
venezuela : दक्षिण अमेरिका में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार देर रात अमेरिका ने वेनेजुएला पर सीधा सैन्य हमला करते हुए राजधानी काराकस सहित 4 प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना की ओर से किए गए इन एयर और मिसाइल स्ट्राइक्स में वेनेजुएला के कई अहम सैन्य ठिकानों (Military Installations) को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
venezuela news : शनिवार को वेनेजुएला में कम से कम 7 जबरदस्त विस्फोट दर्ज किए गए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि उनकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोटों के बाद राजधानी काराकस और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
काराकस समेत 4 शहर बने निशाना
अमेरिका ने जिन शहरों पर हमला किया, उनमें—
- काराकस (Caracas)
- मिरांडा (Miranda)
- अरागुआ (Aragua)
- ला ग्वायरा (La Guaira)
शामिल हैं। इन क्षेत्रों में स्थित मिलिट्री बेस, एयर डिफेंस सिस्टम और रणनीतिक ठिकानों पर कुल 7 हवाई हमले (Air Strikes) किए गए।
रात 2 बजे हुआ पहला हमला
us attacks venezuela : स्थानीय समय के अनुसार पहला हमला रात करीब 2 बजे हुआ। अमेरिकी मीडिया आउटलेट CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वेनेजुएला के भीतर सैन्य ठिकानों और कुछ “High-Value Targets” पर कार्रवाई का आदेश दिया था।
वायरल वीडियो में दिखे फाइटर जेट्स
caracas : हमले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें करीब 10 फाइटर जेट्स शहर के ऊपर कम ऊंचाई (Low Altitude) पर उड़ते हुए नजर आ रहे हैं। Reuters के अनुसार, धमाकों के बाद कई इलाकों में तेज आवाजें सुनाई दीं, जबकि एक बड़े सैन्य अड्डे के पास स्थित दक्षिणी हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
राष्ट्रपति मादुरो का सख्त बयान, देशभर में इमरजेंसी
venezuela country : हमले के तुरंत बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशभर में इमरजेंसी (Emergency) लागू करने की घोषणा की।
मादुरो ने कहा—
“अमेरिका हमारे देश में तख्तापलट (Coup) की साजिश कर रहा है। उसका मकसद वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है। इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
नागरिक और सैन्य ठिकाने दोनों निशाने पर
वेनेजुएला सरकार के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कुछ नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है।
सरकार ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून (International Law) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।

हमलों के बाद हालात: 6 तस्वीरों में तबाही की झलक
- काराकस में धमाकों के बाद धुएं का विशाल गुबार आसमान में छा गया
- फाइटर जेट्स शहर के ऊपर मंडराते नजर आए
- धमाकों की आवाज सुनकर लोग सड़कों पर जान बचाकर भागते दिखे
- ला कार्लोटा एयरपोर्ट के पास भी बमबारी की पुष्टि
- ला ग्वायरा और मिरांडा के तटीय इलाकों में विस्फोटों की आवाजें
- कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट और संचार व्यवस्था प्रभावित
राष्ट्रपति मादुरो बोले – जवाब जरूर देंगे
मादुरो ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वेनेजुएला की सेना और जनता किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का डटकर सामना करेगी।
कोलंबिया के राष्ट्रपति का अलर्ट
पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा—
“इस वक्त काराकस पर बमबारी हो रही है, पूरी दुनिया को सतर्क रहने की जरूरत है।”
उन्होंने भी UN से जांच की मांग की।
ट्रम्प का पुराना बयान फिर चर्चा में
ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े नौसैनिक बेड़े (Naval Fleet) से घेर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह घेराबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक वेनेजुएला “अमेरिका से छीनी गई संपत्तियां” वापस नहीं करता।
5 अमेरिकी नागरिक हिरासत में
हमलों के बाद वेनेजुएला ने 5 अमेरिकी मूल के नागरिकों को हिरासत में लिया है। New York Times के अनुसार, इनमें से कुछ गिरफ्तारियां विवादित मानी जा रही हैं।
तेल, सत्ता और टकराव की जड़
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-वेनेजुएला विवाद की जड़ तेल (Oil), गैस और खनिज संसाधन हैं। 1976 में वेनेजुएला ने अपने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण (Nationalization) कर दिया था, जिससे अमेरिकी कंपनियों का सीधा नियंत्रण खत्म हो गया। अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच टकराव खुले सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है।
