Skip to content
March 10, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • वेब स्टोरी
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • Privacy Policy
  • दिन विशेष

Women’s Day 2025 : अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के पीछे की दिलचस्प कहानी | international women’s day

Laxman Singh Rathor March 4, 2025 1 minute read

Women’s Day 2025 : चार साल की गुड़िया, फटे कपड़ों में कूड़े के ढेर से रोटी का टुकड़ा तलाश रही थी। उसकी मासूम आँखों में भूख और बेबसी साफ झलक रही थी। तभी पास से गुजरते आदमी की गंदी नजरें उस पर ठहर गईं। उसने सहमते हुए अपनी माँ की तरफ देखा, जो खुद दर्द और लाचारी में घिरी थी। “माँ, मैं भी स्कूल जाऊँगी?” उसने कांपती आवाज में पूछा। माँ की आँखों में आंसू भर आए, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। क्योंकि वह जानती थी—इस समाज में बेटी होना ही सबसे बड़ा अभिशाप है।

बड़ा सवाल – बेटी बची ही नहीं, तो सशक्तिकरण किसका?

भारत में महिलाओं की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। एक ओर वे अंतरिक्ष तक पहुँच रही हैं, तो दूसरी ओर दहेज, घरेलू हिंसा, बलात्कार और भ्रूण हत्या की शिकार हो रही हैं। सरकार ने कई कानून और योजनाएँ बनाई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी भयावह है।

भारत में हर 16 मिनट में एक बलात्कार होता है। हर घंटे तीन दहेज हत्याएँ होती हैं। कार्यस्थल से लेकर घर तक, महिलाएँ असुरक्षित हैं।

womens day : सुरक्षा और बदलाव की जरूरत

international women day wishes : महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कठोर कानून, सामाजिक जागरूकता और पुरुषों की मानसिकता में बदलाव जरूरी है। वरना हर गुड़िया इसी तरह भूखी, डरी और असुरक्षित रहेगी।

international women’s day 2025

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने, लैंगिक समानता की आवश्यकता पर जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान को उजागर करने के साथ-साथ उनके अधिकारों की सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करने की दिशा में कार्य करने का संदेश देता है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्षों, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक है। 2025 की थीम ‘Accelerate Action’ हमें यह याद दिलाती है कि महिलाओं की प्रगति के लिए हमें तुरंत और प्रभावी कदम उठाने होंगे। समाज को अधिक समावेशी और समानता आधारित बनाने के लिए महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और अवसरों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

महिला दिवस 2025 की थीम: ‘एक्सीलरेट एक्शन’

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम ‘Accelerate Action’ यानी ‘कार्रवाई को तेज करें’ रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य उन रणनीतियों, संसाधनों और गतिविधियों को पहचानना और बढ़ावा देना है, जो महिलाओं की उन्नति में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यह एक वैश्विक आह्वान है कि महिलाओं के विकास के लिए जरूरी उपायों को तेजी से लागू किया जाए, ताकि वे समाज में अधिक सशक्त भूमिका निभा सकें।

महिला दिवस का इतिहास: कैसे हुई इसकी शुरुआत?

संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में आधिकारिक रूप से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी थी, लेकिन इसकी शुरुआत 1911 में हुई थी। पहली बार 19 मार्च 1911 को अमेरिका और यूरोप के कई देशों में इस दिन को मनाया गया था।

इस दिवस की जड़ें 1908 के श्रमिक आंदोलन से जुड़ी हुई हैं, जब न्यूयॉर्क में हजारों महिला परिधान श्रमिकों ने बेहतर वेतन, कम कार्य घंटे और मतदान के अधिकार की मांग करते हुए रैलियां निकाली थीं। इस आंदोलन को अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने समर्थन दिया था और यहीं से महिला दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। धीरे-धीरे यह आंदोलन विश्वव्यापी मंच पर पहुंचा और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

महिला दिवस का महत्व: क्यों जरूरी है इसे मनाना?

महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी समानता की दिशा में की जा रही प्रगति का आकलन करने का अवसर भी है। यह दिन विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को स्वीकार करता है और लैंगिक भेदभाव, असमान वेतन, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और सामाजिक पूर्वाग्रहों जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करता है।

Google Pay Loan : घर बैठे पाएं गूगल पे से ₹50,000 तक का लोन, जानें पूरी प्रक्रिया | Instant Loan

महिला दिवस के महत्व को दर्शाने वाले प्रमुख बिंदु:

  1. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना – यह दिन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
  2. लैंगिक समानता पर जोर – समाज में महिलाओं और पुरुषों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
  3. महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान – यह दिन उन महिलाओं को पहचान देने का अवसर है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
  4. भविष्य की पीढ़ी को प्रेरित करना – महिला दिवस लड़कियों और महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।

दुनिया में महिला सशक्तिकरण की स्थिति

हाल के वर्षों में महिलाओं ने शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल, और कॉर्पोरेट जगत में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, लेकिन अब भी कई देशों में महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, नौकरी के अवसर और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी अभी भी कई जगह सीमित है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठन महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ‘Accelerate Action’ जैसी थीम इसी दिशा में उठाए गए प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता को उजागर करती है।

कैसे मना सकते हैं महिला दिवस?

  • महिला केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन करें, जिसमें महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर किया जाए।
  • सोशल मीडिया पर महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियां साझा करें, जिससे समाज में जागरूकता बढ़े।
  • शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर कार्यशालाओं का आयोजन करें, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिले।
  • कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करें, जैसे कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसर प्रदान करना।
This image has an empty alt attribute; its file name is Jaivardhan-News-Whatsapp-Channel-01-1024x116.jpg

भारत में महिलाओं के हालात की कहानी

भारत में महिलाओं की स्थिति सदियों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलती रही है। प्राचीन काल में महिलाएं सम्मानित और शक्तिशाली थीं, लेकिन मध्यकाल में उनकी स्थिति कमजोर हो गई। आधुनिक भारत में, महिलाओं ने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब भी वे कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक कानून और योजनाएं बनाई हैं, ताकि वे सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सकें।

आज भारत में महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अंतरिक्ष यात्री, वैज्ञानिक और उद्योगपति के रूप में महिलाओं ने दुनिया को दिखाया है कि वे किसी से कम नहीं हैं। हालांकि, सामाजिक असमानता, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव और असुरक्षा जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

महिलाओं के लिए कानून और सुरक्षा उपाय

महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. दहेज प्रतिषेध अधिनियम (1961) – दहेज लेना और देना दोनों अपराध हैं।
  2. महिला आरक्षण विधेयक (2023) – संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव।
  3. घरेलू हिंसा अधिनियम (2005) – महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा प्रदान करता है।
  4. यौन उत्पीड़न अधिनियम (2013) – कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।
  5. बलात्कार विरोधी कानून (संशोधन 2013) – महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान।
  6. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना (2015) – बालिकाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू की गई योजना।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकारी योजनाएं

महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं:

  1. उज्ज्वला योजना – गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान करना।
  2. सुकन्या समृद्धि योजना – बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत योजना।
  3. महिला हेल्पलाइन 181 – संकटग्रस्त महिलाओं के लिए 24/7 सहायता सेवा।
  4. स्वाधार गृह योजना – जरूरतमंद महिलाओं को आश्रय और पुनर्वास प्रदान करना।
  5. स्टैंड अप इंडिया योजना – महिलाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता देना।

महिला स्वतंत्रता और सफलता की कहानियां

आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं।

  • कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स – अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की महिलाएं।
  • मैरी कॉम और पी.वी. सिंधु – खेल जगत में भारत का नाम रोशन करने वाली महिलाएं।
  • न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना – भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की राह पर।
  • फाल्गुनी नायर (Nykaa) और किरण मजूमदार शॉ (Biocon) – बिजनेस की दुनिया में सफल महिलाएं।

महिलाओं की सुरक्षा और चुनौतियां

हालांकि, महिलाओं की सफलता और कानूनों के बावजूद, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:

  1. लैंगिक भेदभाव – कार्यस्थल और समाज में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम अवसर मिलते हैं।
  2. घरेलू हिंसा – कई महिलाओं को घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
  3. कार्यस्थल पर असमानता – समान कार्य के लिए वेतन में असमानता अब भी बनी हुई है।
  4. महिला सुरक्षा – भारत में महिला सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर।
This image has an empty alt attribute; its file name is Jaivardhan-News-Whatsapp-Channel-01-1024x116.jpg

