
usd inr today rate : भारतीय करेंसी मार्केट में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले भारतीय रुपया (INR) लगातार दबाव में है और हाल ही में यह रिकॉर्ड निचले स्तर 91 रुपये प्रति डॉलर के पार चला गया है। इसी वजह से “USD INR” आज गूगल पर सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले कीवर्ड्स में शामिल है। रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट ने न सिर्फ निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि आम लोगों, कारोबारियों और विदेश यात्रा या पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। सवाल यह है कि रुपया आखिर क्यों टूट रहा है, इसके पीछे कौन-कौन से बड़े कारण हैं और आगे डॉलर-रुपये का रुख क्या रहने वाला है?
📊 क्यों गिर रहा है रुपया? (मुख्य कारण)
🔹 1. विदेशी निवेश का बहिर्गमन
INR vs USD record low : बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इससे विदेशी मुद्रा (डॉलर) की मांग बढ़ी है और रुपये की कीमत पर दबाव पड़ा है।
🔹 2. भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की अनिश्चितता
rupee dollar exchange rate today : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (trade deal) को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसकी वजह से वित्तीय बाजार में अस्थिरता पैदा हो रही है और रुपया दबाव में है।
🔹 3. डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ
वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, बढ़ते आयात बही खाते और विदेशी पूंजी प्रवाह की कमी से भी रुपये की गिरावट में मदद मिली है।

📌 रुपये की गिरावट का असर
💥 आयात महंगा
why rupee is falling : कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आयात पर खर्च बढ़ सकता है क्योंकि डॉलर महंगा हो गया है। इससे इन्फ्लेशन (महँगाई) पर दबाव बढ़ सकता है।
✈️ विदेश यात्रा और शिक्षा महंगी
विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल खर्च जैसे डॉलर पर निर्भर खर्चों के लिए रुपये ज्यादा देना पड़ सकता है।
🏭 व्यापार पर असर
निर्यातकों को कुछ फायदा हो सकता है क्योंकि रुपये की कम कीमत उन्हें डॉलर में अधिक राजस्व देती है, लेकिन आयातक कंपनियों के लिए लागत बढ़ सकती है।
🔎 फॉरेक्स मार्केट में रूसी/USD-INR के पिछले रिकॉर्ड
- USD INR forecast : दिसंबर की शुरुआत में रुपया पहले ₹90 के पार गया था और फिर नए सर्वकालिक निचले स्तर 90.78 तक पहुँचा था।
- अब यह 91.07 प्रति डॉलर के स्तर तक गिर चुका है, जो कि हाल का रिकॉर्ड है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर फिलहाल विदेशी निवेश बहिर्गमन और व्यापार वार्ता की अनिश्चितता समाप्त नहीं होती है, तो यह रेट और कमजोर हो सकता है।
❓ आम तौर पर पूछे जा रहे प्रश्न और उनके उत्तर
USD INR today क्या है?
आज डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, लगभग ₹91.07 प्रति USD के आसपास।
रुपया गिरने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण हैं — विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं, व्यापार सौदे की अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और व्यापार घाटा।
क्या RBI इससे रोक लगा सकता है?
Reserve Bank of India (RBI) पहले विविध समय पर डॉलर बेचना या हस्तक्षेप कर चुका है, लेकिन गिरावट को तत्काल रोक पाना कठिन हो रहा है क्योंकि इसका असर वैश्विकऔर घरेलू दोनों कारणों से है।
क्या यह गिरावट आम जनता को प्रभावित करेगी?
हाँ, इससे आयात महंगा होगा, जिससे इन्फ्लेशन बढ़ सकता है और विदेश यात्रा/शिक्षा खर्च अधिक होगा।
