लागू होगी।
पुराने जोन सिस्टम में कैसे होता था कैडर चयन
पहले की व्यवस्था में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर कुल 25 कैडर बनाए गए थे। इन्हें भौगोलिक आधार पर 5 जोन में विभाजित किया गया था—
- North Zone
- West Zone
- South Zone
- Central Zone
- East Zone
मुख्य परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार DAF-II (Detailed Application Form) भरते थे, जिसमें उन्हें पहले जोन और फिर उस जोन के राज्यों की प्राथमिकता (Preference) देनी होती थी।
एक बार किसी राज्य में नियुक्ति मिलने के बाद अधिकारी को आमतौर पर उसी राज्य में स्थायी रूप से कार्य करना होता है, जिसे Cadre कहा जाता है।
नई Cadre Allocation Policy 2026 क्या है
नई नीति में अब 25 कैडरों को Alphabetical Order (A, B, C … Z) के आधार पर व्यवस्थित किया गया है और उन्हें चार समूह (Groups) में बांटा गया है।
Group-I
AGMUT (दिल्ली एवं केंद्र शासित प्रदेश), आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़
Group-II
गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश
Group-III
महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु
Group-IV
तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल

नई व्यवस्था में क्या होगा बदलाव
पुराने सिस्टम में अगर किसी उम्मीदवार ने North Zone में हरियाणा को प्राथमिकता दी और उसे वह राज्य नहीं मिला, तो अक्सर उसी जोन के अन्य राज्यों जैसे राजस्थान या उत्तर प्रदेश मिलने की संभावना रहती थी।
लेकिन नए Alphabetical Cycle System में ऐसा जरूरी नहीं है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उम्मीदवार की प्राथमिकता हरियाणा (H) है, तो उसी समूह में आने वाले झारखंड (J), कर्नाटक (K) या केरल (K) जैसे राज्यों में भी कैडर मिलने की संभावना हो सकती है।
सरकार का मानना है कि इस नई नीति से All India Service Officers को देश के विभिन्न हिस्सों में कार्य करने का बेहतर अवसर मिलेगा और प्रशासनिक अनुभव भी व्यापक होगा।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी UPSC सफलता
हर वर्ष की तरह इस बार भी UPSC Civil Services Result देशभर के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा लेकर आया है। अनुज अग्निहोत्री जैसे उम्मीदवारों की सफलता यह साबित करती है कि लगातार मेहनत, सही रणनीति और धैर्य से देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा भी जीती जा सकती है।
UPSC परीक्षा न केवल प्रशासनिक सेवा में जाने का रास्ता खोलती है, बल्कि यह देश के युवाओं को Leadership, Governance और Nation Building में योगदान देने का अवसर भी देती है।