भारत में महिला अपराध की स्थिति (2024)

नीचे दिए गए आंकड़े भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले प्रमुख अपराधों की स्थिति को दर्शाते हैं:

अपराध का प्रकारमामलों की संख्या (2023)प्रभाव
दुष्कर्म (रेप)31,000+महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर।
घरेलू हिंसा200,000+शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण।
दहेज हत्या7,000+विवाह के बाद महिलाओं की हत्या या आत्महत्या।
यौन उत्पीड़न (छेड़छाड़)50,000+महिलाओं की स्वतंत्रता पर बाधा।
मानव तस्करी6,500+महिलाओं को जबरन श्रम और देह व्यापार में धकेला जाता है।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न15,000+महिलाओं के करियर और आत्मसम्मान पर असर।

महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी एक गंभीर समस्या है। कड़े कानूनों और सामाजिक जागरूकता की जरूरत है, ताकि महिलाएं सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

Rajasthan Mukhyamantri kanyadan Scheme : राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता पाएं, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता जानें!

दुनिया में महिला अपराध और मौजूदा हालात

महिलाओं के खिलाफ अपराध केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक वैश्विक समस्या है। दुनिया भर में महिलाएं घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, वेतन असमानता और कार्यस्थल पर भेदभाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हर तीन में से एक महिला अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में हिंसा का शिकार होती है।

हालांकि दुनिया भर में महिला सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए गए हैं, फिर भी महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता और सुरक्षा दिलाने के लिए सामाजिक बदलाव, कड़े कानून और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

महिला अपराध की वैश्विक स्थिति:

  • दुष्कर्म और यौन हिंसा: अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों में यौन अपराधों की उच्च दर देखी जाती है।
  • मानव तस्करी: दुनिया में 70% से अधिक मानव तस्करी पीड़ित महिलाएं और लड़कियां होती हैं, जिन्हें जबरन श्रम और वेश्यावृत्ति में धकेला जाता है।
  • घरेलू हिंसा: यूरोप और एशिया में बड़ी संख्या में महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं, खासकर लॉकडाउन के दौरान इस समस्या में वृद्धि हुई।

महिला सुरक्षा के लिए वैश्विक उपाय:

  • संयुक्त राष्ट्र ने CEDAW (Convention on the Elimination of All Forms of Discrimination Against Women) और UN Women जैसी संस्थाओं की स्थापना की।
  • कई देशों ने सख्त कानून और आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाएं लागू की हैं।
  • #MeToo आंदोलन ने महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न को उजागर कर वैश्विक जागरूकता बढ़ाई।

इस तरह करें महिला की मदद, मिलेगा पुण्य

happy women’s day wishes : महिलाओं से संबंधित राजस्थान सरकार और भारत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें, देखिए महिलाओं के लिए सरकार द्वारा ढेर सारी योजनाएं चला रखी है, मगर आप इसके बारे में जानते हैं या नहीं। इस महिला दिवस पर महिलाओं से संबंधित योजनाओं से आमजन को रूबरू कराएं, ताकि 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना सार्थक हो जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 20 प्रेरणादायक कोट्स

  • “नारी केवल शक्ति नहीं, स्नेह और ममता की मूरत भी है।”
  • “जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है।” – मनुस्मृति
  • “एक शिक्षित महिला, पूरे समाज को शिक्षित कर सकती है।”
  • “नारी सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकार पाना नहीं, बल्कि अपने सपनों को खुलकर जीना है।”
  • “महिलाएँ कमजोर नहीं होतीं, उन्हें बस अवसरों की जरूरत होती है।”
  • “जिस घर में नारी का सम्मान नहीं, वहाँ खुशहाली नहीं रह सकती।”
  • “महिला दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन महिलाओं का सम्मान होना चाहिए।”
  • “नारी वो शक्ति है, जो अंधेरे को रोशनी में बदल सकती है।”
  • “एक महिला खुद में एक सशक्त समाज की नींव रखती है।”
  • “महिलाओं को आदर देना ही सच्चा पुरुषार्थ है।”
  • “जो नारी का सम्मान नहीं करता, वह कभी सफल नहीं हो सकता।”
  • “नारी के बिना सृष्टि अधूरी है।”
  • “सशक्त नारी, सशक्त समाज की पहचान है।”
  • “हर महिला में एक अदृश्य शक्ति होती है, बस उसे पहचानने की देर होती है।”
  • “नारी कोमल हो सकती है, लेकिन कमजोर नहीं।”
  • “अगर एक पुरुष शिक्षित होता है, तो केवल वही शिक्षित होता है, लेकिन जब एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।”
  • “महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक क्रांति है।”
  • “नारी बिना समाज अधूरा है, उसकी आवाज को दबाना नहीं, बल्कि उसे सुनना चाहिए।”
  • “अपने हौसले से दुनिया को बदलने का माद्दा रखती है एक सशक्त महिला।”
  • “महिलाएँ किसी से कम नहीं, वे खुद अपनी तक़दीर की रचयिता हैं।”

महिला दिवस की प्रेरणास्पद कोट्स : happy women’s day quotes

  1. नारी है शक्ति, नारी ही पहचान,
    नारी से रोशन यह सारा जहान।
  2. हर रूप में नारी पूजनीय है,
    प्रेम, शक्ति और त्याग की जीवनीय है।
  3. बेटी, बहन, माँ का है सम्मान,
    नारी के बिना अधूरा हर इंसान।
  4. जो नारी का करे सम्मान,
    वही है सच्चा इंसान।
  5. नारी नहीं है अबला, वह है सबला,
    हर मुश्किल को बना दे सरल सा।
  6. जहाँ नारी को मिले अधिकार,
    वहीं होता है उज्ज्वल संसार।
  7. सम्मान करो नारी का, यही है नारा,
    उसके बिना सूनापन हर सहारा।
  8. हर क्षेत्र में नारी बढ़ाए कदम,
    अब वह नहीं किसी से कम।
  9. नारी का सम्मान, जग का सम्मान,
    इससे ही बनेगा भारत महान।
  10. महिला दिवस पर यही पैगाम,
    नारी को दो स्नेह और सम्मान।

About the Author

Laxman Singh Rathor

Administrator

Laxman Singh Rathor को पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक का लंबा अनुभव है। 2005 में Dainik Bhakar से कॅरियर की शुरुआत कर बतौर Sub Editor कार्य किया। वर्ष 2012 से 2019 तक Rajasthan Patrika में Sub Editor, Crime Reporter और Patrika TV में Reporter के रूप में कार्य किया। डिजिटल मीडिया www.patrika.com पर भी 2 वर्ष कार्य किया। वर्ष 2020 से 2 वर्ष Zee News में राजसमंद जिला संवाददाता रहा। आज ETV Bharat और Jaivardhan News वेब पोर्टल में अपने अनुभव और ज्ञान से आमजन के दिल में बसे हैं। लक्ष्मण सिंह राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खबरों की दुनिया में एक ब्रांड हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पाठक व दर्शकों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें पत्रकारिता का चमकदार सितारा बना दिया है। jaivardhanpatrika@gmail.com

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 429

Post navigation

Previous: Mosam : राजस्थान में बारिश, बदलेगा मौसम और ओले क भी अलर्ट, जानिए कब तक असर | Rain Alert
Next: Gold Price Today : भारत में आज क्या है सोने और चांदी के दाम ? कैरेट के हिसाब से देखिए लेटेस्ट कीमत

Related Stories

international women’s day 2026
  • दिन विशेष

international women’s day 2026 : 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानिए इस दिन का इतिहास

Parmeshwar Singh Chundwat March 8, 2026
kharmas 2026 start date
  • दिन विशेष

kharmas 2026 start date : खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 काम, जानें कब से शुरू होगा अशुभ समय

Parmeshwar Singh Chundwat March 7, 2026
Unique Holi tradition
  • अजब गजब
  • दिन विशेष

Unique Holi tradition : इन गांवों में 150 साल से नहीं खेली होली, रंग डालना मानते हैं श्राप | Holi Festival 2026

Laxman Singh Rathor March 5, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

This error message is only visible to WordPress admins

Cannot collect videos from this channel. Please make sure this is a valid channel ID.

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram